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Sunday, 16 September 2018

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का 68वां जन्मदिन मना रहा देश आज खुश है और आगे बढ़ रहा है.


देश आज अपने यशस्वी और सबसे लोकप्रिय नेता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का 68वां जन्मदिन मना रहा है और खुश है कि देश को आज विज़न के साथ काम करने वाला प्रधानमंत्री मिला है. प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की राजनीति की नई परिभाषा गढ़ी है. विकास की नई परिभाषा गढ़ी है. जिससे देश आज विभिन्न क्षेत्रों में काम करता हुआ आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ही वह व्यक्ति हैं जिन्होंने खासकर युवाओं को देश के लिए जीने और काम करने के लिए प्रेरित किया है. युवाओं का देश के लिए जीने और काम करने का जज्बा देश की पूरी दुनिया में पताका फहरा रहा है. पिछले साढ़े चार वर्षों में टीम इंडिया के साथ माननीय प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह काम किया है और देशहित में फैंसले लिए हैं, भले ही वह कड़वे रहे हो. देश आज उन पर गर्व कर रहा है. ऐसा कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के नायक बन गए हैं. जिन्होंने हम युवाओं को देश के मायने समझाए हैं. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज नया भारत बन रहा है और आगे बढ़ रहा है. उनका यह बड़प्पन है कि उन्होंने इसका श्रेय देश की १२५ करोड़ से अधिक की आबादी को दिया है. देश के युवाओं को उनका साफ़ सन्देश है कि वे जहां भी है जैसी भी स्थिति में है अपनी पूरी निष्ठा के साथ काम करेगा. देश को आज इसी की जरुरत है. उनका यह भी कहना है कि देश के लोग अनर्गल बातों पर न ध्यान दें और न करें. देश ने आज अपने कार्य और फैंसलों से ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बना ली है. दुनिया का हर देश आज भारत के साथ न सिर्फ आगे बढ़ना चाहता है बल्कि भारत के हिसाब से वह खुद को तैयार भी कर रहा है. आज जो भारत बन रहा है कल उस पर न सिर्फ देश के लोग बल्कि पूरी दुनिया नाज़ करेगी. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ही हमें बताया है कि बड़े कामों के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए. यह हम तब कर पाते हैं जब हमारी नीयत साफ़ हो. सरकार आज अपनी साफ़ नीयत और सही विकास के साथ लोगों के बीच विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतर रही है. यही कारण है कि देश अब अजेय भारत की ओर आगे बढ़ रहा है माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी जी के नेतृत्व में. प्रधानमंत्री जी को उनके 68वें जन्मदिन की मैं भारतीय जनता युवा मोर्चा की हरियाणा प्रदेश इकाई के हजारों युवा कार्यकर्ताओं की ओर से एक बार पुन: बधाई देता हूं.

आप यशस्वी हों. दीर्घायु हों. प्रधानमंत्री जी देश आपको प्यार करता है और आपको पाकर गर्व और सम्मान की अनुभूति महसूस करता है.

Wednesday, 25 October 2017

ईमानदार और पारदर्शी सरकार में भरोसे के लिए धन्यवाद...


माननीय मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार सफलतापूर्वक आज अपने तीन साल पूरे कर रही है। भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते इस बारे में अपनी बात कहने से पहले हरियाणा की जनता का सरकार में विश्वास व्यक्त करने के लिए कोटि-कोटि धन्यवाद। पार्टी और सरकार के प्रति जनता का यह विश्वास इसी प्रकार बना रहे, ऐसी ईश्वर से कामना है। भरोसा है।

यह बात मैं पूरी जिम्मेदारी और भरोसे के साथ कह रहा हूं कि हरियाणा के गठन के बाद यह पहली ऐसी सरकार है जो पूरी तरह पारदर्शी है और ईमानदारी से अपना काम कर रही है। इस दौरान सरकार पर या सरकार के मुखिया पर भ्रष्टाचार का कोई भी दाग न लगना सरकार के कामकाज की सबसे बड़ी उपलब्धि है। यह बात प्रदेश का हर आदमी जानता है। समस्याओं का समाधान करते हुए प्रदेश को विकास के रास्ते पर तेजी से आगे ले जाना सरकार की सोच और प्राथमिकता में सबसे ऊपर है। यही कारण है कि प्रदेश के हर कोने में आज विकास की रोशनी पहुंच रही है। समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्यधारा में लाना सरकार का लक्ष्य है और सरकार इस लक्ष्य को पूरा भी कर रही है।

मुख्यमंत्री इस बात को स्पष्ट कहते हैं कि गांव और शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत और विकसित किए बिना न तो बुनियादी जरुरतों को पूरा किया जा सकता है और न विकास के लक्ष्य को। सरकार का इस पर पूरा ध्यान केंद्रित है। प्रदेश के किसी भी कोने में जाकर बिजली, पानी, सडक़, सीवर,शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन के कार्यों में इसे देखा जा सकता है। यह पहली ऐसी सरकार है जो विकास को थोपने की बजाय क्षेत्र और लोगों की मांग और जरुरतों को ध्यान में रखकर काम कर रही है। प्रदेश के हर आदमी की बात सरकार में सुनी जा रही है। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर सीएम विंडो पर आ रही समस्याएं और शिकायतें जनता का सरकार में व्यक्त विश्वास का सबूत है। पहले की तानाशाह सरकारों में तो लोग अपनी समस्याएं और शिकायतें तक नहीं रख पाते थे। बिना भेदभाव के एक समान विकास के काम कराना इस सरकार की पहचान बन गई है। विपक्ष को आज सरकार की यही बात नहीं पच रही है।

इस सरकार के कार्य, विकास और उपलब्धियों की चर्चा और लिखने में कई पन्ने भर जाएंगे, लेकिन मैं दो कामों की चर्चा जरूर करूंगा। पहला, स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योगयता निर्धारित करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य इसी सरकार में बना है। इसे मैं सरकार का बहुत ही साहसिक फैसला मानता हूं। यह देश के अन्य राज्यों के लिए एक नजीर बन गया है। दूसरा, जिला परिषदें अब अपना बजट खुद पारित कर सकेंगी। ऐसा करने से ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान और विकास का काम कराने में जिला परिषदों को अब धन की कमी आड़े नहीं आएगी।

एक बात और। प्रदेश में लडक़े-लड़कियों के गिरते लिंगानुपात का स्तर इसी सरकार के शासन के बीते तीन साल में तेजी से सुधरा है। यह सरकार के कार्य और फैंसलों पर समाज की मुहर है। अब घर में लडक़ी पैदा होना बुरा नहीं माना जाता। लडक़ी पैदा होने पर अब घरों में खुशी मनाई जाती है। मिठाई खिलाई जाती है।


सरकार की नई बनी खेल नीति ने खिलाडिय़ों को खेलों में अपना बेहतर कैरियर बनाने और आगे बढऩे का स्वर्णिम अवसर मुहैया कराया है। लोग अपने बच्चों को आज खेलों में आगे बढ़ा रहे हैं। सरकार की नीतियों का ही नतीजा है खासकर रोजगार के क्षेत्र में कि युवा अपनी पढ़ाई के दौरान और पढ़ाई के बाद स्वरोजगार अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। जिससे चौतरफा रोजगार का माहौल बन रहा है। पर्यटन इसके लिए नया क्षेत्र उभरकर सामने आया है।

(मनीष यादव)
प्रदेशाध्यक्ष, भाजयुमो हरियाणा

Thursday, 25 May 2017

गर्व करने के तीन साल. देश दीवाना मोदी का...


लगभग 6 दशक बाद सन 2014 में केंद्र में पूर्ण बहुमत के साथ बनी भाजपानीत एनडीए की सरकार को बने आज 26 मई को 3 साल पूरे हो गए. भारतीय जनता पार्टी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ काम के प्रति अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ देश को बदलाव के रास्ते पर आगे ले जा रहे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने इन बीते 3 वर्षों में उन कार्यों पर ध्यान केन्द्रित कर नीति और कार्यक्रम बनाते हुए फैंसले लिए है, जिससे आज सामान्य जन की जिन्दगी में आया बदलाव साफ दिखाई देता है. सरकार और सरकार के किसी भी नुमाइंदे पर भ्रष्टाचार का कोई भी धब्बा न लगना सरकार की श्रेष्ठ उपलब्धियों में से जहां सबसे ऊपर रखी जाएगी. वहीं, कार्यों को लेकर बदली कार्यसंस्कृति से सरकार में बैठे छोटे-बड़े सभी लोगों में काम करते हुए आगे बढ़ने की प्रतिस्पर्धा साफ़ दिखाई देती है. देश की यह पहली सरकार है जिसे हम नतीजा देने वाली सरकार कह सकते हैं. यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में देश के करोड़ों-करोड़ों लोगों के किए गए भरोसे के निवेश को दर्शाता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की नीतियों को आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार काम करते हुए आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी सहायक सिद्ध हो रही है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अमित शाह जी ने हाल ही में टीवी चैनलों को दिए अपने इंटरव्यू में बहुत प्रेरक बात कही है कि भारतीय जनता पार्टी देश में सरकार चलाने के लिए नहीं, देश चलाने के लिए काम कर रही है. जिससे आज देशभर में चौतरफा काम करने का माहौल बना हुआ है. ऐसा हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरक संदेशों और काम करने के तरीको और लिए जा रहे फैंसलों से हुआ है. यही कारण है कि सकारात्मक उर्जा से लबरेज़ देश की नौजवान पीढ़ी अपने नए आईडिया से काम करते हुए देश और दुनिया को अचरज में डाल रही है. देश की 125 करोड़ की आबादी से भी अधिक लोगों के मिले भरोसे से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश और जनहित में निर्णायक फैंसला लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे फैंसलों पर देश की जनता अपने भरोसे की मुहर भी लगाती जा रही है. ऐसे फैंसलों में बीते महीनों लिया गया नोटबंदी का फैंसला मुख्य रूप से सामने रखा जा सकता है. वहीं, देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा से कोई भी समझौता न करना सरकार की पहचान और ताकत बन गई है. पड़ोसी पाकिस्तान देश में घुसकर आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और छत्तीसगढ़ व झारखण्ड में नक्सलियों को ठिकाने लगाना सरकार का साहसिक कदम कहा जा सकता है. भारतीय सेना ने जिस प्रकार सफलतापूर्वक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, उसके लिए उसकी जितनी प्रशंसा की जाएं वह कम है. यह भारतीय सेना की पहचान है. ताकत है.


