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Wednesday, 25 October 2017

ईमानदार और पारदर्शी सरकार में भरोसे के लिए धन्यवाद...


माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार सफलतापूर्वक आज अपने तीन साल पूरे कर रही है। भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते इस बारे में अपनी बात कहने से पहले हरियाणा की जनता का सरकार में विश्वास व्यक्त करने के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद। पार्टी और सरकार के प्रति जनता का यह विश्वास इसी प्रकार बना रहे, ऐसी ईश्वर से कामना है। भरोसा है।

यह बात मैं पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ कह रहा हूं कि हरियाणा के गठन के बाद यह पहली ऐसी सरकार है जो पूरी तरह पारदर्शी है और ईमानदारी से अपना काम कर रही है। इस दौरान सरकार पर या सरकार के मुखिया पर भ्रष्टाचार का कोई भी दाग न लगना सरकार के कामकाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह बात प्रदेश का हर आदमी जानता है। समस्याओं का समाधान करते हुए प्रदेश को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाना सरकार की सोच और प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। यही कारण है कि प्रदेश के हर कोने में आज विकास की रोशनी पहुंच रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाना सरकार का लक्ष्य है और सरकार इस लक्ष्य को पूरा भी कर रही है।

मुख्यमंत्री इस बात को स्पष्ट कहते हैं कि गांव और शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत और विकसित किए बिना न तो बुनियादी जरुरतों को पूरा किया जा सकता है और न विकास के लक्ष्य को। सरकार का इस पर पूरा ध्यान केंद्रित है। प्रदेश के किसी भी कोने में जाकर बिजली, पानी, सडक़, सीवर,शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन के कार्यों में इसे देखा जा सकता है। यह पहली ऐसी सरकार है जो विकास को थोपने की बजाय क्षेत्र और लोगों की मांग और जरुरतों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। प्रदेश के हर आदमी की बात सरकार में सुनी जा रही है। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सीएम विंडो पर आ रही समस्याएं और शिकायतें जनता का सरकार में व्यक्त विश्वास का सबूत है। पहले की तानाशाह सरकारों में तो लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें तक नहीं रख पाते थे। बिना भेदभाव के एक समान विकास के काम कराना इस सरकार की पहचान बन गई है। विपक्ष को आज सरकार की यही बात नहीं पच रही है।

इस सरकार के कार्य, विकास और उपलब्धियों की चर्चा और लिखने में कई पन्ने भर जाएंगे, लेकिन मैं दो कामों की चर्चा जरूर करूंगा। पहला, स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योगयता निर्धारित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य इसी सरकार में बना है। इसे मैं सरकार का बहुत ही साहसिक फैसला मानता हूं। यह देश के अन्य राज्यों के लिए एक नजीर बन गया है। दूसरा, जिला परिषदें अब अपना बजट खुद पारित कर सकेंगी। ऐसा करने से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान और विकास का काम कराने में जिला परिषदों को अब धन की कमी आड़े नहीं आएगी।

एक बात और। प्रदेश में लडक़े-लड़कियों के गिरते लिंगानुपात का स्तर इसी सरकार के शासन के बीते तीन साल में तेजी से सुधरा है। यह सरकार के कार्य और फैंसलों पर समाज की मुहर है। अब घर में लडक़ी पैदा होना बुरा नहीं माना जाता। लडक़ी पैदा होने पर अब घरों में खुशी मनाई जाती है। मिठाई खिलाई जाती है।


सरकार की नई बनी खेल नीति ने खिलाडिय़ों को खेलों में अपना बेहतर कैरियर बनाने और आगे बढऩे का स्वर्णिम अवसर मुहैया कराया है। लोग अपने बच्चों को आज खेलों में आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार की नीतियों का ही नतीजा है खासकर रोजगार के क्षेत्र में कि युवा अपनी पढ़ाई के दौरान और पढ़ाई के बाद स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। जिससे चौतरफा रोजगार का माहौल बन रहा है। पर्यटन इसके लिए नया क्षेत्र उभरकर सामने आया है।

(मनीष यादव)
प्रदेशाध्यक्ष, भाजयुमो हरियाणा

Thursday, 25 May 2017

गर्व करने के तीन साल. देश दीवाना मोदी का...


लगभग 6 दशक बाद सन 2014 में केंद्र में पूर्ण बहुमत के साथ बनी भाजपानीत एनडीए की सरकार को बने आज 26 मई को 3 साल पूरे हो गए. भारतीय जनता पार्टी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ काम के प्रति अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ देश को बदलाव के रास्ते पर आगे ले जा रहे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने इन बीते 3 वर्षों में उन कार्यों पर ध्यान केन्द्रित कर नीति और कार्यक्रम बनाते हुए फैंसले लिए है, जिससे आज सामान्य जन की जिन्दगी में आया बदलाव साफ दिखाई देता है. सरकार और सरकार के किसी भी नुमाइंदे पर भ्रष्टाचार का कोई भी धब्बा न लगना सरकार की श्रेष्ठ उपलब्धियों में से जहां सबसे ऊपर रखी जाएगी. वहीं, कार्यों को लेकर बदली कार्यसंस्कृति से सरकार में बैठे छोटे-बड़े सभी लोगों में काम करते हुए आगे बढ़ने की प्रतिस्पर्धा साफ़ दिखाई देती है. देश की यह पहली सरकार है जिसे हम नतीजा देने वाली सरकार कह सकते हैं. यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में देश के करोड़ों-करोड़ों लोगों के किए गए भरोसे के निवेश को दर्शाता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की नीतियों को आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार काम करते हुए आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी सहायक सिद्ध हो रही है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अमित शाह जी ने हाल ही में टीवी चैनलों को दिए अपने इंटरव्यू में बहुत प्रेरक बात कही है कि भारतीय जनता पार्टी देश में सरकार चलाने के लिए नहीं, देश चलाने के लिए काम कर रही है. जिससे आज देशभर में चौतरफा काम करने का माहौल बना हुआ है. ऐसा हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरक संदेशों और काम करने के तरीको और लिए जा रहे फैंसलों से हुआ है. यही कारण है कि सकारात्मक उर्जा से लबरेज़ देश की नौजवान पीढ़ी अपने नए आईडिया से काम करते हुए देश और दुनिया को अचरज में डाल रही है. देश की 125 करोड़ की आबादी से भी अधिक लोगों के मिले भरोसे से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश और जनहित में निर्णायक फैंसला लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे फैंसलों पर देश की जनता अपने भरोसे की मुहर भी लगाती जा रही है. ऐसे फैंसलों में बीते महीनों लिया गया नोटबंदी का फैंसला मुख्य रूप से सामने रखा जा सकता है. वहीं, देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा से कोई भी समझौता न करना सरकार की पहचान और ताकत बन गई है. पड़ोसी पाकिस्तान देश में घुसकर आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और छत्तीसगढ़ व झारखण्ड में नक्सलियों को ठिकाने लगाना सरकार का साहसिक कदम कहा जा सकता है. भारतीय सेना ने जिस प्रकार सफलतापूर्वक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, उसके लिए उसकी जितनी प्रशंसा की जाएं वह कम है. यह भारतीय सेना की पहचान है. ताकत है.


