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Sunday, 16 September 2018

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का 68वां जन्मदिन मना रहा देश आज खुश है और आगे बढ़ रहा है.


देश आज अपने यशस्वी और सबसे लोकप्रिय नेता माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का 68वां जन्मदिन मना रहा है और खुश है कि देश को आज विज़न के साथ काम करने वाला प्रधानमंत्री मिला है. प्रधानमंत्री के रूप में श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश की राजनीति की नई परिभाषा गढ़ी है. विकास की नई परिभाषा गढ़ी है. जिससे देश आज विभिन्न क्षेत्रों में काम करता हुआ आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ही वह व्यक्ति हैं जिन्होंने खासकर युवाओं को देश के लिए जीने और काम करने के लिए प्रेरित किया है. युवाओं का देश के लिए जीने और काम करने का जज्बा देश की पूरी दुनिया में पताका फहरा रहा है. पिछले साढ़े चार वर्षों में टीम इंडिया के साथ माननीय प्रधानमंत्री जी ने जिस तरह काम किया है और देशहित में फैंसले लिए हैं, भले ही वह कड़वे रहे हो. देश आज उन पर गर्व कर रहा है. ऐसा कर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के नायक बन गए हैं. जिन्होंने हम युवाओं को देश के मायने समझाए हैं. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज नया भारत बन रहा है और आगे बढ़ रहा है. उनका यह बड़प्पन है कि उन्होंने इसका श्रेय देश की १२५ करोड़ से अधिक की आबादी को दिया है. देश के युवाओं को उनका साफ़ सन्देश है कि वे जहां भी है जैसी भी स्थिति में है अपनी पूरी निष्ठा के साथ काम करेगा. देश को आज इसी की जरुरत है. उनका यह भी कहना है कि देश के लोग अनर्गल बातों पर न ध्यान दें और न करें. देश ने आज अपने कार्य और फैंसलों से ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बना ली है. दुनिया का हर देश आज भारत के साथ न सिर्फ आगे बढ़ना चाहता है बल्कि भारत के हिसाब से वह खुद को तैयार भी कर रहा है. आज जो भारत बन रहा है कल उस पर न सिर्फ देश के लोग बल्कि पूरी दुनिया नाज़ करेगी. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने ही हमें बताया है कि बड़े कामों के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए. यह हम तब कर पाते हैं जब हमारी नीयत साफ़ हो. सरकार आज अपनी साफ़ नीयत और सही विकास के साथ लोगों के बीच विश्वसनीयता की कसौटी पर खरी उतर रही है. यही कारण है कि देश अब अजेय भारत की ओर आगे बढ़ रहा है माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद मोदी जी के नेतृत्व में. प्रधानमंत्री जी को उनके 68वें जन्मदिन की मैं भारतीय जनता युवा मोर्चा की हरियाणा प्रदेश इकाई के हजारों युवा कार्यकर्ताओं की ओर से एक बार पुन: बधाई देता हूं.

आप यशस्वी हों. दीर्घायु हों. प्रधानमंत्री जी देश आपको प्यार करता है और आपको पाकर गर्व और सम्मान की अनुभूति महसूस करता है.