मुझे आपके सामने यह बात कहते हुए काफी गर्व और ख़ुशी की अनुभूति हो रही है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्तर पर लांच की गई मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजना से जुड़कर और काम कर देश नए भारत के निर्माण के लिए न सिर्फ पूर्ण रूप से तैयार हो गया, बल्कि वह आगे भी बढ़ चला है. जिसे माननीय प्रधानमंत्री जी ने न्यू इंडिया विज़न का नाम दिया है. आज तकनीक किस प्रकार हमारे जीवन को बदल रही है उसे समय रहते समझते हुए डिजिटल इंडिया का जो कांसेप्ट हमें मिला है उसने युवा पीढ़ी को तो एक प्रकार से दीवाना बना दिया है. आज कोई भी काम हो उसमें हमारे देश की नौजवान पीढ़ी की यह दीवानगी देखी जा सकती है. हमारी यही पीढ़ी है जो अपने से अधिक उम्र के लोगों को इस क्षेत्र में तकनीक के स्तर पर शिक्षित कर उसे बनते नए भारत की मुख्यधारा में लाने का काम कर रही है. यहां मैं स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया का भी जिक्र करना जरुरी समझता हूँ. प्रधानमंत्री जी की उज्ज्वला योजना ने तो एक प्रकार से देश की करोड़ों गृहणियों की जिन्दगी में उजाला ला दिया. अब से पहले हमारी गृहणियों को खाना बनाते समय जहां लकड़ियों और कोयले की धुआं से अपना स्वास्थ्य दाँव पर लगाना पड़ता था वहीं, आज ऐसी गृहणियों को सरकार ने गैस सिलेंडर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य बचा लिया. इस बीच पहल योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर पर उपभोक्ताओं की मिलने वाली सब्सिडी उनके बैंक खाते में सीधी ट्रान्सफर करने का ऐतिहासिक काम सरकार ने किया है. सरकार के इस निर्णय और काम से पहले इस काम में भ्रष्टाचार का जो नाला बह रहा था उसे हमेशा के लिए खत्म कर देने का काम भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने किया है. ‘एक देश – एक कर’ लाने वाली यह पहली सरकार है. जिसे जीएसटी का नाम दिया गया है. इस जीएसटी के अस्तित्व में आने से पहले देश के लोगों को कई तरह के करों का बोझ उठाना पड़ रहा था जो उनके लिए असहनीय हो गया था. मैं कहता हूँ कि इस सरकार का आप कोई भी काम उठाकर देख लें वह अपने नतीजों से सामान्य जन की जिन्दगी में बदलाव लाने वाला कारक साबित हो रहा है. प्रकाश पथ योजना के जरिए आज देश का वह कोना भी एलईडी बल्ब से जगमगा रहा है जहां देश की आज़ादी के 60 साल बाद भी रोशनी का एक कतरा तक उनके नसीब में नहीं था. इस बीच कितनी ही सरकार आई और चली गई. संक्षेप में कहूं तो केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्किल इंडिया, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ जैसी और भी कई योजनाएं हैं जिन्होंने सरकार के सफलतापूर्वक किए जा रहे कार्यों के बीते तीन वर्षों में अपना प्रभाव छोड़ा है. लोगों में उम्मीद जताई है. भरोसा पैदा किया है. यहाँ मैं सरकार की वन रैंक वन पेंशन योजना का भी जिक्र करना चाहूँगा. जिससे वर्षों से चली आ रही हमारे पूर्व सैनिकों की मांग को मान लिया है. सचमुच माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में केंद्र में काम कर रही एनडीए की सरकार के बीते तीन साल पर हम गर्व कर सकते हैं. हालांकि अभी बहुत काम करना बाकी है, प्रधानमंत्री जी की नीतियों, कार्यक्रमों और विकास की योजनाओं पर होने वाले कार्यों को लेकर देश की जनता ने जो धैर्य दिखाया है और भरोसा इस बात का जताया है कि हां, प्रधानमंत्री जी ने जो कहा है वह वे करेंगे. एक प्रकार से कहे तो देश आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का दीवाना हो चला है. उनकी दीवानगी देश के जन-जन के मुंह से सुनी जा सकती है. यह मैं ही नहीं कह रहा हूँ, देश का कोई भी अखबार हो या न्यूज़ चैनल जनता के बीच किए गए अपने सर्वे में सब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्य पर मुहर लगा रहे हैं. 

Sunday, 5 February 2017

ग्रामीण विकास के लिए सरकार की नीति और कार्यकर्मों से जुड़ें


हमेशा यह एक सवाल बना रहता है कि खासकर गांवों की समस्याओं के समाधान और विकास के लिए मिलने वाले बजट का सदुपयोग नहीं हो पाता है. जिससे आज भी हमारी गाँव की समस्याएं और विकास के संबंध में कोई खास फर्क दिखाई नहीं देता है. कह सकते हैं कि समस्याएं जस की तस बनी रहती है. बावज़ूद इसके कि सरकारें बदल जाती है, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बदल जाते हैं, सरपंच बदल जाते हैं, पंच बदल जाते हैं. आखिर क्या कारण है ? इस कारण को जब तक हम नहीं जानेंगे, समाधान की ओर नहीं बढ़ पाएंगे. इसके लिए जरुरी है कि हम केंद्र और राज्य सरकार के बजट को समझें. योजनाओं को समझें. कार्यक्रमों को समझें और अब तो अच्छी बात यह हुई है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला परिषदों को भी अपना बजट पेश करने का अधिकार दे दिया है. यह मान लीजिए कि अगर हमें गांवों की समस्याओं का समाधान करना है, सर्वांगींण विकास कर उन्हें बदलाव के रास्ते पर आगे लेकर जाना है तो हमें नीतियों से कार्यक्रमों से जुड़ना होगा. न सिर्फ जुड़ना होगा बल्कि उन्हें प्रत्येक ग्रामीण जन को भी बताना होगा. जिससे वे यह जान सकें कि उनके गाँव में क्या नया होने जा रहा है. जब यह काम गाँव का मुखिया, पंच, सरपंच या अन्य जनप्रतिनिधि नहीं करता है तो फिर यह जिम्मेदारी सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ता की बन जाती है. आज केंद्र में और प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं. जिन्होंने गांवों की समस्या का समाधान कर उन्हें विकास के रास्ते पर आगे लाने का काम हाथ में लिया है. जिससे गांवों में बदलाव होता दिखाई दे रहा है लेकिन हमें इतने भर से संतुष्ट होकर नहीं बैठ जाना है. भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता जो गांवों में बूथ स्तर तक का काम संभाले हुए हैं वे इस काम में अपनी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, जिससे लोगों के बीच संगठन का प्रचार-प्रसार होगा, मजबूती मिलेगी वहीँ सरकार की विकासपरक योजनाएं और समस्याओं के समाधान के कार्यक्रम अपने उद्देश्य तक भी पहुंचेंगे. चाहे वह बिजली, पानी, सड़क, सीवर का काम हो, स्कूल, अस्पतालों का काम हो, युवाओं के रोज़गार संबंधी मसले हो, परिवहन की दिक्कत हो, सभी में काम होता दिखाई देगा. सम्बंधित अधिकारी और कर्मचारी काम के लिए प्रेरित होंगे. यह कार्यकर्ताओं की सज़गता और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा से होता है. जिससे सरकार की भी काम करने की दृढ़ इच्छाशक्ति पैदा होती है. चूंकि भारत आज नौजवानों का देश बन रहा है. गांवों में भी असंख्य नौजवान आगे बढ़ने के सपने देख रहे हैं. लेकिन उन्हें उन सपनों को पूरा करने वाला सहकर्मी नहीं मिल रहा. भारतीय जनता युवा मोर्चा ऐसे युवाओं के लिए ही काम कर रहा है. ऐसे युवाओं से मोर्चा के कार्यकर्ता संवाद बनाएंगे, उनसे जुड़ेंगे तो संगठन की ताकत और काम करने की इच्छाशक्ति बढ़ती चली जाएगी, साथ ही संगठन को नए से नए काम करने के नए जुड़ने वाले युवाओं से आईडिया मिलेगा, विज़न मिलेगा. मोर्चा को यही चाहिए. यूं तो सरकार ने सांसद आदर्श ग्राम योजना मुख्य रूप से चला रखी है और सबसे बड़ी बात आज हरियाणा प्रदेश की हर पंचायत शिक्षित है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में जितना काम होगा, उतनी ही सरकार की योजनाएं पूरी होंगी. उनके लिए निर्धारित बजट खर्च होगा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान जैसी महत्वपूर्ण और उपयोगी योजनाओं पर और तेजी से काम होना शुरू होगा. इसमें कोई शक नहीं कि हाल ही में गुरुग्राम में हुए हरियाणा प्रवासी दिवस समारोह और इससे पहले पिछले वर्ष हुए हैपनिंग हरियाणा कार्यक्रम के जरिए गांवों के विकास में निवेश करने का भी सरकार को एक नया रास्ता और विज़न मिला है. ऐसे में समस्याओं के समाधान और विकास के काम में सरकार का बजट खर्च हो, जिससे ग्रामीण जन लाभान्वित हो सकें, गाँव, देश और समाज के विकास की मुख्यधारा में आ सकें. जिसमें गांवों में रह रहे वृद्धजनों की हर प्रकार की देखभाल और उन्हें मिलने वृद्धावस्था पेंशन योजना उन तक पहुँच जाएं. 

Monday, 31 October 2016

हम कामना करें म्हारा हरियाणा आगे बढ़े और बढ़ता ही जाए....