मुझे आपके सामने यह बात कहते हुए काफी गर्व और ख़ुशी की अनुभूति हो रही है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्तर पर लांच की गई मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजना से जुड़कर और काम कर देश नए भारत के निर्माण के लिए न सिर्फ पूर्ण रूप से तैयार हो गया, बल्कि वह आगे भी बढ़ चला है. जिसे माननीय प्रधानमंत्री जी ने न्यू इंडिया विज़न का नाम दिया है. आज तकनीक किस प्रकार हमारे जीवन को बदल रही है उसे समय रहते समझते हुए डिजिटल इंडिया का जो कांसेप्ट हमें मिला है उसने युवा पीढ़ी को तो एक प्रकार से दीवाना बना दिया है. आज कोई भी काम हो उसमें हमारे देश की नौजवान पीढ़ी की यह दीवानगी देखी जा सकती है. हमारी यही पीढ़ी है जो अपने से अधिक उम्र के लोगों को इस क्षेत्र में तकनीक के स्तर पर शिक्षित कर उसे बनते नए भारत की मुख्यधारा में लाने का काम कर रही है. यहां मैं स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया का भी जिक्र करना जरुरी समझता हूँ. प्रधानमंत्री जी की उज्ज्वला योजना ने तो एक प्रकार से देश की करोड़ों गृहणियों की जिन्दगी में उजाला ला दिया. अब से पहले हमारी गृहणियों को खाना बनाते समय जहां लकड़ियों और कोयले की धुआं से अपना स्वास्थ्य दाँव पर लगाना पड़ता था वहीं, आज ऐसी गृहणियों को सरकार ने गैस सिलेंडर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य बचा लिया. इस बीच पहल योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर पर उपभोक्ताओं की मिलने वाली सब्सिडी उनके बैंक खाते में सीधी ट्रान्सफर करने का ऐतिहासिक काम सरकार ने किया है. सरकार के इस निर्णय और काम से पहले इस काम में भ्रष्टाचार का जो नाला बह रहा था उसे हमेशा के लिए खत्म कर देने का काम भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने किया है. ‘एक देश – एक कर’ लाने वाली यह पहली सरकार है. जिसे जीएसटी का नाम दिया गया है. इस जीएसटी के अस्तित्व में आने से पहले देश के लोगों को कई तरह के करों का बोझ उठाना पड़ रहा था जो उनके लिए असहनीय हो गया था. मैं कहता हूँ कि इस सरकार का आप कोई भी काम उठाकर देख लें वह अपने नतीजों से सामान्य जन की जिन्दगी में बदलाव लाने वाला कारक साबित हो रहा है. प्रकाश पथ योजना के जरिए आज देश का वह कोना भी एलईडी बल्ब से जगमगा रहा है जहां देश की आज़ादी के 60 साल बाद भी रोशनी का एक कतरा तक उनके नसीब में नहीं था. इस बीच कितनी ही सरकार आई और चली गई. संक्षेप में कहूं तो केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्किल इंडिया, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ जैसी और भी कई योजनाएं हैं जिन्होंने सरकार के सफलतापूर्वक किए जा रहे कार्यों के बीते तीन वर्षों में अपना प्रभाव छोड़ा है. लोगों में उम्मीद जताई है. भरोसा पैदा किया है. यहाँ मैं सरकार की वन रैंक वन पेंशन योजना का भी जिक्र करना चाहूँगा. जिससे वर्षों से चली आ रही हमारे पूर्व सैनिकों की मांग को मान लिया है. सचमुच माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में केंद्र में काम कर रही एनडीए की सरकार के बीते तीन साल पर हम गर्व कर सकते हैं. हालांकि अभी बहुत काम करना बाकी है, प्रधानमंत्री जी की नीतियों, कार्यक्रमों और विकास की योजनाओं पर होने वाले कार्यों को लेकर देश की जनता ने जो धैर्य दिखाया है और भरोसा इस बात का जताया है कि हां, प्रधानमंत्री जी ने जो कहा है वह वे करेंगे. एक प्रकार से कहे तो देश आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का दीवाना हो चला है. उनकी दीवानगी देश के जन-जन के मुंह से सुनी जा सकती है. यह मैं ही नहीं कह रहा हूँ, देश का कोई भी अखबार हो या न्यूज़ चैनल जनता के बीच किए गए अपने सर्वे में सब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्य पर मुहर लगा रहे हैं. 