Saturday, 16 September 2017

मोदी जी के नेतृत्व में शुभ एवं श्रेयस्कर भारत निर्मित हो रहा है

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी नया भारत बनाने की बात कर रहे हैं। वे भारत को भौतिक दृष्टि से ही नहीं बल्कि नैतिक दृष्टि से भी सशक्त बनाना चाहते हैं। स्वतंत्रता के सातवें दशक में पहुंचकर पहली बार ऐसा आधुनिक भारत खड़ा करने की बात हो रही है जिसमें नये शहर बनाने, नई सड़कें बनाने, नए कल-कारखानें खोलने, नई तकनीक लाने, नई शासन-व्यवस्था बनाने के साथ-साथ नया इंसान गढ़ने का प्रयत्न हो रहा है। एक शुभ एवं श्रेयस्कर भारत निर्मित हो रहा है।
जब से माननीय श्री नरेन्द्र मोदी जी प्रधानमंत्री बने हैं, एक नई सभ्यता और एक नई संस्कृति करवट ले रही है। नये राजनीतिक मूल्यों, नये विचारों, नये इंसानी रिश्तों, नये सामाजिक संगठनों, नये रीति-रिवाजों और नयी जिंदगी की हवायें लिए हुए आजाद मुल्क की एक ऐसी गाथा लिखी जा रही है, जिसमें राष्ट्रीय चरित्र बनने लगा है, राष्ट्र सशक्त होने लगा है, न केवल भीतरी परिवेश में बल्कि दुनिया की नजरों में भारत अपनी एक स्वतंत्र हस्ती और पहचान लेकर उपस्थित है। चीन की दादागिरी और पाकिस्तान की दकियानूसी हरकतों को मुंहतोड़ जबाव पहली बार मिला है। चीन ने कभी कल्पना भी नहीं की होगी कि सीमा विवाद को लेकर डोकलाम में उसे भारत के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ेगा। यह सब मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व का प्रभाव है। उन्होंने लोगों में उम्मीद जगाई, देश के युवाओं के लिए वह आशा की किरण हैं। इसका कारण यही है कि लोग ताकतवर और तुरन्त फैसले लेने वाले नेता पर भरोसा करते हैं ऐसे कद्दावर नेता की जरूरत लम्बे समय से थी, जिसकी पूर्ति होना और जिसे पाकर राष्ट्र केवल व्यवस्था पक्ष से ही नहीं, सिद्धांत पक्ष भी सशक्त हुआ है। किसी भी राष्ट्र की ऊंचाई वहां की इमारतों की ऊंचाई से नहीं मापी जाती बल्कि वहां के राष्ट्रनायक के चरित्र से मापी जाती है। उनके काम करने के तरीके से मापी जाती है।

हमारे राष्ट्रनायकों ने, शहीदों ने एक सेतु बनाया था संस्कृति का, राष्ट्रीय एकता का, त्याग का, कुर्बानी का, जिसके सहारे हम यहां तक पहुंचे हैं। मोदीजी भी ऐसा ही सेतु बना रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी उसका उपयोग कर सके। मोदीजी चाहते हैं कि हर नागरिक इस सेतु बनाने के लिये तत्पर हो। यही वह क्षण है जिसकी हमें प्रतीक्षा थी और यही वह सोच है जिसका आह्वान  है अभी और इसी क्षण शेष रहे कामों को पूर्णता देने का, क्योंकि हमारा भविष्य हमारे हाथों में हैं। 

हमारी सबसे बड़ी असफलता है कि आजादी के 70 वर्षों के बाद भी हम राष्ट्रीय चरित्र नहीं बना पाये। राष्ट्रीय चारित्र का दिन-प्रतिदिन नैतिक हृास हो रहा था। हर गलत-सही तरीके से हम सब कुछ पा लेना चाहते थे। अपनी स्वार्थ सिद्धि के लिए कर्तव्य को गौण कर दिया था। इस तरह से जन्मे हर स्तर पर भ्रष्टाचार ने राष्ट्रीय जीवन में एक विकृति पैदा कर दी थी। न केवल यूपीए के 10 वर्ष के शासन से बल्कि क्षेत्रीय पार्टियों एवं राज्यों में उनकी अलोकतांत्रिक एवं भ्रष्ट गतिविधियों से जनता ऊब चुकी थी और विपरीत एवं अराजक स्थितियां जनता को बार-बार अहसास दिला रही थी कि देश को एक ताकतवर नेता की जरूरत है जो कड़े त्वरित फैसले ले सके। लोग मोदीजी के हर फैसले का सम्मान कर रहे हैं। जब राजनीति निर्णायक हो तो चुनावी राजनीति भी निर्णायक हो जाती है। भारत की यह खासियत है कि जब-जब संक्रमणकाल आया, जनता ने स्वयं अपना नेता चुन लिया। नरेन्द्र मोदी को जनता ने स्वयं चुना है इसलिए वे जन-जन के नेता बन चुके हैं, सशक्त एवं तेजस्वी जननायक हैं।