आज हरियाणा स्थापना के 50 साल पूरे हो रहे हैं। इन 50 सालों में हरियाणा ने कई उतार - चढ़ाव देखे हैं। आगे बढ़ने के तो कई मामलों में पीछे रह जाने के। जिनकी चर्चा हम आगे करेंगे। आज का यह दिन हरियाणवी होने का गर्व करने व हरियाणा को और आगे ले जाने का दिन है। ख़ुशी मनाने का दिन है। दिन इस बात का भी मनन करने का है कि हम हरियाणा को और बेहतर कैसे बना सकते हैं। उस स्थिति में जब कि हरियाणा ने वैश्विक स्तर पर लगभग प्रत्येक क्षेत्र में अव्वल रहने की अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। फिर चाहे वह क्षेत्र खेल का हो, शिक्षा का हो, विज्ञानं का हो, अंतरिक्ष का हो, उद्योग का हो। सभी में हरियाणा ने देश का परचम फहराया है। अपनी शुरुआत से ही हरियाणा मेहनतकश लोगों का प्रतिनिधित्व करता आया है। कृषि इस क्षेत्र की रीढ़ है तो कल कारखाने हरियाणा के विकास का चमकता हुआ चेहरा है। ऐसे में इस हरियाणा पर किसको गर्व नहीं होगा और कोई क्यों हरियाणा में नहीं रहना चाहेगा ? यहां के गबरू जवानों और पहलवानों की दुनिया भर में मिसाल दी जाती है। "देसां म्ह देस हरियाणा - जित  दूध -दही का खाणा" इस प्रदेश की पहचान है। देश की सीमा पर खड़ा लगभग हर दसवां जवान हरियाणा से है। हरियाणा का प्रमुख शहर गुरुग्राम आज अपने विकास और दुनियाभर की सभी प्रमुख आईटी कंपनियों का मुख्यालय होने के कारण लघु भारत का रूप ले चूका है। गुरुग्राम ही वह शहर है जहाँ दिल्ली के बाद मेट्रो ने सबसे पहले दस्तक दी है। यहाँ की लाइफस्टाइल और विकास की बन रही योजनाएं प्रदेश के अन्य सभी छोटे-बड़े शहरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। हरियाणा कई वर्षों बाद आज इस बात पर गर्व कर सकता है कि उसे भारतीय जनता पार्टी की टिकाऊ सरकार मिली है। ऐसा प्रदेश की जनता का भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति में अपने भरोसे के निवेश के चलते हो पाया है। हरियाणा आज आयाराम गयाराम की राजनीति को अलविदा कह चूका है जो कभी इस प्रदेश की राजनीति की पहचान हो गई थी। यहाँ यह कहना भी जरुरी हो जाता है कि कृषि प्रधान प्रदेश होने और सिर्फ दूध और बासमती चावल ही पैदा नहीं करता बल्कि देश में बनने वाली हर दूसरी कार हरियाणा में बनती है। देश का हर तीसरा टू व्हीलर और हर दूसरी क्रेन हरियाणा में बनती है। गुरुग्राम की आईटी, फरीदाबाद की लाइट इंजीनियरिंग, पानीपत के हैंडलूम, कम्बल, अम्बाला की साइंस उपकरण इंडस्ट्री और करनाल की डेयरी इंडस्ट्री इस प्रदेश की प्रमुख पहचान बताती है। इससे आगे थोड़ा सा हम सोचे तो "देसां म्ह देस हरियाणा - जित दूध दही का खाणा" जैसी पुरानी कहावत को बदलकर हरियाणा आज "देसां म्ह देस हरियाणा - जहाँ कदम-कदम पर कारखाना" में तब्दील हो रहा है। जिसके चलते आज दुनिया भर के देश हरियाणा में करोड़ों-अरबों रूपये का निवेश करने आ रहे हैं। जिससे हरियाणा देश का सबसे विकसित प्रदेश बन गया है। यही कारण है कि कृषि, खेल, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश में नई ऊंचाइयों को छूकर 50 साल में हरियाणा जवान हो गया है। खेल में क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान और एनसीआर में आईटी कंपनियों की विकास की रफ़्तार से प्रदेश ने नई उड़ान भरी है। कृषि डेयरी क्षेत्र की उपलब्धियां और राज्य में निवेशकों के रूझान ने नई ऊर्जा का संचार किया है। हरियाणा के पास आज गर्व करने के लिए सब कुछ है। जिनका नाम और उल्लेख करना शुरू करे तो लिखने को पन्ने कम पड़ जाएंगे। यह ऋषि मुनियों का प्रदेश है, पानीपत का युद्ध इसी प्रदेश में हुआ तो गीता का ज्ञान भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में दिया। महर्षि ऋषि की तपोभूमि इसी प्रदेश के नारनौल क्षेत्र में स्थित ढोसी के पहाड़ पर है। लेकिन इन सब उपलब्धियों पर गर्व करने के बावज़ूद हम जब महिलाओं और बच्चियों की स्थिति की ओर देखते है तो हमें इस क्षेत्र में बहुत अधिक काम करने की जरुरत है। फिर चाहे मामला उनको जन्म देने का हो, शिक्षा का हो, स्वास्थ्य का हो या उनके जीवन यापन का। हमें सभी क्षेत्रों में अधिक से अधिक काम करने की जरुरत है। मेरा यह स्पष्ट मानना है कि कोई भी देश हो या प्रदेश बिना आधी आबादी को साथ लिए आगे नहीं बढ़ सकता। ऐसे में आज एक नवंबर हरियाणा का दिन है। दिवस है। जिसे मनाने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सहित अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और भी बहुत अतिथि हरियाणा के गुरुग्राम में आ रहे हैं। इस अवसर पर सभी का स्वागत है, सत्कार है। 

Tuesday, 25 October 2016

जनता के भरोसे के साथ आगे बढ़ रही है हरियाणा सरकार...

हरियाणा की ढाई करोड़ जनता को साथ लेकर और साथ चलकर सफलतापूर्वक दो साल पूरे कर आज तीसरे साल में प्रवेश कर रही प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को बधाई। इस सरकार में जनता ने जिस प्रकार अपने भरोसे का निवेश किया है उसके लिए जनता का आभार। जनता इस बात के लिए निश्चिन्त रहे कि सरकार उसके इस भरोसे को टूटने नहीं देगी। "हरियाणा एक - हरियाणवी एक" का जो सूत्र और नारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया है वह हरियाणा प्रदेश की एकता, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव, सौहार्द के साथ विकास के रास्ते पर एक होकर आगे बढ़ने का है जिसे प्रदेश की जनता ने स्वीकार किया है। यह हरियाणा की ताकत को दर्शाता है। इसमें कोई शक नहीं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी सरकार को बहुत से काम करने है जिनका वादा जनता से किया हुआ है। आने वाले तीन सालों में सरकार अपने वादों को न सिर्फ पूरा करेगी बल्कि उन समस्याओं का भी समाधान करेगी जिसने हरियाणा को आज भी अपनी गिरफ्त में ले रखा है। हरियाणा आज इस बात पर गर्व कर सकता है कि उसके प्रदेश में आज पढ़ी-लिखी पंचायतों का गठन हो गया है और सरकार का प्रत्येक काम पारदर्शिता के साथ हो रहा है। जिसकी कभी भी, कोई भी तसदीक कर सकता है। यही  कारण है कि सरकार के दो साल के शासन में उस पर भ्रष्टाचार करने या काम में अनियमितता बरतने का आरोप लगा हो। यह सरकार की सफलता और विश्वसनीयता है। सरकार प्रदेश की समस्याओं का समाधान करने और विकास का चौतरफा माहौल बनाकर रोज़गार के नए-नए क्षेत्र विकसित  करने का जो काम कर रही है उससे विदेशी निवेशक आज हरियाणा में निवेश करने के लिए लाइन में खड़े हैं और निवेश कर रहे हैं। जिससे प्रदेश के युवाओं को आने वाले समय में नौकरी और रोज़गार की व्यवस्था बनेगी। इस बीच पिछले कई वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश को एक टिकाऊ सरकार मिली है। इस सरकार को लेकर विपक्ष भले ही कंफ्यूज हो, लेकिन जनता कंफ्यूज नहीं है। वह भाजपा के साथ है, सरकार के साथ है। विपक्ष को आज इसी बात का मलाल है, वह हताश है। यह समस्या विपक्ष की है, भाजपा की नहीं, सरकार की नहीं। प्रदेश में ऐसा भी पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल जी जनता से पूछ कर काम कर रहे हैं। इस संबंध में उनकी हर बात में एक ही सवाल होता है कि विकास के काम जनता की राय से किए जाए। मुख्यमंत्री की इस बात के लिए तारीफ करनी होगी कि आगामी एक नवम्बर को हरियाणा अपनी स्थापना के 50 साल पूरे करने पर स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। जिसका शुभारंभ करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी खुद गुरुग्राम आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस बारे में तारीफ़ इस बात की कि उन्होंने इस समारोह को मनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के राजनेता, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक तक को आमन्त्रित किया है, एक किया है। क्योंकि यह समारोह हरियाणा का है। प्रदेश की महिलाएं आज इस बात पर गर्व कर सकती है कि उनके साथ हो रहे किसी भी शोषण, अन्याय और अत्याचार की शिकायत करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महिला पुलिस थाने खोल दिए गए है और आने वाले दिनों में ब्लॉक स्तर पर खोले जाने की योजना बन रही है। ऐसे में यह सरकार जनता की है, मुख्यमंत्री जनता के है, जनता अपने मुख्यमंत्री और सरकार से प्रदेश के हित में कोई भी बात कह सकती है, कर सकती है। सत्तारूढ़ भाजपा का अग्रिम संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते मैं यह बात पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूँ कि आने वाले समय में जनता के काम करने में और तेजी आएगी। जिससे प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता जाएगा। एक बार पुनः मुख्यमंत्री और सरकार को शुभकामनाएं। 

Saturday, 22 October 2016

किंगमेकर होता है कार्यकर्ता


गुरुग्राम के डीएलएफ फेज - II स्थित अपने कार्यालय पर भारतीय जनता युवा मोर्चा, हरियाणा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए। 

कोई भी राजनीतिक दल हो, संगठन हो, पार्टी हो। उसको नेतृत्व देने और नेता बनाने का काम कार्यकर्ता करते हैं। इसलिए नेतृत्व, नेता और पदाधिकारी बदलते रहते हैं लेकिन कार्यकर्ता अपने काम की वजह से हमेशा बनें रहते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं का महत्व, उपयोगिता और अनिवार्यता कभी कम नहीं होती। इसलिए कार्यकर्ताओं को गर्व होना चाहिए कि वे कार्यकर्ता है। खासकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को तो यह गर्व की अनुभूति इस अर्थ में भी बड़ी और महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। जो अपनी मेहनत, लगन और निष्ठा से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में देश को और श्री अमित शाह जी के रूप में भारतीय जनता पार्टी को नेतृत्व दे रहे हैं। ऐसे  कार्यकर्ताओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं है। भारतीय जनता युवा मोर्चा इस पार्टी का अग्रिम संगठन है। हरियाणा में इसका नेतृत्व करने का दायित्व केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने मुझे सौंपा है। लेकिन मैं इस दायित्व का तभी सफलतापूर्वक क्रियान्वन कर पाऊंगा जब प्रत्येक कार्यकर्ता का समर्थन और सहयोग मुझे मिलेगा। मुझे ख़ुशी इस बात की है कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस सब को देने और संगठन को आगे बढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। 

बीते सप्ताह हरियाणा में मोर्चा के सभी प्रदेश पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी गई है। ऐसे सभी पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों को काम करने की शक्ति और सहयोग कार्यकर्ताओं से मिलेगा ऐसी मैं उम्मीद करता हूँ। मैं इस बात को ऊपर कह चूका हूँ कि कार्यकर्ता किंगमेकर होता हैं। पदों पर काम करने वाले लोग बदलते रहते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरुरत नहीं है वे अपना काम करते रहें। बस इस बात को ध्यान में रखे कि भारतीय जनता पार्टी और उसका अग्रिम संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा वह संगठन है जो अपने कार्यकर्ताओं को कभी निराश नहीं करता। ऐसा विश्वास कार्यकर्ताओं को अपने भीतर रखना होगा। इसमें धैर्य बनाए रखना बहुत जरुरी है क्योंकि धैर्य ही आदमी की सबसे बड़ी ताकत होती है। जो जितना धैर्य रखेगा उतना ही जीवन में प्राप्त करेगा। इसलिए आपको कब, कहां और किस भूमिका में रहना और रखना है यह काम संगठन के ऊपर छोड़ दें।

संगठन के नवनियुक्त सभी जिलाध्यक्षों से मैं कहना चाहता हूँ कि वे जल्द से जल्द अपनी कार्यकारिणी बनाकर प्रदेश नेतृत्व को सूचित करें और अपना काम शुरू कर दें। सभी जिलाध्यक्ष अपने कार्य को कार्यकर्ताओं की सलाह मशविरा से जितना अधिक करेंगे उतना ही उनके कार्य को मान्यता मिलेगी। सफलता मिलेगी। काम की उपयोगिता बढ़ेगी। यहां मैं एक बात और कहना चाहता हूँ कि युवाओं के प्रत्येक काम में विज़न दिखाई  देना चाहिए। इसके लिए पदाधिकारियों को चाहिए कि वे पार्टी और संगठन के बड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को काम करते हुए देखें कि ये लोग कैसे काम करते हैं। जब हम इस नज़रिए से चीज़ों को देखेंगे तो हमारी हर चीज़ और काम आसान होती चली जाएगी। इसलिए अपना काम शुरू कर दीजिए जिसकी पार्टी, संगठन, देश, प्रदेश और लोगों को जरुरत है। 