Sunday, 5 February 2017

ग्रामीण विकास के लिए सरकार की नीति और कार्यकर्मों से जुड़ें


हमेशा यह एक सवाल बना रहता है कि खासकर गांवों की समस्याओं के समाधान और विकास के लिए मिलने वाले बजट का सदुपयोग नहीं हो पाता है. जिससे आज भी हमारी गाँव की समस्याएं और विकास के संबंध में कोई खास फर्क दिखाई नहीं देता है. कह सकते हैं कि समस्याएं जस की तस बनी रहती है. बावज़ूद इसके कि सरकारें बदल जाती है, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बदल जाते हैं, सरपंच बदल जाते हैं, पंच बदल जाते हैं. आखिर क्या कारण है ? इस कारण को जब तक हम नहीं जानेंगे, समाधान की ओर नहीं बढ़ पाएंगे. इसके लिए जरुरी है कि हम केंद्र और राज्य सरकार के बजट को समझें. योजनाओं को समझें. कार्यक्रमों को समझें और अब तो अच्छी बात यह हुई है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला परिषदों को भी अपना बजट पेश करने का अधिकार दे दिया है. यह मान लीजिए कि अगर हमें गांवों की समस्याओं का समाधान करना है, सर्वांगींण विकास कर उन्हें बदलाव के रास्ते पर आगे लेकर जाना है तो हमें नीतियों से कार्यक्रमों से जुड़ना होगा. न सिर्फ जुड़ना होगा बल्कि उन्हें प्रत्येक ग्रामीण जन को भी बताना होगा. जिससे वे यह जान सकें कि उनके गाँव में क्या नया होने जा रहा है. जब यह काम गाँव का मुखिया, पंच, सरपंच या अन्य जनप्रतिनिधि नहीं करता है तो फिर यह जिम्मेदारी सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता की बन जाती है. आज केंद्र में और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं. जिन्होंने गांवों की समस्या का समाधान कर उन्हें विकास के रास्ते पर आगे लाने का काम हाथ में लिया है. जिससे गांवों में बदलाव होता दिखाई दे रहा है लेकिन हमें इतने भर से संतुष्ट होकर नहीं बैठ जाना है. भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जो गांवों में बूथ स्तर तक का काम संभाले हुए हैं वे इस काम में अपनी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जिससे लोगों के बीच संगठन का प्रचार-प्रसार होगा, मजबूती मिलेगी वहीँ सरकार की विकासपरक योजनाएं और समस्याओं के समाधान के कार्यक्रम अपने उद्देश्य तक भी पहुंचेंगे. चाहे वह बिजली, पानी, सड़क, सीवर का काम हो, स्कूल, अस्पतालों का काम हो, युवाओं के रोज़गार संबंधी मसले हो, परिवहन की दिक्कत हो, सभी में काम होता दिखाई देगा. सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारी काम के लिए प्रेरित होंगे. यह कार्यकर्ताओं की सज़गता और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा से होता है. जिससे सरकार की भी काम करने की दृढ़ इच्छाशक्ति पैदा होती है. चूंकि भारत आज नौजवानों का देश बन रहा है. गांवों में भी असंख्य नौजवान आगे बढ़ने के सपने देख रहे हैं. लेकिन उन्हें उन सपनों को पूरा करने वाला सहकर्मी नहीं मिल रहा. भारतीय जनता युवा मोर्चा ऐसे युवाओं के लिए ही काम कर रहा है. ऐसे युवाओं से मोर्चा के कार्यकर्ता संवाद बनाएंगे, उनसे जुड़ेंगे तो संगठन की ताकत और काम करने की इच्छाशक्ति बढ़ती चली जाएगी, साथ ही संगठन को नए से नए काम करने के नए जुड़ने वाले युवाओं से आईडिया मिलेगा, विज़न मिलेगा. मोर्चा को यही चाहिए. यूं तो सरकार ने सांसद आदर्श ग्राम योजना मुख्य रूप से चला रखी है और सबसे बड़ी बात आज हरियाणा प्रदेश की हर पंचायत शिक्षित है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जितना काम होगा, उतनी ही सरकार की योजनाएं पूरी होंगी. उनके लिए निर्धारित बजट खर्च होगा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान जैसी महत्वपूर्ण और उपयोगी योजनाओं पर और तेजी से काम होना शुरू होगा. इसमें कोई शक नहीं कि हाल ही में गुरुग्राम में हुए हरियाणा प्रवासी दिवस समारोह और इससे पहले पिछले वर्ष हुए हैपनिंग हरियाणा कार्यक्रम के जरिए गांवों के विकास में निवेश करने का भी सरकार को एक नया रास्ता और विज़न मिला है. ऐसे में समस्याओं के समाधान और विकास के काम में सरकार का बजट खर्च हो, जिससे ग्रामीण जन लाभान्वित हो सकें, गाँव, देश और समाज के विकास की मुख्यधारा में आ सकें. जिसमें गांवों में रह रहे वृद्धजनों की हर प्रकार की देखभाल और उन्हें मिलने वृद्धावस्था पेंशन योजना उन तक पहुँच जाएं. 

Wednesday, 23 November 2016

नोटबंदी पर गुमराह करने वाले लोगों को बता दीजिए देश कमजोर नहीं है...