नरेन्द्र मोदी शून्य से शिखर तक पहुंचे राजनीतिज्ञ ही नहीं बल्कि कुशल प्रशासक एवं प्रखर राष्ट्रनिर्माता हैं। राजनीतिक सफलता के लिये कूटनीति एवं राजनीतिक दांवपेंच जरूरी होते हैं और इसमें मोदीजी माहिर हैं, सिद्धहस्त हैं, लेकिन उनकी नजरों में सत्ता से ज्यादा अहमियत सिद्धान्तों की है। उनकी अपनी मौलिक सोच है, संकल्प है, सपना है और सार्थक प्रयत्न है। जिस दौर में लोगों की राजनीतिज्ञों के प्रति कोई आस्था नहीं, उस समय मोदीजी की लोकप्रियता में कोई कमी न आना, उनका जादू कायम रहना, चुनाव में भी कुछ बाधाओं को छोड़कर भाजपा को जीत दिलवाना और अपने विदेश दौरों के दौरान लगातार कूटनीतिक सफलताएं हासिल करना हैरान कर देने वाला है। इसका कारण है कि बदलती भारत की व्यवस्था के मंच पर बिखरते मानवीय मूल्यों के बीच अपने आदर्शों को, उद्देश्यों को, सिद्धान्तों को, परम्पराओं को और राजनीतिक जीवनशैली को वे नया रंग दे रहे हैं कि उससे उभरने वाली आकृतियां हमारी  न केवल वर्तमान पीढ़ी को बल्कि भावी पीढ़ी को भी आश्वस्त कर रही है, सही रास्ता दिखा रही है। दरअसल उन्होंने जनता का भरोसा जीत लिया है। दिन-रात अथक परिश्रम करके उन्होंने देश-विदेश में भारत को गौरव दिलाया है। वह गौरव जिसकी राष्ट्र को कई वर्षों से दरकार थी। सर्जिकल स्ट्राइक, स्वच्छता अभियान, योग को विश्व गरिमा प्रदान करना, नोटबंदी, भ्रष्ट राजनीतिज्ञों पर नकेल कसना और जीएसटी जैसे बड़े फैसले लेकर उन्होंने दिखा दिया कि एक ईमानदार एवं पारदर्शी सरकार क्या-क्या कर सकती है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एक दृढ़ संकल्पी एवं मनोबली व्यक्तित्व हैं। एक दृढ़ मनोबली व्यक्ति के निश्चय के सामने जगत् किस तरह झुक जाता है। बाधाएं अपने आप हट जाती हैं। जब कोई मनुष्य समझता है कि वह किसी काम को नहीं कर सकता तो संसार का कोई भी दार्शनिक सिद्धांत ऐसा नहीं, जिसकी सहायता से वह उस काम को कर सके। यह स्वीकृत सत्य है कि दृढ़ मनोबल से जितने कार्य पूरे होते हैं उतने अन्य किसी मानवीय गुणों से नहीं होते। मोदीजी जैसे मनोबली राजनीतिज्ञ दूसरा व्यक्तित्व न उनके अपने दल में है और न विपक्ष में।

मोदीजी का एक नया भारत बन रहा है। नये भारत का एक ऐसा प्रारूप प्रस्तुत हो रहा है जिसमें गरीबी, राजनीतिक भ्रष्टाचार, धार्मिक संघर्ष, अस्पृश्यता, नशे की प्रवृत्ति, मिलावट, रिश्वतखोरी, शोषण, दहेज और वोटों की खरीद-फरोख्त को विकास के नाम विध्वंस का कारण माना जा रहा है। भ्रष्टाचार और सुशासन में भाजपा को कोई घेर नहीं सकता। जनता को लोकतंत्र का असली अर्थ समझ में आने लगा है। जानकारी का अभाव मिटने लगा है। लोकतंत्र के सूरज को घोटालों और भ्रष्टाचार के बादलों ने घेरना बन्द कर दिया है। ज्यादा समय नहीं लगेगा कश्मीर की समस्या को सुलझने में। आतंकवाद और नक्सलवाद को भी समाप्त होना ही है। हमें ऐसी ही किरणों को जोड़कर नया सूरज बनाना होगा, नया भारत बनाना होगा। कुछ चीजों का नष्ट होना जरूरी था, अनेक चीजों को नष्ट होने से बचाने के लिए। जो नष्ट हो चुका वह कुछ कम नहीं, मगर जो नष्ट होने से बच गया वह उस बहुत से बहुत है। 


मन की बातकरने वाले मोदीजी देश के लिये ही सोचते हैं, देश के लिये ही करते हैं, देश के लिये ही जीते हैं। जबकि अब तक की राजनीति में सब कोई अपने लिये और अपने स्वार्थों के लिये जी रहे थे। सबसे बड़ी पार्टी की कुछ ऐसी ही गलत नीतियां रही है कि आज उसका सफाया हो चुका है। भारत को कांग्रेस मुक्त करने के संकल्प को पूरा करने में मोदीजी को ज्यादा वक्त नहीं लगा। भाजपा ने राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस की जगह ले ली है। बात कांग्रेस की ही नहीं, बात राष्ट्रीय चरित्र को धुंधलाने की है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी ने बिहार में चुनावी हार को जीत में बदलने में कितना समय लिया? देश की कुल आबादी के करीब सत्तर फीसदी पर भाजपा का शासन हो चुका है। यह सब मोदी जी का नहीं, उन मूल्यों का जादू है जिनसे लोकतंत्र मजबूत बनता है, राष्ट्र मजबूत बनता है, समाज मजबूत बनता है और व्यक्ति मजबूत बनता है। कोई भी व्यक्ति दूसरों की नकल कर आज तक महान् नहीं बन सका। सफलता का अनुकरण नहीं किया जा सकता। मौलिकता अपने आप में एक शक्ति है जो व्यक्ति की अपनी रचना होती है एवं उसी का सम्मान होता है। संसार उसी को प्रणाम करता है जो भीड़ में से अपना सिर ऊंचा उठाने की हिम्मत करता है, जो अपने अस्तित्व का भान कराता है। 