Friday, 7 October 2016

ऐसे खत्म कर सकते है गरीबी और बेरोज़गारी को ।



देश के युवा बेरोज़गारी से दो-चार हैं इसमें कोई शक नहीं है। बेरोज़गारी की यह समस्या आजकल में पैदा हुई नहीं है। कई दशकों से चली आ रही इस समस्या ने युवाओं को जिस कदर परेशान कर रखा है उससे उनके सामने रोज़गार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। मौजूदा सरकार ने इस समस्या को दूर करने और युवाओं को हर  क्षेत्र में रोज़गार दिलाने की व्यापक रणनीति और योजनाओं पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। जिसका लाभ आने वाले दिनों में युवाओं को मिलेगा, यह तय है। सरकार ने इसके लिए मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया जैसी योजनाएं चलाई हैं और इसमें देशी-विदेशी निवेश की भी व्यवस्था की है, जिससे कि युवाओं को अधिक से अधिक नौकरी और रोज़गार दिया जा सके। युवा इन योजनाओं का महत्व और उपयोगिता समझते हुए जिस प्रकार काम करने के लिए आगे आ रहे हैं उससे देश को इन योजनाओं को अपने लक्ष्य की पूर्ती करने में मदद मिलेगी। योजनाएं सफल होंगी। सबका साथ - सबका विकास कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। कहने का मतलब यह है कि ऐसा कर हम देश में गरीबी और बेरोज़गारी को एक साथ खत्म कर सकते है।

इससे पहले हमारे युवाओं को नौकरी और रोज़गार के अंतर को समझना होगा। युवाओं को यह तय करना होगा कि उन्हें नौकरी चाहिए या रोज़गार ? इसके लिए उन्हें अपनी योग्यता का प्रदर्शन करना होगा। सरकार दोनों के लिए तैयार है, लेकिन यहाँ एक बात बहुत स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि नौकरी जहाँ एक युवा को फायदा पहुँचाएगी वहीँ, कोई भी युवा अपने कौशल से छोटा-मोटा काम शुरू कर स्वयं के अलावा अन्य युवा और जरूरतमंद लोगों को रोज़गार की व्यवस्था कर सकते है, जो देश और प्रदेश की आर्थिकी को सीधा फायदा पहुंचाती है। इसीलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं के लिए स्टार्टअप और स्किल इंडिया कार्यक्रम की शुरुआत की है तो मेक इन इंडिया उन विदेशी निवेशकों के लिए है जो भारत में अपना सामान तैयार करे सकते है, जिससे देश के युवाओं को रोज़गार मिल सके। युवा इसमें अपना एक काम कर सकते है वह ये कि वे अपना ध्यान अधिक से अधिक कुटीर उद्योगों पर लगाएं और वहां यह काम करें जहाँ जरुरत है। ऐसा कर हम गांव की स्थिति में भी सुधार ला सकते है। पिछले  कई वर्षों में यह देखने में आया है कि तेजी से समाप्त हुए हमारे हर प्रकार के कुटीर उद्योगों के बंद और खत्म के कारण गांव शहरों पर निर्भर हो गए है, जिसके कारण  बेरोज़गारी की समस्या में तेजी से उछाल आया है। 

यह बात यहीं खत्म नहीं होती है। अगर युवा कुटीर उद्योग लगाते है ये स्वयं का व्यवसाय शुरू करते है तो इसके लिए बैंकों से आवश्यक ऋण की भी व्यवस्था सरकार ने की है। जिससे युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। इससे पहले खासकर हरियाणा में युवाओं की स्किल को विकसित करने के लिए अब सरकार अपने कॉलेज - विश्विद्यालयों में, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में नए से नए व्यवसायिक पाठ्यक्रम ला रही है जिनका युवाओं को अधिक से अधिक फायदा उठाना चाहिए। यहां मैं यह स्पष्ट कर दूं कि नौकरी  को लेकर युवाओं को बिल्कुल भी हतोत्साहित करने की मैं नहीं कह रहा हूँ। यह उनकी रुचि, इच्छाशक्ति और योग्यता पर निर्भर करता है। सरकार ने इसके लिए प्राइवेट सेक्टरों को युवाओं के कौशल को देखते हुए उन्हें उनके हिसाब से नौकरी देने की भी कह रखी है साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के प्राइवेट सेक्टर अपने यहां नौकरियों का अधिक से अधिक सृजन करें जिससे देश और प्रदेश के युवाओं को लाभ मिल सके। युवा अगर सरकारी नौकरी में ही जाना चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए कोई भी शॉर्टकट रास्ता अपनाने से बचना होगा। हालाँकि, केंद्र सरकार हो या हरियाणा सरकार दोनों ही जगह अब सरकारी नौकरी प्राप्त करने का कोई भी शॉर्टकट रास्ता खत्म कर दिया गया है। बहुत से लोगों को शायद यह पता नहीं है कि जब हम किसी भी काम में शॉर्टकट रास्ता अपनाते है तो उसका सीधा प्रभाव हमारी कार्य संस्कृति और काम के नतीजों पर पड़ता है। पिछले 70 साल से हम यह देखते आ रहे हैं, लेकिन अब चीज़ें बदली है, लोगों का मानस भी बदला है। लोग रोज़गार प्राप्त करने को अधिक महत्व देने लगे है। अगर हम ऐसा निरन्तर करेंगे तो मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया कार्यक्रमों को मज़बूत ही करेंगे। इससे युवाओं के बीच इनकी उपयोगिता और बढ़ेगी। इससे सबका विकास होगा। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का भी यही कहना है।

Saturday, 1 October 2016

फैंसला आपको करना है कि आप गाँधी जी के किस विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं ?




आज राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 147 वीं जयंती है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को हम बापू के नाम से भी जानते है और संबोधित भी करते हैं। गाँधी जी ने देश को आज़ाद कराने से लेकर आगे बढ़ने का विचार हमें दिया था। जो आज भी प्रासंगिक है। गाँधी जी का इस बारे में कोई एक विचार नहीं है। उन्होंने कई ऐसे विचार दिए जिनमें से किसी एक पर भी अमल कर हम काम करना शुरू कर दें तो वह हमें देश सेवा के लिए आगे ले जाता है। गाँधी जी ने हमें अहिंसा, शराब और किसी भी नशाखोरी से दूर रहना, स्वच्छता रखना जीवन में और अपने आसपास, स्वदेशी अपनाना, खादी पहनना, इत्यादि .... इत्यादि। इन सभी विचारों में से कोई एक विचार जिसके सबसे नज़दीक आप अपने आप को रखते है या पाते है बस उसी पर काम करना शुरू कर दें। यही देश की और समाज की सबसे बड़ी सेवा होगी। सही मायने में तो आज गाँधी जी के हर विचार पर तेजी से काम करने की जरुरत है। ऐसा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं। वे यह बात यूँही नहीं कह रहे। वे गाँधी जी के हर विचार को देश के लिए एक विज़न के रूप में देखते हैं। आज जब पर्यटन हमारी बढ़ती इकॉनमी का प्रमुख क्षेत्र बनकर उभरा है तो हमें इसके लिए स्वच्छता के काम को हाथ में लेना होगा। ख़ुशी इस बात की है कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के प्रति लोगों को जिस प्रकार जोड़ा है और नज़रिया बदलने में सफल हो रहे है उससे स्वच्छता के काम ने जनआंदोलन का रूप ले लिए है। यह सही है कि स्वच्छता का काम किसी समयसीमा में नहीं बांधा जा सकता। यह ताउम्र और लगातार काम की मांग करता है। देश के पढ़े-लिखे नौजवान जितना इस क्षेत्र में काम करेंगे उतना ही यह रोज़गार और स्वरोज़गार का रूप भी लेगा। स्वच्छता या सफाई के काम को किसी एक जाति या समुदाय का काम मानकर नहीं छोड़ सकते। अब इस सोच और नज़रिए का समय और जमाना गया। देश आगे बढ़ गया है। इन दिनों जिस तरह की एक सोच बनी है कि शौचालय का निर्माण करने से हम स्वच्छता और सफाई के उद्देश्य की पूर्ती कर लेंगे। यह गलत है। स्वच्छता से जुड़े जितने भी विषय और क्षेत्र है उन सब पर हमें एक विज़न मानकर काम करना होगा। जिसमें हर हाल में कूड़े का निस्तारण करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हमारे देश में जितने भी छोटे-बड़े प्राकृतिक, ऐतिहासिक और पौराण्विक महत्व के पर्यटन स्थल है उन सब का भ्रमण कर वहां हम साफ़-सफाई की स्थिति का जायजा लेकर इस  काम को आगे बढ़ा सकते है। ऐसा कर हम हमारे शहरों को भी साफ़ करने का काम करेंगे। इसमें हम एक काम और अच्छा कर सकते है वह यह कि सफाई के काम को हम पढ़ाई के दौरान पार्टटाइम के रूप में भी कर सकते है। अमेरिका में कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अपनी पढाई और जीवनयापन का खर्चा खुद उठाते हैं। क्या हमारे देश के नौजवान ऐसा नहीं कर सकते ? यकीन मानिए जब हम इस सोच के साथ इस काम को करना शुरू करेंगे तो न सिर्फ हम अपनी बेरोज़गारी को भी खत्म करेंगे बल्कि देश के आर्थिक कोष में भी हम अपना योगदान देंगे, जिसकी आज सबसे अधिक जरुरत है। इससे भी आगे बढ़कर यह काम अगर हम कर गए तो यह बदलते और नए भारत का राष्ट्रीय चरित्र भी बन जाएगा, जो जनसामान्य के लिए प्रेरणा का काम करेगा। 

इसी प्रकार हम अपने जीवन में किसी भी प्रकार की हिंसा को स्थान न देते हुए गाँधी जी के अहिंसा के विचार को फैला सकते है, बढ़ा सकते है। जनसामान्य को बता सकते है कि गाँधी जी ने बिना हिंसा के देश के लोगों को आज़ादी के लिए एकत्रित कर अंग्रेजों को देश से खदेड़ने में जो सफलता प्राप्त की वैसा कर हम हमारे देश को समाज को हिंसा मुक्त नहीं कर सकते ? बिल्कुल हम ऐसा कर सकते है क्योंकि हिंसा हमारा स्वभाव नहीं है। सर्वधर्म सम्भाव के मार्ग पर चलने वाले लोग है हम। ऐसे ही हम शराब बंदी के क्षेत्र में काम कर सकते हैं। वहीँ स्वरोज़गार अपनाकर हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं। फैंसला आपको करना है कि आप अब गाँधी जी के किस विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं ?