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के देश में नोटबंदी के फैंसले के बाद बैंकों के बाहर पैसे निकलवाने के लिए घंटो कतार में खड़े लोगों की अधीरता, बेसब्री को विपक्ष के लोग जिस प्रकार हवा दे रहे हैं, उसे लोगों को ही समझने की आज सबसे अधिक जरुरत है। जरुरत इसलिए कि उनकी यह स्थिति क्योंकर बनी? कौन है इसका जिम्मेदार? समय आ गया है ऐसे लोगों को, राजनैतिक दलों को, सरकारों को जानने का, समझने का, पहचानने का। जिन्होंने प्रधानमंत्री के एक फैंसले से पूरे भारत की अधीरता, बेसब्री और तात्कालिकता को सामने ला दिया। उजागर कर दिया। यह देश के लोगों की कमजोरी है। जिसे देश के लोगों को ही समझने की सबसे अधिक जरुरत है। आखिर ऐसी व्यवस्था कैसे विकसित हो गई, जिसमें बहुत से लोगों की जाने चली जाने की बात कही जा रही है। निश्चित रूप से यह सोचने, समझने, जानने का समय है कि कैसे एक राजनैतिक दल कांग्रेस जिसने देश पर छह दशक तक राज कर देश में जमाखोरी, कालाबाजारी, भ्रष्टाचार कर कालाधन जमा करने की प्रवृति को बढ़ावा देते हुए अपने काम से, व्यवहार से, नीतियों से, कार्यक्रमों से देश के लोगों को भ्रष्ट बना दिया। रिश्वतखोर बना दिया। जमाखोर बना दिया। कालाबाजारी करने वाला बना दिया। उससे लोगों चरित्र, मानसिकता, स्वभाव और काम करने व फैंसला लेने तक को प्रभावित कर दिया। कोई भी काम ईमानदारी से करना जैसे काम न होने की गारंटी बन गया। हम बेईमान और धूर्त होते चले गए। हर काम में शार्टकट अपनाना हमारे लिए जरुरी हो गया और इस सब में हम इतना आगे बढ़ गए कि हमें यह पता ही नहीं चला कि हम अंदर से कितने कमजोर हो गए। खासकर मानसिक स्तर पर। विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को इतना कमजोर होना चाहिए? वह देश जो आज वैश्विक स्तर के हर मंच पर मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अपने काम से। व्यवहार से। नीतियों से। कार्यक्रमो से। फैंसलों से। जिससे चहुंओर हमारी सराहना हो रही है। फिर हमारा पड़ोसी मुल्क चीन जहां बूढ़ा होता जा रहा है वहीं भारत जवान हो रहा है। देश के लिए यह स्थिति आगामी 30-35 वर्षों तक बनी रहेगी, जो हमारे लिए खुशी की बात है। फिर हम तेजी से काम करते हुए सबसे अधिक विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आ खड़े हुए हैं। दुनिया का हर देश आज हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है। काम करना चाहता है। जब स्थिति यह है तो हम क्यों भ्रष्ट होने का धब्बा हमारे माथे पर लगाएं। कालाबाजारी करें। रिश्वतखोर बनें? क्यों? क्या हम हमारी युवा पीढ़ी को ऐसा बनाना चाहते हैं? ऐसा भारत देश देना चाहते हैं? जबकि युवा पीढ़ी किसी भी राष्ट्र की मेरुदंड होती है। क्या इसे हम कमजोर कर दें? आखिर बीते लोकसभा चुनाव में श्री नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री के रूप में हमने इसीलिए चुना था न कि उनसे हमने देश से कालाधन समाप्त करने और विदेशों में जमा कालेधन को देश में लाने का वादा लिया था। ऐसे में वे इस पर निर्णायक फैंसला लेते हैं और स्थिति को ठीक करने के लिए कुछ दिन की मोहलत मांगते हैं तो फिर दिक्कत कहां है और क्यों है? इसे समझना होगा। क्या हम हमेशा शिकायत ही करते रहेंगे? समाधान की तरफ नहीं बढ़ेंगे? देश के प्रधानमंत्री ने नोटबंदी कर कालेधन, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ एक कदम आगे बढ़ाया है, जबकि इस सबके खिलाफ 125 करोड़ कदम आगे बढ़ाने की जरुरत है। ऐसे में देश-दुनिया और खासकर उन लोगों को जो प्रधानमंत्री के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं, उनके काम करने और निर्णय लेने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें शांत और धैर्य रखकर यह बता दीजिए कि यह बदलते और बदल गए भारत देश की ताकत है। जिसके बूते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश हित में, जनहित में एक के बाद एक फैंसले लेते जा रहे हैं। काम करते जा रहे हैं। इसीलिए वे कहते हैं कि आप चलें या न चलें---देश चल पड़ा है।

Monday, 31 October 2016

हम कामना करें म्हारा हरियाणा आगे बढ़े और बढ़ता ही जाए....


आज हरियाणा स्थापना के 50 साल पूरे हो रहे हैं। इन 50 सालों में हरियाणा ने कई उतार - चढ़ाव देखे हैं। आगे बढ़ने के तो कई मामलों में पीछे रह जाने के। जिनकी चर्चा हम आगे करेंगे। आज का यह दिन हरियाणवी होने का गर्व करने व हरियाणा को और आगे ले जाने का दिन है। ख़ुशी मनाने का दिन है। दिन इस बात का भी मनन करने का है कि हम हरियाणा को और बेहतर कैसे बना सकते हैं। उस स्थिति में जब कि हरियाणा ने वैश्विक स्तर पर लगभग प्रत्येक क्षेत्र में अव्वल रहने की अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। फिर चाहे वह क्षेत्र खेल का हो, शिक्षा का हो, विज्ञानं का हो, अंतरिक्ष का हो, उद्योग का हो। सभी में हरियाणा ने देश का परचम फहराया है। अपनी शुरुआत से ही हरियाणा मेहनतकश लोगों का प्रतिनिधित्व करता आया है। कृषि इस क्षेत्र की रीढ़ है तो कल कारखाने हरियाणा के विकास का चमकता हुआ चेहरा है। ऐसे में इस हरियाणा पर किसको गर्व नहीं होगा और कोई क्यों हरियाणा में नहीं रहना चाहेगा ? यहां के गबरू जवानों और पहलवानों की दुनिया भर में मिसाल दी जाती है। "देसां म्ह देस हरियाणा - जित  दूध -दही का खाणा" इस प्रदेश की पहचान है। देश की सीमा पर खड़ा लगभग हर दसवां जवान हरियाणा से है। हरियाणा का प्रमुख शहर गुरुग्राम आज अपने विकास और दुनियाभर की सभी प्रमुख आईटी कंपनियों का मुख्यालय होने के कारण लघु भारत का रूप ले चूका है। गुरुग्राम ही वह शहर है जहाँ दिल्ली के बाद मेट्रो ने सबसे पहले दस्तक दी है। यहाँ की लाइफस्टाइल और विकास की बन रही योजनाएं प्रदेश के अन्य सभी छोटे-बड़े शहरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। हरियाणा कई वर्षों बाद आज इस बात पर गर्व कर सकता है कि उसे भारतीय जनता पार्टी की टिकाऊ सरकार मिली है। ऐसा प्रदेश की जनता का भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति में अपने भरोसे के निवेश के चलते हो पाया है। हरियाणा आज आयाराम गयाराम की राजनीति को अलविदा कह चूका है जो कभी इस प्रदेश की राजनीति की पहचान हो गई थी। यहाँ यह कहना भी जरुरी हो जाता है कि कृषि प्रधान प्रदेश होने और सिर्फ दूध और बासमती चावल ही पैदा नहीं करता बल्कि देश में बनने वाली हर दूसरी कार हरियाणा में बनती है। देश का हर तीसरा टू व्हीलर और हर दूसरी क्रेन हरियाणा में बनती है। गुरुग्राम की आईटी, फरीदाबाद की लाइट इंजीनियरिंग, पानीपत के हैंडलूम, कम्बल, अम्बाला की साइंस उपकरण इंडस्ट्री और करनाल की डेयरी इंडस्ट्री इस प्रदेश की प्रमुख पहचान बताती है। इससे आगे थोड़ा सा हम सोचे तो "देसां म्ह देस हरियाणा - जित दूध दही का खाणा" जैसी पुरानी कहावत को बदलकर हरियाणा आज "देसां म्ह देस हरियाणा - जहाँ कदम-कदम पर कारखाना" में तब्दील हो रहा है। जिसके चलते आज दुनिया भर के देश हरियाणा में करोड़ों-अरबों रूपये का निवेश करने आ रहे हैं। जिससे हरियाणा देश का सबसे विकसित प्रदेश बन गया है। यही कारण है कि कृषि, खेल, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश में नई ऊंचाइयों को छूकर 50 साल में हरियाणा जवान हो गया है। खेल में क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान और एनसीआर में आईटी कंपनियों की विकास की रफ़्तार से प्रदेश ने नई उड़ान भरी है। कृषि डेयरी क्षेत्र की उपलब्धियां और राज्य में निवेशकों के रूझान ने नई ऊर्जा का संचार किया है। हरियाणा के पास आज गर्व करने के लिए सब कुछ है। जिनका नाम और उल्लेख करना शुरू करे तो लिखने को पन्ने कम पड़ जाएंगे। यह ऋषि मुनियों का प्रदेश है, पानीपत का युद्ध इसी प्रदेश में हुआ तो गीता का ज्ञान भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में दिया। महर्षि ऋषि की तपोभूमि इसी प्रदेश के नारनौल क्षेत्र में स्थित ढोसी के पहाड़ पर है। लेकिन इन सब उपलब्धियों पर गर्व करने के बावज़ूद हम जब महिलाओं और बच्चियों की स्थिति की ओर देखते है तो हमें इस क्षेत्र में बहुत अधिक काम करने की जरुरत है। फिर चाहे मामला उनको जन्म देने का हो, शिक्षा का हो, स्वास्थ्य का हो या उनके जीवन यापन का। हमें सभी क्षेत्रों में अधिक से अधिक काम करने की जरुरत है। मेरा यह स्पष्ट मानना है कि कोई भी देश हो या प्रदेश बिना आधी आबादी को साथ लिए आगे नहीं बढ़ सकता। ऐसे में आज एक नवंबर हरियाणा का दिन है। दिवस है। जिसे मनाने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सहित अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और भी बहुत अतिथि हरियाणा के गुरुग्राम में आ रहे हैं। इस अवसर पर सभी का स्वागत है, सत्कार है। 