Thursday, 25 May 2017

गर्व करने के तीन साल. देश दीवाना मोदी का...


लगभग 6 दशक बाद सन 2014 में केंद्र में पूर्ण बहुमत के साथ बनी भाजपानीत एनडीए की सरकार को बने आज 26 मई को 3 साल पूरे हो गए. भारतीय जनता पार्टी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ काम के प्रति अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ देश को बदलाव के रास्ते पर आगे ले जा रहे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार ने इन बीते 3 वर्षों में उन कार्यों पर ध्यान केन्द्रित कर नीति और कार्यक्रम बनाते हुए फैंसले लिए है, जिससे आज सामान्य जन की जिन्दगी में आया बदलाव साफ दिखाई देता है. सरकार और सरकार के किसी भी नुमाइंदे पर भ्रष्टाचार का कोई भी धब्बा न लगना सरकार की श्रेष्ठ उपलब्धियों में से जहां सबसे ऊपर रखी जाएगी. वहीं, कार्यों को लेकर बदली कार्यसंस्कृति से सरकार में बैठे छोटे-बड़े सभी लोगों में काम करते हुए आगे बढ़ने की प्रतिस्पर्धा साफ़ दिखाई देती है. देश की यह पहली सरकार है जिसे हम नतीजा देने वाली सरकार कह सकते हैं. यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की नीतियों और कार्यक्रमों में देश के करोड़ों-करोड़ों लोगों के किए गए भरोसे के निवेश को दर्शाता है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की नीतियों को आज देश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार काम करते हुए आगे बढ़ाने में सबसे बड़ी सहायक सिद्ध हो रही है. भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय श्री अमित शाह जी ने हाल ही में टीवी चैनलों को दिए अपने इंटरव्यू में बहुत प्रेरक बात कही है कि भारतीय जनता पार्टी देश में सरकार चलाने के लिए नहीं, देश चलाने के लिए काम कर रही है. जिससे आज देशभर में चौतरफा काम करने का माहौल बना हुआ है. ऐसा हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रेरक संदेशों और काम करने के तरीको और लिए जा रहे फैंसलों से हुआ है. यही कारण है कि सकारात्मक उर्जा से लबरेज़ देश की नौजवान पीढ़ी अपने नए आईडिया से काम करते हुए देश और दुनिया को अचरज में डाल रही है. देश की 125 करोड़ की आबादी से भी अधिक लोगों के मिले भरोसे से माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी देश और जनहित में निर्णायक फैंसला लेते हुए आगे बढ़ रहे हैं. ऐसे फैंसलों पर देश की जनता अपने भरोसे की मुहर भी लगाती जा रही है. ऐसे फैंसलों में बीते महीनों लिया गया नोटबंदी का फैंसला मुख्य रूप से सामने रखा जा सकता है. वहीं, देश की बाहरी और आंतरिक सुरक्षा से कोई भी समझौता न करना सरकार की पहचान और ताकत बन गई है. पड़ोसी पाकिस्तान देश में घुसकर आतंकी ठिकानों पर की गई सर्जिकल स्ट्राइक और छत्तीसगढ़ व झारखण्ड में नक्सलियों को ठिकाने लगाना सरकार का साहसिक कदम कहा जा सकता है. भारतीय सेना ने जिस प्रकार सफलतापूर्वक सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया, उसके लिए उसकी जितनी प्रशंसा की जाएं वह कम है. यह भारतीय सेना की पहचान है. ताकत है.