Tuesday, 20 September 2016

कन्या भ्रूण हत्या - जो काम समाज को करना चाहिए वह सरकार को करना पड़ रहा है।


हरियाणा में कन्या भ्रूण की आए दिन हो रही हत्या को रोकने और उसे दुनिया में आने देने के लिए सरकार के "बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ" कार्य्रकम के माध्यम से लोगों से कन्या भ्रूण हत्या न करने और जन्म देकर पढ़ाने, पैरों पर खड़ा करने की अपील प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से लेकर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी तक सब कर रहे हैं। सरकार का यह कार्यक्रम निश्चित रूप से प्रशंसीय है। पहले भी इस तरह के कई कार्यक्रम हुए हैं और हो रहे है, लेकिन बात इतने भर से होने वाली नहीं हैं। हमें समझना होगा कि ऐसी योजनाएं और कार्यक्रम अपने लक्ष्य को तभी प्राप्त कर सकते हैं जब समाज इसमें अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वाह करेगा।

यह कितने शर्म और दुःख की बात है कि बच्चियों के रूप में देश की आधी आबादी को मां के गर्भ में खत्म कर देने की घृणित और घिनौनी कार्रवाई हमारे घरों में आज भी जारी है और हमें इसके लिए रत्ती भर भी किसी प्रकार का अपराधबोध तक नहीं होता बल्कि ऐसा करने की देखा-देखी की एक होड़ समाज के खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों में ज्यादा दिखाई दे रही है। अचरज देखिये की जिस डॉक्टर को हमने भगवान् का दर्ज दे रखा है वही, इस अपराध में बराबर का सहभागी बना हुआ है। जब हालात यह हैं तो सुधार की उम्मीद किससे और कैसे की जाए ? क्या हर समस्या का समाधान सरकार ही है ? हद देखिये कि जो काम समाज को करना चाहिए उसे सरकार को करना पड़ रहा है। 

नहीं। सरकार इस समस्या का समाधान नहीं है। समस्या का समाधान खोजने से पहले समस्या को जानना जरुरी है। आखिर हम लोग आधी आबादी को बच्चियों के रूप में मां के गर्भ में ही खत्म कर देने पर आमादा क्यों हो रहे है या हो गए है ? इसका संबंध किससे है ? क्या किसी ने सोचने और समझने की कोशिश की है, और अगर की भी है तो उसने अब तक क्या किया ? दरअसल, जहाँ तक बात समझ में आती है इसका संबंध हमारी गरीबी से है, बेरोज़गारी से है, दहेज़ जैसी जानलेवा बीमारी से है, महंगी हो रही शिक्षा से है, सुरक्षा से है। जिसकी परिणीति शायद बच्चियों को मां के गर्भ में ही मार देने के रूप में देखने को मिली है, लेकिन यह समस्या का समाधान कतैई नहीं है और न हो सकता है, न इसका समर्थन किया जा सकता है, न जायज़ ठहराया जा सकता है।

चूँकि लड़कियों को हम शुरू से ही पराया धन मानते आ रहे हैं जिसके कारण भी उसे इस खूबसूरत दुनिया में आने ही नहीं देने की सोच हमने बना ली। सोच इसलिए कि अगर वह इस दुनिया में आएगी भी तो उसके स्वास्थय की, शिक्षा की, सुरक्षा की और एक अच्छा वर ढूंढने की जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। हमने इसे बेवजह की परेशानी मान ली और इससे छुटकारा पाने की सबसे किफायती तरकीब (उसे पेट में ही खत्म करदो) ढूंढ ली। जिसके चलते प्रदेश में हर रोज़ कहीं न कहीं बच्चियों को मां के गर्भ में ही खत्म कर देने की ख़बरें देखने, सुनने और पढ़ने को मिल रही हैं। पता लगने पर सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई अम्ल में ला रही हैं। जब यह खबर और सच्चाई हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पता चली तो हरियाणा में "बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ" शीर्षक से हुई रैली में लोगों से उन्हें बेटियां बचाने की भीख मांगनी पड़ी, जो हम सब के लिए शर्म की बात है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जो काम समाज को करना चाहिए, वह सरकार को क्यों करना पड़ रहा है, जबकि यह जिम्मेदारी समाज की है। समाज को समझना कि आधी आबादी को साथ लिए बगैर न कोई समाज, न देश, न प्रदेश आगे बढ़ सकता है। न उन्नति कर सकता है और न लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। किसी भी क्षेत्र में। लेकिन समाज भी क्या करे ? वह अब तक न गरीबी से बाहर आ पाया है, न अशिक्षा से, न असमानता से। आखिर क्या वजह है कि देश में सरकारें तो बदलती रही लेकिन समाज नहीं बदला, न सोच बदली, न व्यवस्था बदली ? जो हमारी ऐसी और अन्य सभी बीमारियों की जड़ है।

सवाल उठता है क्या हम इस स्थिति को यूं ही बना रहने दे या बेटियों को इस खूबसूरत दुनिया में लाने से पहले यह देखें कि हमारी सरकारें उनके लिए, उनके जीवनयापन के लिए क्या और कितना काम कर रही है ? योजनाएं ला रही है ? क्या बेटियों के प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं ? समाज में पेरेंट्स अपनी बच्चियों को क्या जवाब देंगे, जब बच्चियां बड़ी होकर उनसे सवाल करेंगी कि सरकार की योजनाओं की ध्यान में रखकर ही आपने हमें जन्म दिया ? क्या पेरेंट्स बच्चियों के ऐसे सवालों का जवाब दे पाएंगे ?

यह सही है कि पेरेंट्स की आज सबसे बड़ी चिंता बच्चियों की सुरक्षा को लेकर है, जिसमें सरकार अपना काम प्रभावी तरीके से कर रही है। लेकिन यहीं यह सवाल भी उठता है कि बच्चियों से ही घर-परिवार की मान-मर्यादा क्यों ? आबरू क्यों ? लड़कों से क्यों नहीं ? अच्छी बात यह हो रही है कि समाज में अब यह सवाल उठने लगा है, भले ही सवाल उठाने वाले आज गिनती में हैं, लेकिन कल यही गिनती असंख्य होगी। तब शायद समाज की आँखें खुले। ऐसे में हमारी बच्चियां मां की कोख में ही न मारी जाएँ और उन्हें इस खूबसूरत दुनिया में आने दिया जाए, जिससे समाज में पूरी तरह बिगड़ चुके सेक्स रेशो को सुधार कर सही धरातल पर लाया जा सकें। इसके लिए हमें सबसे पहले गरीबी पर फोकस करना होगा, बेरोज़गारी पर फोकस करना होगा। समाज में अब तक बनी आ रही लड़के-लड़की को लेकर हर प्रकार की असमानता और भेदभाव को दूर करना होगा। साथ ही, समाज में हो रहे और होने वाले प्रेम विवाह और अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देते हुए मान्यता देनी होगी। हर व्यक्ति और परिवार के लिए रोज़गार की व्यवस्था करनी होगी। करेंगे ना यह ?

Friday, 16 September 2016

ऐसे हैं हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो हमारी जिंदगी में तोहफे के रूप में आए और हममें उम्मीदें जगा दी


मारे प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आज 67वां जन्मदिन है। भारतीय जनता युवा मोर्चा हरियाणा के हम सभी युवा उन्हें अपने हृदय की गहराइयों से शुभकामना प्रेषित कर रहे हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दीर्घायु हों। देश के करोड़ों लोगों की दुआएं उनके साथ हैं। सचमुच में नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री के रूप में हमारी जिंदगी में तोहफे के रूप में आए और हममें देश के लिए जीने और काम करने की उम्मीदें जगा दी। उन्होंने यह भी कहा हैं कि देश के लिए कोई दूसरा बदले, हम खुद क्यों न बदलें। उनका यह कथन हम युवाओं के लिए प्रेरणाप्रद बन गया है वहीँ, उन्होंने बदलाव की सही और वास्तविक परिभाषा से भी परिचय कराता है। 


नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनकर अब से करीब दो साल पहले देश को निराशा के गर्त से निकालकर हमारे अंदर नए सिरे से सोचने, समझने, काम करने और आगे बढ़ने की जिस प्रकार उम्मीदें जगाई थी वह सभी हमारे और देश के बदलाव के कारकों में गिनी जाती हैं। जिससे हमारा हर साल, महीना और दिन बदलाव की नई परिभाषा लिख रहा है। जिसका आज पूरा वैश्विक समुदाय कायल हो गया है और आगे बढ़कर इस भारत देश का स्वागत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि देश के 80 करोड़ युवा अब भारत का भाग्य बदलेंगे और लिखेंगे। नरेंद्र मोदी जी ने हम युवाओं को राजनीति करना भी सिखाया है और यह भी बताया है कि राजनीति में कैसे आगे बढ़ा जाता है। उन्होंने हम युवाओं को यह भी सन्देश दिया है कि सकारात्मक राजनीति से चीज़ें बदलती हैं और उनमें स्थाई बदलाव आता है, जो देश, प्रदेश और समाज की उन्नति के लिए जरूरी है। 

उन्होंने देश की समस्याओं के लिए राजनीति को जिस प्रकार सबसे बड़ी समस्या बताया है उसे हम युवाओं को समझने की सबसे अधिक जरूरत है। वह राजनीति जो देश का निर्माण करती है। समाज को नई रोशनी में लेकर आती है। समाधान के रास्ते भी राजनीति ही बताती है। उन्होंने पिछले ही महीने mygov.in कार्यक्रम में इस बात को बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि कभी-कभी समस्याओं की जड़ में सरकारें भी होती हैं। हमें यह समझने की जरुरत है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बदलाव लाने का काम सरकार की नीतियों, निर्णयों और डिलीवरी में निहित है। सही मायने में सरकार इस मोर्चे पर लगातार सफल होती जा रही है, जिसका नतीजा हमें सरकार के प्रत्येक कामकाज में दिखाई दे रहा है। उन्होंने ऐसा देश में नई कार्य संस्कृति का आगाज़ कर दिखाया है जो नतीजे देने वाली होती है, प्रधानमंत्री जी ने इस कार्य संस्कृति का इसी 15 अगस्त को लालकिले से अपने भाषण में देश के लोगों के बीच इसका जिक्र भी किया था। 

मैं भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से प्रधानमंत्री जी का इस बात के लिए धन्यवाद् करूँगा कि वे अपने हर काम और हर बात को पब्लिक डोमेन में ला रहे हैं। वे आह्वान भी कर रहे हैं कि लोगों को सरकार के हर काम से जुड़ना चाहिए और अपनी राय व्यक्त करनी चाहिए। उनके जन्मदिन पर आज उनके 'नरेंद्र मोदी ऐप' से और अधिक जोड़ने का नए युवाओं का आह्वान किया गया है। इतने स्पष्ट, पारदर्शी तरीके से काम करने वाला निडर प्रधानमंत्री देश को आज तक नहीं मिला है। यह नरेंद्र मोदी जी की देश के प्रति काम करने की संकल्प और इच्छाशक्ति ही है जिन्होंने देश को आज वैश्विक पटल पर अग्रणी देशों की कतार में लाकर खड़ा कर दिया है। विश्व का आज कोई भी ऐसा देश नहीं, जो भारत की अनदेखी कर दे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को यह बताने और समझाने में सफल हुए हैं कि नेता का विश्वसनीय होना कितना जरुरी है। जिस पर लोग भरोसा कर सकें। यह नरेंद्र मोदी जी का ही कमाल हैं कि कैसे एक नेता, जिसने कभी केंद्र की राजनीति नहीं की, एक प्रदेश गुजरात का मुख्यमंत्री रहा और अपनी मेहनत, लगन, काम करने की इच्छाशक्ति, स्पष्ट विज़न और निर्णायक होते हुए देश का प्रिय नेता बन गया। यह बात बिल्कुल सही है कि आदमी को अपनी ज़िन्दगी में, अपने काम में निर्णायक होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमें यह भी बताया कि जिन कामों की और या चीज़ों की और मुंह फेर कर चल देते हैं और एक वर्ग विशेष का ही काम समझते है वह हमारे लिए कितना महत्व रखती है मतलब स्वच्छता। सफाई। शौचालय। उन्होंने बिल्कुल सही कहा है कि स्वच्छता का काम हमारे स्वभाव से जुड़ा है। देश के विभिन्न प्रदेश आज जिस प्रकार कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में है उसका एक बड़ा कारण यही है। 