Tuesday, 25 October 2016

जनता के भरोसे के साथ आगे बढ़ रही है हरियाणा सरकार...

हरियाणा की ढाई करोड़ जनता को साथ लेकर और साथ चलकर सफलतापूर्वक दो साल पूरे कर आज तीसरे साल में प्रवेश कर रही प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को बधाई। इस सरकार में जनता ने जिस प्रकार अपने भरोसे का निवेश किया है उसके लिए जनता का आभार। जनता इस बात के लिए निश्चिन्त रहे कि सरकार उसके इस भरोसे को टूटने नहीं देगी। "हरियाणा एक - हरियाणवी एक" का जो सूत्र और नारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया है वह हरियाणा प्रदेश की एकता, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव, सौहार्द के साथ विकास के रास्ते पर एक होकर आगे बढ़ने का है जिसे प्रदेश की जनता ने स्वीकार किया है। यह हरियाणा की ताकत को दर्शाता है। इसमें कोई शक नहीं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी सरकार को बहुत से काम करने है जिनका वादा जनता से किया हुआ है। आने वाले तीन सालों में सरकार अपने वादों को न सिर्फ पूरा करेगी बल्कि उन समस्याओं का भी समाधान करेगी जिसने हरियाणा को आज भी अपनी गिरफ्त में ले रखा है। हरियाणा आज इस बात पर गर्व कर सकता है कि उसके प्रदेश में आज पढ़ी-लिखी पंचायतों का गठन हो गया है और सरकार का प्रत्येक काम पारदर्शिता के साथ हो रहा है। जिसकी कभी भी, कोई भी तसदीक कर सकता है। यही  कारण है कि सरकार के दो साल के शासन में उस पर भ्रष्टाचार करने या काम में अनियमितता बरतने का आरोप लगा हो। यह सरकार की सफलता और विश्वसनीयता है। सरकार प्रदेश की समस्याओं का समाधान करने और विकास का चौतरफा माहौल बनाकर रोज़गार के नए-नए क्षेत्र विकसित  करने का जो काम कर रही है उससे विदेशी निवेशक आज हरियाणा में निवेश करने के लिए लाइन में खड़े हैं और निवेश कर रहे हैं। जिससे प्रदेश के युवाओं को आने वाले समय में नौकरी और रोज़गार की व्यवस्था बनेगी। इस बीच पिछले कई वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश को एक टिकाऊ सरकार मिली है। इस सरकार को लेकर विपक्ष भले ही कंफ्यूज हो, लेकिन जनता कंफ्यूज नहीं है। वह भाजपा के साथ है, सरकार के साथ है। विपक्ष को आज इसी बात का मलाल है, वह हताश है। यह समस्या विपक्ष की है, भाजपा की नहीं, सरकार की नहीं। प्रदेश में ऐसा भी पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल जी जनता से पूछ कर काम कर रहे हैं। इस संबंध में उनकी हर बात में एक ही सवाल होता है कि विकास के काम जनता की राय से किए जाए। मुख्यमंत्री की इस बात के लिए तारीफ करनी होगी कि आगामी एक नवम्बर को हरियाणा अपनी स्थापना के 50 साल पूरे करने पर स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। जिसका शुभारंभ करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी खुद गुरुग्राम आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस बारे में तारीफ़ इस बात की कि उन्होंने इस समारोह को मनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के राजनेता, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक तक को आमन्त्रित किया है, एक किया है। क्योंकि यह समारोह हरियाणा का है। प्रदेश की महिलाएं आज इस बात पर गर्व कर सकती है कि उनके साथ हो रहे किसी भी शोषण, अन्याय और अत्याचार की शिकायत करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महिला पुलिस थाने खोल दिए गए है और आने वाले दिनों में ब्लॉक स्तर पर खोले जाने की योजना बन रही है। ऐसे में यह सरकार जनता की है, मुख्यमंत्री जनता के है, जनता अपने मुख्यमंत्री और सरकार से प्रदेश के हित में कोई भी बात कह सकती है, कर सकती है। सत्तारूढ़ भाजपा का अग्रिम संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते मैं यह बात पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूँ कि आने वाले समय में जनता के काम करने में और तेजी आएगी। जिससे प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता जाएगा। एक बार पुनः मुख्यमंत्री और सरकार को शुभकामनाएं। 