हम चाहे तो अपने स्तर पर इस समस्या को खत्म करने में योगदान दे सकते हैं। हमें यह योगदान देना भी चाहिए। अपनी बात के आखिर में मैं सभी युवाओं का आह्वान करता हूँ कि वे प्रधानमंत्री जी के देश के विकास और आगे बढ़ने को लेकर बनाए गए कार्यक्रम मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया, स्किल इंडिया, जन-धन योजना से सीधे जुड़ें और जन-जन तक इसकी महत्ता और उपयोगिता बताएं। इसे समझें और इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। एक बार फिर हमारे प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को उनके इस जन्मदिवस पर संगठन और प्रदेश के सभी युवाओं की ओर से उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ। वे हम युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणापुंज बने रहें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु हों। 

Wednesday, 14 September 2016

पर्यटन उद्योग से अब नई पहचान की और आगे बढ़ेगा हरियाणा

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिला के नारनौल स्थित जलमहल आज भी
देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 
रियाणा में पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने के राज्य सरकार के फैसले का जितना स्वागत किया जाए, वह कम है। निश्चित रूप से इस फैसले से देश-विदेश के लोगों को प्रदेश की तमाम चीज़ों से जुड़ने का जहां अवसर मिलेगा वहीँ, रोज़गार के क्षेत्र में युवाओं को सबसे अधिक फायदा पहुंचेगा और उन लोगों को भी जो प्रदेश की भाषा, कला-संस्कृति, खानपान, बोलचाल, पर्यटन, प्राकृतिक और पौराण्विक महत्व के स्थलों की प्रामाणिक जानकारी रखते हैं। राज्य सरकार के इस फैंसले से हरियाणा अब पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी नई पहचान बनाने में भी आगे आएगा, जिसकी की लंबे समय से प्रतीक्षा की जा रही थी।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल जी ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर बदलते और आगे बढ़ते हरियाणा को एक नई ताकत देने का काम किया है। नई दिशा देने का काम किया है।  इससे प्रदेश के वे सभी मेले, तीज-त्योहार, जो हमारी आस्था और परम्पराओं से जुड़े हुए हैं अब मुख्यधारा में आ सकेंगे। ऐसे सभी मेले, तीज-त्योहार जो छोटे हो या बड़े या किसी भी समाज के हों उन्हें समूचे हरियाणा के तीज, मेले, त्योहार किस प्रकार बनाए जाएं और उन्हें घरेलु उद्योग से जोड़ा जाएं, उनका प्रचार और प्रसार कैसे किया जाएं, इस सब की जिम्मेदारी प्रदेश के सभी लोगों पर आ गई है। यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है ना ही किसी एक  ही व्यक्ति को मिलने वाला लाभ है। इससे प्रदेश में जहाँ पर्यटन उद्योग का नया माहौल बनेगा वहीं, वह विकास के रास्ते पर और तेजी से आगे बढ़ेगा। 

यहां आपके मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि यह होगा कैसे ? लोगों को खासकर युवाओं को इस पर्यटन व्यवसाय से कैसे जोड़ा जा सकेगा ? सवाल लाज़मी है और ऐसे सवाल होने भी चाहिए। इसके लिए सबसे पहले प्रदेश के युवाओं को सभी प्राकृतिक, पौराण्विक और पर्यटन महत्व के स्थलों का भ्रमण कर उसकी पूरी जानकारी एकत्रित करनी होगी और ऐसे स्थलों को नए सिरे से किस प्रकार विकसित कर उन्हें उद्योगों का रूप दिया जाए। इसके लिए उन्हें अपना एक विज़न पेपर तैयार कर सरकार से बात करनी होगी। सरकार युवाओं के इस काम का स्वागत करने के लिए तैयार है। 

हरियाणा प्रदेश के हर जिले, गांव, ढाणी में ऐसे कई पर्यटन, प्राकृतिक और पौराण्विक महत्व के स्थल हैं जो हमारी आस्था के भी केंद्र हैं, जो हमारे घरेलु पर्यटन स्थल को परिभाषित करते हैं। जिनसे हमारा खान-पान, पहनावा, हमारी एकता-भाईचारा, हमारा रहन-सहन, संस्कृति सब जुड़ा हुआ है। हम इसकी उपेक्षा नहीं कर सकते। हमारे प्रदेश के युवाओं पर पूरे भारत के साथ-साथ विश्व भर के देशों की नज़र है। हमारे यह युवा आज अपनी मेहनत, लगन से हर क्षेत्र में कमाल कर रहे हैं - धमाल कर रहे हैं। खासकर खेलों में तो हमारे यहां के युवाओं ने तहलका मचा रखा है। यहां मैं प्रदेश की आधी आबादी यानी लड़कियों की तारीफ करने से खुद को बिल्कुल भी नहीं रोकूंगा। जो प्रदेश की शान बढ़ाने में बराबर से लगी हुई हैं। चाहे क्षेत्र अंतरिक्ष का हो या जमीन का या युद्ध का, जिसके कारण दक्षिण हरियाणा को तो सैनिकों की नर्सरी तक कहा जाता है। यह हमारे हरियाणा का कमाल है। हरियाणा में जिस प्रकार पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिया गया है उसमें मैं यहां के गबरू जवानों की भी चर्चा करना जरुरी समझता हूँ। हमें ऐसे गबरू जवानों की ब्रांडिंग को पर्यटन व्यवसाय से जोड़ना चाहिए। पूरा देश आज यह जानना चाहता है कि हरियाणा की मिट्टी में ऐसी क्या खास बात है जिससे यहां के युवाओं की गबरू जवानों की इमेज बन गई है।  जो अन्य प्रदेशों में देखने को नहीं मिलती। निश्चित रूप से यह हरियाणा के देशी खान-पान का कमाल है। हम प्रदेश के खान-पान, पहनावे, नृत्य-संगीत, रागनी, लोक कलाकारों को अपने प्रयासों से विश्वभर में प्रचारित और प्रसारित कर हरियाणा के पर्यटन उद्योग को मज़बूती दे सकते है। मैं विश्वास करता हूँ कि आप और हम यह जरूर करेंगे।

Monday, 12 September 2016

बदलते भारत की ताकत ।


हरियाणा में पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद बीते दो साल में प्रदेश के युवाओं ने राजनीति को जिस तेजी से समझा है और उसमें अपनी जगह बनाई है, उससे एक बात साफ तौर पर कही जा सकती है वह यह कि बेवजह के मुद्दों पर लोगों को गुमराह कर वोट हथिया लेने वाली राजनीति आपके और हमारे बीच से खत्म हो रही है और उसकी जगह विकास की राजनीति ले रही है। इस राजनीति को हमने बीते लोकसभा और विधानसभा चुनाव में देखा है।

यह बदलाव की राजनीति है। जिसमें लोगों ने अपने भरोसे का निवेश किया है। भारतीय जनता पार्टी और सरकार के प्रति लोगों का यह भरोसा बना रहे। इस बात की जिम्मेदारी हम युवाओं की मतलब भारतीय जनता युवा मोर्चा की बनती है। ऐसा हम कैसे कर पाए तो इसका सीधा सा उत्तर है-हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से। जिन्होंने देश के लोगों खासकर युवाओं से एक ही बात कही, वह यह कि आप चलें या न चलें, देश चल पड़ा है-प्रदेश चल पड़ा है, और कमाल देखिए कि देश चल पड़ा। बदलाव के रास्ते पर। विकास के रास्ते पर। अपनी समस्याओं के समाधान के रास्ते पर। तकनीक के रास्ते पर। यह वह समय था जब प्रधानमंत्री ने देश को यूपीए के दस साल के शासन से उपजी गहरी निराशा के गर्त से देश को उबार लिया था। यही नहीं, देश को वैश्विक मंच पर शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में नए सिरे से स्थापित कर दिया। भारत का डिजीटल होना क्यों और कितना जरुरी है यह बता भी दिया और समझा भी दिया।

यह है बदलता भारत-बदलते भारत की ताकत। 

हम युवाओं के काम करने से बनी भारत की आर्थिक ताकत की गूंज आज पूरे विश्व के कोने-कोने में सुनाई दे रही है तो हरियाणा विश्वभर के निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए आकर्षित कर रहा है। जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल सके। हर प्रकार काम मिल सके। यह भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का कमाल है। जनहित में लिए जा रहे फैंसलों का कमाल है। पारदर्शी तरीके से काम कर रही सरकार की साफ-सुथरी सोच का कमाल है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हरियाणा एक-हरियाणवी एक सोच का कमाल है। जिसने हरियाणा प्रदेश को एकता और भाईचारे के सूत्र में और मजबूती से बांधने का काम किया है। हरियाणा और हरियाणा के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए। यह है हरियाणा का भाईचारा। जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाती है। 

यह सब कुछ हमने अपने सामने भाजपा के पक्ष में खड़े होकर अपने लिए गए फैंसलों से होते हुए देखा है। यकीनन हम ऐसा कर पाए हैं। जब, हमने भाजपा के प्रति अपने अंदर के विश्वास को पहचाना। युवाओं का, आमजन का यह विश्वास आगे भी बना रहे। इसके लिए तय मानिए, भाजपा और भाजयुमो प्रदेश के किसी भी युवक को या जन को निराश नहीं होने देगा।

भाजपा-भाजयुमो

जिसने सत्ता बदल दी। राजनीति बदल दी। राजनीति करने वाले बदल दिए। सोच बदल दी। सोचने का नजरिया बदल दिया। युवाओं में आगे बढऩे की ललक जगा दी। विकास के मायने समझा दिए। युवाओं के विमर्श को केंद्र में ला दिया।

Sunday, 4 September 2016

हमें हमारे लक्ष्य तक पंहुचा रहे सभी शिक्षकों के प्रति हम कृतज्ञ हैं

आज शिक्षक दिवस है। शिक्षकों के सम्मान का दिवस, शिक्षकों से आशीर्वाद लेने का भी दिवस है यह। शिक्षक दिवस हमें इस बात की भी ताकीद करता है कि हमें, हमारे देश और समाज को हमारे शिक्षकों की कितनी चिंता है ? साथ ही, यह दिवस शिक्षकों के भी आत्मचिंतन का अवसर है। जिसमें यह देखा और समझा जाता है कि शिक्षक अपने बच्चों को छात्रों को कितने उजाले में लेकर आया है। चिंतन और आगे बढ़ने की यह प्रक्रिया जब तक दोनों स्तरों पर नहीं होगी तब तक शिक्षक दिवस की सार्थकता भी सिद्ध नहीं होती है। यह हमें समझना होगा। 