Friday, 7 October 2016

ऐसे खत्म कर सकते है गरीबी और बेरोज़गारी को ।



देश के युवा बेरोज़गारी से दो-चार हैं इसमें कोई शक नहीं है। बेरोज़गारी की यह समस्या आजकल में पैदा हुई नहीं है। कई दशकों से चली आ रही इस समस्या ने युवाओं को जिस कदर परेशान कर रखा है उससे उनके सामने रोज़गार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मौजूदा सरकार ने इस समस्या को दूर करने और युवाओं को हर  क्षेत्र में रोज़गार दिलाने की व्यापक रणनीति और योजनाओं पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। जिसका लाभ आने वाले दिनों में युवाओं को मिलेगा, यह तय है। सरकार ने इसके लिए मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया जैसी योजनाएं चलाई हैं और इसमें देशी-विदेशी निवेश की भी व्यवस्था की है, जिससे कि युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी और रोज़गार दिया जा सके। युवा इन योजनाओं का महत्व और उपयोगिता समझते हुए जिस प्रकार काम करने के लिए आगे आ रहे हैं उससे देश को इन योजनाओं को अपने लक्ष्य की पूर्ती करने में मदद मिलेगी। योजनाएं सफल होंगी। सबका साथ - सबका विकास कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। कहने का मतलब यह है कि ऐसा कर हम देश में गरीबी और बेरोज़गारी को एक साथ खत्म कर सकते है।

इससे पहले हमारे युवाओं को नौकरी और रोज़गार के अंतर को समझना होगा। युवाओं को यह तय करना होगा कि उन्हें नौकरी चाहिए या रोज़गार ? इसके लिए उन्हें अपनी योग्यता का प्रदर्शन करना होगा। सरकार दोनों के लिए तैयार है, लेकिन यहाँ एक बात बहुत स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि नौकरी जहाँ एक युवा को फायदा पहुँचाएगी वहीँ, कोई भी युवा अपने कौशल से छोटा-मोटा काम शुरू कर स्वयं के अलावा अन्य युवा और जरूरतमंद लोगों को रोज़गार की व्यवस्था कर सकते है, जो देश और प्रदेश की आर्थिकी को सीधा फायदा पहुंचाती है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं के लिए स्टार्टअप और स्किल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की है तो मेक इन इंडिया उन विदेशी निवेशकों के लिए है जो भारत में अपना सामान तैयार करे सकते है, जिससे देश के युवाओं को रोज़गार मिल सके। युवा इसमें अपना एक काम कर सकते है वह ये कि वे अपना ध्यान अधिक से अधिक कुटीर उद्योगों पर लगाएं और वहां यह काम करें जहाँ जरुरत है। ऐसा कर हम गांव की स्थिति में भी सुधार ला सकते है। पिछले  कई वर्षों में यह देखने में आया है कि तेजी से समाप्त हुए हमारे हर प्रकार के कुटीर उद्योगों के बंद और खत्म के कारण गांव शहरों पर निर्भर हो गए है, जिसके कारण  बेरोज़गारी की समस्या में तेजी से उछाल आया है। 

यह बात यहीं खत्म नहीं होती है। अगर युवा कुटीर उद्योग लगाते है ये स्वयं का व्यवसाय शुरू करते है तो इसके लिए बैंकों से आवश्यक ऋण की भी व्यवस्था सरकार ने की है। जिससे युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इससे पहले खासकर हरियाणा में युवाओं की स्किल को विकसित करने के लिए अब सरकार अपने कॉलेज - विश्विद्यालयों में, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए से नए व्यवसायिक पाठ्यक्रम ला रही है जिनका युवाओं को अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहिए। यहां मैं यह स्पष्ट कर दूं कि नौकरी  को लेकर युवाओं को बिल्कुल भी हतोत्साहित करने की मैं नहीं कह रहा हूँ। यह उनकी रुचि, इच्छाशक्ति और योग्यता पर निर्भर करता है। सरकार ने इसके लिए प्राइवेट सेक्टरों को युवाओं के कौशल को देखते हुए उन्हें उनके हिसाब से नौकरी देने की भी कह रखी है साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के प्राइवेट सेक्टर अपने यहां नौकरियों का अधिक से अधिक सृजन करें जिससे देश और प्रदेश के युवाओं को लाभ मिल सके। युवा अगर सरकारी नौकरी में ही जाना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए कोई भी शॉर्टकट रास्ता अपनाने से बचना होगा। हालाँकि, केंद्र सरकार हो या हरियाणा सरकार दोनों ही जगह अब सरकारी नौकरी प्राप्त करने का कोई भी शॉर्टकट रास्ता खत्म कर दिया गया है। बहुत से लोगों को शायद यह पता नहीं है कि जब हम किसी भी काम में शॉर्टकट रास्ता अपनाते है तो उसका सीधा प्रभाव हमारी कार्य संस्कृति और काम के नतीजों पर पड़ता है। पिछले 70 साल से हम यह देखते आ रहे हैं, लेकिन अब चीज़ें बदली है, लोगों का मानस भी बदला है। लोग रोज़गार प्राप्त करने को अधिक महत्व देने लगे है। अगर हम ऐसा निरन्तर करेंगे तो मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया कार्यक्रमों को मज़बूत ही करेंगे। इससे युवाओं के बीच इनकी उपयोगिता और बढ़ेगी। इससे सबका विकास होगा। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी यही कहना है।

Saturday, 1 October 2016

फैंसला आपको करना है कि आप गाँधी जी के किस विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं ?




आज राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 147 वीं जयंती है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को हम बापू के नाम से भी जानते है और संबोधित भी करते हैं। गाँधी जी ने देश को आज़ाद कराने से लेकर आगे बढ़ने का विचार हमें दिया था। जो आज भी प्रासंगिक है। गाँधी जी का इस बारे में कोई एक विचार नहीं है। उन्होंने कई ऐसे विचार दिए जिनमें से किसी एक पर भी अमल कर हम काम करना शुरू कर दें तो वह हमें देश सेवा के लिए आगे ले जाता है। गाँधी जी ने हमें अहिंसा, शराब और किसी भी नशाखोरी से दूर रहना, स्वच्छता रखना जीवन में और अपने आसपास, स्वदेशी अपनाना, खादी पहनना, इत्यादि .... इत्यादि। इन सभी विचारों में से कोई एक विचार जिसके सबसे नज़दीक आप अपने आप को रखते है या पाते है बस उसी पर काम करना शुरू कर दें। यही देश की और समाज की सबसे बड़ी सेवा होगी। सही मायने में तो आज गाँधी जी के हर विचार पर तेजी से काम करने की जरुरत है। ऐसा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं। वे यह बात यूँही नहीं कह रहे। वे गाँधी जी के हर विचार को देश के लिए एक विज़न के रूप में देखते हैं। आज जब पर्यटन हमारी बढ़ती इकॉनमी का प्रमुख क्षेत्र बनकर उभरा है तो हमें इसके लिए स्वच्छता के काम को हाथ में लेना होगा। ख़ुशी इस बात की है कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के प्रति लोगों को जिस प्रकार जोड़ा है और नज़रिया बदलने में सफल हो रहे है उससे स्वच्छता के काम ने जनआंदोलन का रूप ले लिए है। यह सही है कि स्वच्छता का काम किसी समयसीमा में नहीं बांधा जा सकता। यह ताउम्र और लगातार काम की मांग करता है। देश के पढ़े-लिखे नौजवान जितना इस क्षेत्र में काम करेंगे उतना ही यह रोज़गार और स्वरोज़गार का रूप भी लेगा। स्वच्छता या सफाई के काम को किसी एक जाति या समुदाय का काम मानकर नहीं छोड़ सकते। अब इस सोच और नज़रिए का समय और जमाना गया। देश आगे बढ़ गया है। इन दिनों जिस तरह की एक सोच बनी है कि शौचालय का निर्माण करने से हम स्वच्छता और सफाई के उद्देश्य की पूर्ती कर लेंगे। यह गलत है। स्वच्छता से जुड़े जितने भी विषय और क्षेत्र है उन सब पर हमें एक विज़न मानकर काम करना होगा। जिसमें हर हाल में कूड़े का निस्तारण करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हमारे देश में जितने भी छोटे-बड़े प्राकृतिक, ऐतिहासिक और पौराण्विक महत्व के पर्यटन स्थल है उन सब का भ्रमण कर वहां हम साफ़-सफाई की स्थिति का जायजा लेकर इस  काम को आगे बढ़ा सकते है। ऐसा कर हम हमारे शहरों को भी साफ़ करने का काम करेंगे। इसमें हम एक काम और अच्छा कर सकते है वह यह कि सफाई के काम को हम पढ़ाई के दौरान पार्टटाइम के रूप में भी कर सकते है। अमेरिका में कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अपनी पढाई और जीवनयापन का खर्चा खुद उठाते हैं। क्या हमारे देश के नौजवान ऐसा नहीं कर सकते ? यकीन मानिए जब हम इस सोच के साथ इस काम को करना शुरू करेंगे तो न सिर्फ हम अपनी बेरोज़गारी को भी खत्म करेंगे बल्कि देश के आर्थिक कोष में भी हम अपना योगदान देंगे, जिसकी आज सबसे अधिक जरुरत है। इससे भी आगे बढ़कर यह काम अगर हम कर गए तो यह बदलते और नए भारत का राष्ट्रीय चरित्र भी बन जाएगा, जो जनसामान्य के लिए प्रेरणा का काम करेगा। 

इसी प्रकार हम अपने जीवन में किसी भी प्रकार की हिंसा को स्थान न देते हुए गाँधी जी के अहिंसा के विचार को फैला सकते है, बढ़ा सकते है। जनसामान्य को बता सकते है कि गाँधी जी ने बिना हिंसा के देश के लोगों को आज़ादी के लिए एकत्रित कर अंग्रेजों को देश से खदेड़ने में जो सफलता प्राप्त की वैसा कर हम हमारे देश को समाज को हिंसा मुक्त नहीं कर सकते ? बिल्कुल हम ऐसा कर सकते है क्योंकि हिंसा हमारा स्वभाव नहीं है। सर्वधर्म सम्भाव के मार्ग पर चलने वाले लोग है हम। ऐसे ही हम शराब बंदी के क्षेत्र में काम कर सकते हैं। वहीँ स्वरोज़गार अपनाकर हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं। फैंसला आपको करना है कि आप अब गाँधी जी के किस विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं ?


Monday, 12 September 2016

बदलते भारत की ताकत ।


हरियाणा में पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद बीते दो साल में प्रदेश के युवाओं ने राजनीति को जिस तेजी से समझा है और उसमें अपनी जगह बनाई है, उससे एक बात साफ तौर पर कही जा सकती है वह यह कि बेवजह के मुद्दों पर लोगों को गुमराह कर वोट हथिया लेने वाली राजनीति आपके और हमारे बीच से खत्म हो रही है और उसकी जगह विकास की राजनीति ले रही है। इस राजनीति को हमने बीते लोकसभा और विधानसभा चुनाव में देखा है।

यह बदलाव की राजनीति है। जिसमें लोगों ने अपने भरोसे का निवेश किया है। भारतीय जनता पार्टी और सरकार के प्रति लोगों का यह भरोसा बना रहे। इस बात की जिम्मेदारी हम युवाओं की मतलब भारतीय जनता युवा मोर्चा की बनती है। ऐसा हम कैसे कर पाए तो इसका सीधा सा उत्तर है-हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से। जिन्होंने देश के लोगों खासकर युवाओं से एक ही बात कही, वह यह कि आप चलें या न चलें, देश चल पड़ा है-प्रदेश चल पड़ा है, और कमाल देखिए कि देश चल पड़ा। बदलाव के रास्ते पर। विकास के रास्ते पर। अपनी समस्याओं के समाधान के रास्ते पर। तकनीक के रास्ते पर। यह वह समय था जब प्रधानमंत्री ने देश को यूपीए के दस साल के शासन से उपजी गहरी निराशा के गर्त से देश को उबार लिया था। यही नहीं, देश को वैश्विक मंच पर शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में नए सिरे से स्थापित कर दिया। भारत का डिजीटल होना क्यों और कितना जरुरी है यह बता भी दिया और समझा भी दिया।