स्कूल, कॉलेज में पढ़ाने वाला व्यक्ति ही शिक्षक नहीं होता है।  इससे पहले हमारी सबसे बड़ी शिक्षक हमारी मां भी होती है जिन्हें हम जीवन की सही पाठशाला कहते है। इस दिन अगर हम अपने शिक्षकों के साथ अपनी मां के प्रति भी अपनी कृतज्ञता जाहिर कर दें तो मां हमारी कितनी खुश हो जाएंगी। हम यह सोच भी नहीं सकते। उनकी नज़र में हमारा स्तर और समर्पण कितना बड़ा और ऊँचा हो जाएगा, यह मां से बढ़कर और कौन समझ सकता है। चाहे तो युवा ऐसा करके इस शिक्षक दिवस पर देख भी सकते हैं। 

इसमें कोई दो राय नहीं है कि शिक्षक का हमारे जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में महत्व बढ़ गया है। चाहे वह क्षेत्र राजनीति का हो, खेल का हो, संगीत का हो, कैरियर का हो या फिर जीवन की विभिन्न प्रतियोगिताओं का हो। शिक्षक के बिना आज हम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकते। इन क्षेत्रों में ऐसे बहुत से शिक्षक मिल जाएंगे जो अपने शिष्यों को, युवाओं को उनके लक्ष्य तक पंहुचाने में जी जान से जुटे हुए है जिन्हें आजकल की भाषा में कोच, गुरु, ट्रेनर, कॉउंसलर भी कहा जाता है। कभी-कभी हमारे संगठन और संस्थाएं भी हमारे शिक्षक का काम करती है। जहां युवाओं के कैरियर का और भविष्य का बेहतर निर्माण किया जाता है। इससे भी आगे बढ़कर इन संस्थाओं और संगठनों में जो शिक्षक होते है वे अब नतीजे देने और अपने शिष्य से नतीजे लेने की दोहरी भूमिका में आ गए है। ऐसे शिक्षक और युवा हमारे समाज में, राजनीति में, खेलों में, सामाजिक क्षेत्रों में अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का काम कर रहे हैं। 

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे सभी युवाओं को देश और समाज का एजेंडा तय करने वाली युवा शक्ति से परिभाषित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की इसी युवा शक्ति से और ऊर्जा से आज सबसे अधिक प्रभावित है, उत्साहित है और देश को आगे ले जाने के प्रति आशान्वित है। प्रधानमंत्री देश में हो या वैश्विक स्तर के किसी भी मंच पर युवाओं को काम करने और आगे बढ़ने का जिस प्रकार वे सन्देश देते है, देश और दुनिया के सामने युवाओं का महत्व बताते है उससे वे स्वयं हम युवाओं के लिए एक शिक्षक की भूमिका में भी आ जाते है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब हम युवाओं से कहते हैं कि हमें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। साथ ही, देश और समाज के प्रति किस प्रकार समर्पित हुआ जाता है तो वे पूरे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरक व्यक्तित्व का काम  करते है। 

आज शिक्षक दिवस के दिन हम युवा अपने उन सभी शिक्षकों के प्रति कृतज्ञ है, आभारी है, नतमस्तक है जिन्होंने हमारी चिंता की और आज भी कर रहे है, इस बात की कि हम अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सबको साथ लेकर और सबके साथ किस प्रकार आगे बढ़ें। ऐसे सभी शिक्षकों का आशीर्वाद और शुभकामनाएं हमेशा हमारे साथ रही है और भविष्य में भी रहेंगी। ऐसा हम युवाओं को विश्वास है। 

Tuesday, 30 August 2016

युवा लिखेंगे हरियाणा की सक्सेस स्टोरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में जिस प्रकार विकास का एजेंडा तय कर देश को बदलाव के रास्ते पर लाने का काम किया है उससे देश में चौतरफा डेवलपमेंट कल्चर ने अपनी जगह बनानी शुरू कर दी है । डेवलपमेंट कल्चर की यह गूँज देश के साथ वैश्विक स्तर पर भी सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसा समस्याओं के समाधान और विकास के काम पर फोकस करने से कर पा रहे है। हरियाणा ने प्रधानमंत्री की इस पहल को जिस प्रकार आत्मसात कर चौतरफा विकास के काम कराने की लोगों में एक धुन पैदा की है उसमे प्रदेश के युवाओं ने अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए कामों को लीड करना शुरू कर दिया है। यह हम तब कर पाते है जब हम अपने गांव, शहर, देश और प्रदेश से लगाव महसूस करते है। प्रदेश के युवाओं ने यह करके दिखाया है। इस जबरदस्त प्रयास को आप प्रदेश के किसी भी क्षेत्र में देख सकते है। यह क्षेत्र खेलों का भी हो सकता है, राजनीति का भी हो सकता है, छोटे-बड़े उद्योगों का भी हो सकता है, नए स्टार्टअप का भी हो सकता है। युवाओं के इस प्रयास को मुख्यमंत्री मनोहर लाल और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने गंभीरता से समझा और प्रदेश को विकास के, रोज़गार के मार्ग पर आगे ले जाने के लिए देशी - विदेशी निवेशकों से सीधा संवाद स्थापित किया। जिसकी सुखद परिणीति हमें हैपनिंग हरियाणा के रूप में देखने को मिली। एक प्रकार से प्रदेश में अब चौतरफा काम करने का माहौल बन गया है और काम होना भी शुरू हो गया है। जिसके सुफल आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे। यह प्रदेश के युवाओं की ऊर्जा का कमाल है।  जिद, जोश और जूनून का कमाल है। युवाओं का भारतीय जनता पार्टी और भारतीय जनता युवा मोर्चा में अपने विश्वास के निवेश का कमाल है। मेरा शुरू से ही यह मानना रहा है कि केंद्र और हरियाणा प्रदेश की जनकल्याणकारी नीतियों से उत्पन्न हुए सुअवसरों ने युवाओं के दरवाजे पर दस्तक दी है। जिसमे वक्त और मौके दोनों शामिल है। युवाओं ने इसे पहचानने में रत्ती भर भी देरी नहीं की और अपने ध्येय के प्रति जी जान से जुट गए। जिससे आज वे साधारण से असाधारण से बनकर हमारे सामने आए है।  ऐसे युवाओं में साक्षी मलिक को हम देख सकते है। यह तो केवल एक खेल के क्षेत्र की उपलब्धि है अन्य क्षेत्रों में युवा जिस प्रकार काम कर रहे है वह हमें आने वाले एक - दो साल में और स्पष्ट दिखाई दे जाएगा। जिन्हें हम अपने प्रदेश और समाज के नायक बनता हुआ देखेंगे। इनमे से बहुत सारे युवा राजनीति में भी देखने को मिलेंगे।  जो भविष्य में राजनीति की दिशा और दशा तय करेंगे।  राजनैतिक दल और जनता दोनों को लीड करते हुए दिखाई देंगे। भारतीय जनता युवा मोर्चा ने ऐसे युवाओं को आगे लाने का काम शुरू कर दिया है। जिससे भारतीय जनता पार्टी को देश और समाज के निर्माण में जबरदस्त मज़बूती मिलेगी। युवाओं का यह प्रयास और गाथा केवल कहने तक नहीं है। ग्रास रुट पर वे अपना काम कर रहे हैं। गांव-शहर की मलीन बस्तियों में जाकर वहां रह रहे लोगों के जीवन की दुस्वारियों को समझ रहे है और उन्हें दूर करने का भरसक प्रयास भी कर रहे हैं। प्रदेश की सरकार का ऐसे युवाओं को भरपूर सहयोग और समर्थन मिल रहा है। मुख्यमंत्री मनोहरलाल जी ने बहुत स्पष्ट कहा है कि हम समाज को मज़बूत किए बिना देश और प्रदेश को मज़बूत नहीं कर सकते। भारतीय जनता युवा मोर्चा युवाओं का एकमात्र ऐसा संगठन है जहाँ कोई भी युवा अपनी आकांक्षाओं को परवाज दे सकता है। ऐसे में युवाओं ने तो हरियाणा प्रदेश की सक्सेस स्टोरी लिखनी शुरू कर दी है। आप कब लिखेंगे ?

Thursday, 25 August 2016

सिंधु और साक्षी के रूप में बदलाव ने फिर दी है दस्तक..

दो साल पहले लोकसभा के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में अपनी जनसभाओं में श्री नरेंद्र मोदी जी एक बात बार-बार देश के सामने रख रहे थे कि आप चलें या न चलें देश चल पड़ा है। आज रियो ओलम्पिक में पी.वी.सिंधु और साक्षी मलिक ने देश के लिए मैडल जीतकर खासकर युवाओं को ठीक ऐसा ही सन्देश दिया है कि देश खेलों की दुनिया में अब चल पड़ा है। इस देश को अब खेलों में मैडल से कम कुछ नहीं चाहिए। आप सोच रहे होंगे कि खेल और राजनीति का आपस में क्या कनेक्शन है ? मैं कहता हूँ कनेक्शन हैं । खेल हमारी सोच को बदल रहे है। हमारे अंदर जिद, जोश और जुनून को भर रहे है। हमारे अंदर वह जज्बा पैदा कर रहे है जिससे मैडल जीते जाते है। वह समय गया जब ओलम्पिक में हमारी सिर्फ उपस्थिति दर्ज होती थी। लेकिन आज हमारी आँखों में मैडल जीतने के सपने पलते है। मैडल की भूख अब हम युवाओं को सोने नहीं देती है। आपको याद होगा यहीं भूख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते लोकसभा चुनावों में देश के लोगों में पैदा कर दी थी, यह भूख थी बदलाव की, आगे बढ़ने की, राजनीति बदलने की, सत्ता बदलने की, व्यवस्था बदलने की।  जिसके कारण देश में आज छोटी से लेकर बड़ी चीज़ बदलाव की प्रक्रिया में आ गई है और कई चीज़ें तो अपने लक्ष्य तक पहुँच भी रही है।  


पहली बार देश में  ऐसा हुआ है जब किसी राजनैतिक दल में करोड़ों लोगों ने अपने विश्वास का निवेश कर उसे दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बना दिया। वह पार्टी आपकी भारतीय जनता पार्टी है जिसे लगातार मज़बूत करने के काम में हरियाणा में भारतीय जनता युवा मोर्चा लगा हुआ है। ऐसा नहीं है कि यह खालिश राजनीति ही है। देश में और हरियाणा प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार की नई बनी खेल नीति और युवाओं को खेलों में हर प्रकार की सुविधा मुहैया कराने की नेक नीयत ने हमारे खिलाडियों को छोटे - बड़े सभी खेल आयोजनों में इतिहास रचने का अवसर प्रदान कराया है। यह सही है कि बीते रियो ओलम्पिक में हम उन खेलों में बेहतर प्रदर्शन नहीं कर पाए जिनमे हमें पदक की पूरी उम्मीद और भरोसा था, कोई बात नहीं हम खेले पूरे दम-खम के साथ खेले, देश के लिए खेले। जब हमारा कोई भी काम देश के लिए होता है तो हमारा काम और हम वैसे ही बड़े हो जाते है। अच्छी बात यह है कि देश के युवा इस बात को समझने लगे है।  यह कितनी रोचक और दिलचस्प बात है कि आज खेल राजनीति को बदल रहे है और राजनीति खेलों को। खेलों को बदल रही राजनीति से तात्पर्य  उस तकनीक से है जो अब खेल और खिलाडियों के लिए आवश्यक को गई है खिलाडियों के दम-खम से है, उनकी मानसिक मज़बूती से है। सरकार खिलाडियों को ऐसी सभी तकनीक, सुविधा और व्यवस्था मुहैया कराने के लिए कृत संकल्प है। 

देश में यह भी पहली बार हुआ है जब किसी ओलम्पिक में हमारे खिलाडियों के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न होने पर प्रधानमंत्री ने न सिर्फ चिंता जताई है बल्कि अपने स्तर पर उन वजहों को जानने  की भी कोशिश की है जिसके कारण ऐसा हुआ है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में अगले महीने रियो में भारत के प्रदर्शन की रिव्यु और आगे की तैयारी के लिए बैठक का आयोजन होने जा रहा है। इस बैठक में खेल प्रशासन से जुड़े तमाम लोगों  के साथ खिलाडियों को भी बुलाया जा सकता है। जिसमे प्रधानमंत्री स्वयं खेल और खिलाड़ियों के लिए आवश्यक संसाधन और सुविधा को देखेंगे। 


यह आप सबको पता है कि भारत आज युवाओं का देश है। हम युवा हार मानने वाले नहीं है। जैसे प्रधानमंत्री हार नहीं मानते है। बात सही भी है यह देश अब करोड़ों युवाओं के भरोसे हर क्षेत्र में कमाल कर रहा है। यह बदलाव देश में हो रहे सकारात्मक बदलाव के कारण हो रहा है। युवाओं ने इस बात को समझ लिया है कि बिना बदले अब कोई भी चीज़ हासिल नहीं की जा सकती। इसलिए मेरा आप सभी युवाओं से कहना है कि ऐसे ही रहना है या आगे बढ़ना है ? पी.वी.सिंधु और साक्षी मलिक के बहाने ही खुद को बदलने, आगे बढ़ने और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए ही चल पड़ो। फिर चाहे लक्ष्य खेल का हो या राजनीति का। 

Saturday, 13 August 2016

युवा बनेंगे बदलाव के सच्चे वाहक ।

मैं अपनी बात स्वामी विवेकानंद के कथन से शुरू करता हूँ। विवेकानंद ने कहा था कि सिर्फ सौ युवा देश की तकदीर बदल सकते हैं। विवेकानंद ने यह बात कहने के लिए ही नहीं कही थी। वे युवाओं की ताकत और जज्बे से भली भांति परिचित थे। तभी देश के युवाओं ने हर काल में अपनी ताकत और जज्बे से हालात बदले हैं। फिर चाहे देश की आज़ादी का आंदोलन हो, जयप्रकाश नारायण की सम्पूर्ण क्रांति हो, सन 1977 का आम चुनाव हो या 2014 में हुए आम चुनाव या उसके बाद हरियाणा में हुआ विधानसभा चुनाव इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है जिसने लोगों की सोच बदल दी, चीज़ों को देखने का नज़रिया बदल दिया। एक होकर समस्याओं के समाधान और विकास के रास्ते पर कैसे आगे बढ़ा जाता है यह करके दिखाया। जिसके कारण जहाँ आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देश बदल रहा है, आगे बढ़ रहा है। वही, हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अगुवाई में प्रदेश लगातार काम करते हुए आगे बढ़ रहा है, जिसमे लोगों की उम्मीदें पूरी हो रही हैं । श्री मनोहर लाल के साथ प्रदेश बदलाव के रास्ते पर आगे बढ़ चला है।

Manish Yadav, State President, BJYM Haryana
समाज के निर्माण में भी युवाओं की भागीदारी से इन्कार नहीं किया जा सकता। यही बात राजनीति में लागू होती हैं। देश की राजनीति में युवा जिस प्रकार आगे आ रहे हैं, अपनी भागीदारी निभा रहे हैं, अपना स्थान बना रहे हैं, अपनी जगह सुनिश्चित कर रहे हैं उसे देखते हुए देश की राजनीति अब निर्माण की दिशा में आगे बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अब वह समय गया जब नेता युवाओं को गुमराह कर उनका वोट हथिया लेते थे। आज का युवा जागरूक है, समझदार है, अच्छे-बुरे का ज्ञान हो गया हैं उसे। उसे अपने वोट की कीमत और ताकत समझ में आ गयी है। युवाओं ने अब उन लोगों को पहचान लिया हैं जो जाति, धर्म, क्षेत्रवाद इत्यादि के नाम पर उन्हें गुमराह करते आये है।  युवाओं ने भी ऐसे लोगों के साथ अपनी सोच, समझ, ताकत और सकारात्मक ऊर्जा को खूब जाया किया है। इसमें कोई शक नहीं है। जिसके कारण देश का भी नुकसान हुआ है और प्रदेश का भी, समाज भी और खुद युवाओं का भी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐसे सभी युवाओं को इसका अहसास कराया और बताया कि देश युवाओं का है। युवाओं की ही जिम्मेदारी है कि वे अपने इस भारत देश को कैसा बनाना चाहते है, उसे कहाँ ले जाना चाहते है ?  युवाओं ने प्रधानमंत्री की इस बात को सुना, समझा और खुद से सवाल किया कि वे देश के लिए क्या कर सकते है ? मेरा शुरू से ही यह मानना रहा है कि राजनीति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी सेवा होती है। इसके लिए देश और प्रदेश के हर कोने से लीडरशिप की तलाश होनी चाहिए लेकिन दुःख तब होता है जब कुछ मुट्ठी भर नेता अपने कार्य और व्यवहार से देश की राजनीति को अब भी गंदा कर रहे है और उसकी छवि को धूमिल कर रहे हैं। 

देश की राजनीति की दिशा, निर्माण और लोगों की भलाई के लिए भारतीय जनता पार्टी एक विज़न के साथ आगे बढ़ रही है और उस विज़न को देश के आमजन तक पहुँचाने के काम में पार्टी का हर नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता लगा हुआ है।  इस बात को देखते हुए अब युवाओं की जिम्मेदारी बनती है कि वे नागरिकों का सशक्तिकरण करने के लिए आगे आएं ताकि वे बदलाव के सच्चे वाहक बन सकें। 

मेरी अपनी सोच है कि अगर आप अपने देश को प्यार करते है तो आप उससे छल नहीं कर सकते।  युवाओं को यह समझना होगा कि आज प्रत्येक क्षेत्र में काम करने की बड़ी संभावनाओं के दरवाजे खुल रहे है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छता अभियान, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया, स्टार्टअप और स्टैंडअप जैसे कार्यक्रम इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। ऐसे में उन लोगों को अब मुंह की खानी पड़ेगी, जिन्होंने पूर्व में युवाओं को सपने तो खूब दिखाए, लेकिन सपने पूरे कैसे किए जाएंगे उसके लिए कोई काम नहीं किया। यही नहीं, ऐसे लोगों ने युवाओं की नौकरियों पर ताले लगा दिए, रोज़गार खत्म कर दिया। जिससे युवाओं में गहरी निराश घर कर गई। भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा ने ऐसे लोगों के खिलाफ सीधी लड़ाई छेड़ रखी है जिसके नतीजे भी सामने आ रहे है। हमें यह बात समझनी होगी कि युवा आबादी समस्या नहीं है। संसाधन और समाधान मानकर हमारी सरकार इस पर काम कर रही हैं।  इसके लिए हम सब को मिलकर काम करना होगा, एक लक्ष्य के साथ आगे बढ़ना होगा। 

अक्सर यह सवाल किया जाता है कि आखिर राजनीति है क्या ? राजनीति उन सभी विषयों पर सार्थक बहस करने का अवसर देती है जिनका संबंध हमारे जीवन से होता है। राजनीति आम आदमी से हटकर कोई अलग विषय नहीं  है। दरअसल राजनीति का मतलब उन तमाम विषयों से है जो आदमी के सुख-दुःख जुड़े हों। अच्छी बात यह है कि युवा इस राजनीति को समझ रहे है, समझने में लगे है।  ऐसे में बदलाव लाने का प्रयास युवाओं ने शुरू कर दिया हैं। कल तक जो युवा बेहतर जिंदगी के लिए देश छोड़ देते थे, आज वे दूसरों की भलाई के लिए सबको साथ लेकर देश में ही काम करने की मानसिकता बना रहे है, फैंसला कर रहे है जो हमारे लिए  बदलाव के वाहक बन रहे है और ऐसे युवाओं से ही देश बदल रहा है। ऐसे युवाओं का मानना है कि संघर्ष जरूर विकट है। वर्षों से जमी जड़ता को दूर करने में समय लगेगा। इस जड़ता को जड़ों से उखाड़ने में जड़ों तक जाना होगा, वे यह जानते हैं। इसलिए बेहद तकनीकी स्तर पर भी जाने के लिए वे तैयार हो रहे हैं। उन्हें संघर्ष की लंबाई और गहराई का पता हैं। आखिर युवा भाजपा के साथ चल पड़े है। युवाओं ने समझ लिया हैं कि सत्तर साल की आज़ादी के बाद भी उनकी बेहतरी के लिए देश पर लंबे समय तक राज करने वाली कांग्रेस की सरकारों ने कुछ नहीं किया। तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने "कांग्रेस मुक्त भारत" के साथ आगे बढ़ना शुरू कर दिया हैं, जो हमारी सभी समस्याओं की वजह रही है । आप सभी को आज़ादी की 70 वीं वर्षगाँठ बहुत-बहुत मुबारक हो। 

Wednesday, 10 August 2016

युवाओं के आगे बढ़ने से ही आगे बढ़ेगा हरियाणा ।


आज हम युवा अपनी समस्याओं के समाधान, विकास और अपने भविष्य के निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं । फैंसला आपको करना है कि ऐसे ही रहना है या आगे बढ़ना है । इसके लिए हमें देश और हरियाणा प्रदेश की राजनीति को समझना होगा, जो हमारी सभी समस्याओं की जड़ है, जबकि समझने वाली बात यह है कि यही राजनीति हमारी समस्याओं का समाधान भी है, लेकिन यह तब होगा, जब हम युवा राजनीति में सक्रिय रूप से भाग लेंगे। अपनी भूमिका तय करेंगे। हम मिलकर रहेंगे । मिलकर चलेंगे। काम करेंगे । बस इतना समझ लीजिए, अगर राजनीति को बदलना है तो हमें अपने सोचने का तरीका बदलना होगा। हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी यही कहते हैं ।

आपके लिए : भारतीय जनता युवा मोर्चा, हरियाणा 


मनीष यादव 
प्रदेशाध्यक्ष