यह है बदलता भारत-बदलते भारत की ताकत। 

हम युवाओं के काम करने से बनी भारत की आर्थिक ताकत की गूंज आज पूरे विश्व के कोने-कोने में सुनाई दे रही है तो हरियाणा विश्वभर के निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए आकर्षित कर रहा है। जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल सके। हर प्रकार काम मिल सके। यह भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का कमाल है। जनहित में लिए जा रहे फैंसलों का कमाल है। पारदर्शी तरीके से काम कर रही सरकार की साफ-सुथरी सोच का कमाल है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हरियाणा एक-हरियाणवी एक सोच का कमाल है। जिसने हरियाणा प्रदेश को एकता और भाईचारे के सूत्र में और मजबूती से बांधने का काम किया है। हरियाणा और हरियाणा के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए। यह है हरियाणा का भाईचारा। जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाती है। 

यह सब कुछ हमने अपने सामने भाजपा के पक्ष में खड़े होकर अपने लिए गए फैंसलों से होते हुए देखा है। यकीनन हम ऐसा कर पाए हैं। जब, हमने भाजपा के प्रति अपने अंदर के विश्वास को पहचाना। युवाओं का, आमजन का यह विश्वास आगे भी बना रहे। इसके लिए तय मानिए, भाजपा और भाजयुमो प्रदेश के किसी भी युवक को या जन को निराश नहीं होने देगा।

भाजपा-भाजयुमो

जिसने सत्ता बदल दी। राजनीति बदल दी। राजनीति करने वाले बदल दिए। सोच बदल दी। सोचने का नजरिया बदल दिया। युवाओं में आगे बढऩे की ललक जगा दी। विकास के मायने समझा दिए। युवाओं के विमर्श को केंद्र में ला दिया।

Tuesday, 30 August 2016

युवा लिखेंगे हरियाणा की सक्सेस स्टोरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जिस प्रकार विकास का एजेंडा तय कर देश को बदलाव के रास्ते पर लाने का काम किया है उससे देश में चौतरफा डेवलपमेंट कल्चर ने अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है । डेवलपमेंट कल्चर की यह गूँज देश के साथ वैश्विक स्तर पर भी सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा समस्याओं के समाधान और विकास के काम पर फोकस करने से कर पा रहे है। हरियाणा ने प्रधानमंत्री की इस पहल को जिस प्रकार आत्मसात कर चौतरफा विकास के काम कराने की लोगों में एक धुन पैदा की है उसमे प्रदेश के युवाओं ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कामों को लीड करना शुरू कर दिया है। यह हम तब कर पाते है जब हम अपने गांव, शहर, देश और प्रदेश से लगाव महसूस करते है। प्रदेश के युवाओं ने यह करके दिखाया है। इस जबरदस्त प्रयास को आप प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में देख सकते है। यह क्षेत्र खेलों का भी हो सकता है, राजनीति का भी हो सकता है, छोटे-बड़े उद्योगों का भी हो सकता है, नए स्टार्टअप का भी हो सकता है। युवाओं के इस प्रयास को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से समझा और प्रदेश को विकास के, रोज़गार के मार्ग पर आगे ले जाने के लिए देशी - विदेशी निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित किया। जिसकी सुखद परिणीति हमें हैपनिंग हरियाणा के रूप में देखने को मिली। एक प्रकार से प्रदेश में अब चौतरफा काम करने का माहौल बन गया है और काम होना भी शुरू हो गया है। जिसके सुफल आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे। यह प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा का कमाल है।  जिद, जोश और जूनून का कमाल है। युवाओं का भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा में अपने विश्वास के निवेश का कमाल है। मेरा शुरू से ही यह मानना रहा है कि केंद्र और हरियाणा प्रदेश की जनकल्याणकारी नीतियों से उत्पन्न हुए सुअवसरों ने युवाओं के दरवाजे पर दस्तक दी है। जिसमे वक्त और मौके दोनों शामिल है। युवाओं ने इसे पहचानने में रत्ती भर भी देरी नहीं की और अपने ध्येय के प्रति जी जान से जुट गए। जिससे आज वे साधारण से असाधारण से बनकर हमारे सामने आए है।  ऐसे युवाओं में साक्षी मलिक को हम देख सकते है। यह तो केवल एक खेल के क्षेत्र की उपलब्धि है अन्य क्षेत्रों में युवा जिस प्रकार काम कर रहे है वह हमें आने वाले एक - दो साल में और स्पष्ट दिखाई दे जाएगा। जिन्हें हम अपने प्रदेश और समाज के नायक बनता हुआ देखेंगे। इनमे से बहुत सारे युवा राजनीति में भी देखने को मिलेंगे।  जो भविष्य में राजनीति की दिशा और दशा तय करेंगे।  राजनैतिक दल और जनता दोनों को लीड करते हुए दिखाई देंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने ऐसे युवाओं को आगे लाने का काम शुरू कर दिया है। जिससे भारतीय जनता पार्टी को देश और समाज के निर्माण में जबरदस्त मज़बूती मिलेगी। युवाओं का यह प्रयास और गाथा केवल कहने तक नहीं है। ग्रास रुट पर वे अपना काम कर रहे हैं। गांव-शहर की मलीन बस्तियों में जाकर वहां रह रहे लोगों के जीवन की दुस्वारियों को समझ रहे है और उन्हें दूर करने का भरसक प्रयास भी कर रहे हैं। प्रदेश की सरकार का ऐसे युवाओं को भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल जी ने बहुत स्पष्ट कहा है कि हम समाज को मज़बूत किए बिना देश और प्रदेश को मज़बूत नहीं कर सकते। भारतीय जनता युवा मोर्चा युवाओं का एकमात्र ऐसा संगठन है जहाँ कोई भी युवा अपनी आकांक्षाओं को परवाज दे सकता है। ऐसे में युवाओं ने तो हरियाणा प्रदेश की सक्सेस स्टोरी लिखनी शुरू कर दी है। आप कब लिखेंगे ?