मुझे आपके सामने यह बात कहते हुए काफी गर्व और ख़ुशी की अनुभूति हो रही है कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के स्तर पर लांच की गई मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजना से जुड़कर और काम कर देश नए भारत के निर्माण के लिए न सिर्फ पूर्ण रूप से तैयार हो गया, बल्कि वह आगे भी बढ़ चला है. जिसे माननीय प्रधानमंत्री जी ने न्यू इंडिया विज़न का नाम दिया है. आज तकनीक किस प्रकार हमारे जीवन को बदल रही है उसे समय रहते समझते हुए डिजिटल इंडिया का जो कांसेप्ट हमें मिला है उसने युवा पीढ़ी को तो एक प्रकार से दीवाना बना दिया है. आज कोई भी काम हो उसमें हमारे देश की नौजवान पीढ़ी की यह दीवानगी देखी जा सकती है. हमारी यही पीढ़ी है जो अपने से अधिक उम्र के लोगों को इस क्षेत्र में तकनीक के स्तर पर शिक्षित कर उसे बनते नए भारत की मुख्यधारा में लाने का काम कर रही है. यहां मैं स्किल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया का भी जिक्र करना जरुरी समझता हूँ. प्रधानमंत्री जी की उज्ज्वला योजना ने तो एक प्रकार से देश की करोड़ों गृहणियों की जिन्दगी में उजाला ला दिया. अब से पहले हमारी गृहणियों को खाना बनाते समय जहां लकड़ियों और कोयले की धुआं से अपना स्वास्थ्य दाँव पर लगाना पड़ता था वहीं, आज ऐसी गृहणियों को सरकार ने गैस सिलेंडर पहुंचाकर उनका स्वास्थ्य बचा लिया. इस बीच पहल योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर पर उपभोक्ताओं की मिलने वाली सब्सिडी उनके बैंक खाते में सीधी ट्रान्सफर करने का ऐतिहासिक काम सरकार ने किया है. सरकार के इस निर्णय और काम से पहले इस काम में भ्रष्टाचार का जो नाला बह रहा था उसे हमेशा के लिए खत्म कर देने का काम भी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने किया है. ‘एक देश – एक कर’ लाने वाली यह पहली सरकार है. जिसे जीएसटी का नाम दिया गया है. इस जीएसटी के अस्तित्व में आने से पहले देश के लोगों को कई तरह के करों का बोझ उठाना पड़ रहा था जो उनके लिए असहनीय हो गया था. मैं कहता हूँ कि इस सरकार का आप कोई भी काम उठाकर देख लें वह अपने नतीजों से सामान्य जन की जिन्दगी में बदलाव लाने वाला कारक साबित हो रहा है. प्रकाश पथ योजना के जरिए आज देश का वह कोना भी एलईडी बल्ब से जगमगा रहा है जहां देश की आज़ादी के 60 साल बाद भी रोशनी का एक कतरा तक उनके नसीब में नहीं था. इस बीच कितनी ही सरकार आई और चली गई. संक्षेप में कहूं तो केंद्र सरकार की मेक इन इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, जन धन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्किल इंडिया, बेटी बचाओ – बेटी पढ़ाओ जैसी और भी कई योजनाएं हैं जिन्होंने सरकार के सफलतापूर्वक किए जा रहे कार्यों के बीते तीन वर्षों में अपना प्रभाव छोड़ा है. लोगों में उम्मीद जताई है. भरोसा पैदा किया है. यहाँ मैं सरकार की वन रैंक वन पेंशन योजना का भी जिक्र करना चाहूँगा. जिससे वर्षों से चली आ रही हमारे पूर्व सैनिकों की मांग को मान लिया है. सचमुच माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की अगुवाई में केंद्र में काम कर रही एनडीए की सरकार के बीते तीन साल पर हम गर्व कर सकते हैं. हालांकि अभी बहुत काम करना बाकी है, प्रधानमंत्री जी की नीतियों, कार्यक्रमों और विकास की योजनाओं पर होने वाले कार्यों को लेकर देश की जनता ने जो धैर्य दिखाया है और भरोसा इस बात का जताया है कि हां, प्रधानमंत्री जी ने जो कहा है वह वे करेंगे. एक प्रकार से कहे तो देश आज माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का दीवाना हो चला है. उनकी दीवानगी देश के जन-जन के मुंह से सुनी जा सकती है. यह मैं ही नहीं कह रहा हूँ, देश का कोई भी अखबार हो या न्यूज़ चैनल जनता के बीच किए गए अपने सर्वे में सब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के कार्य पर मुहर लगा रहे हैं. 

Wednesday, 5 April 2017

आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है. हम यह उत्सव मनाएं और इस उत्सव में जन-जन को शामिल करें.


आज भारतीय जनता पार्टी का स्थापना दिवस है. इस दिन की आप सभी कार्यकर्ता, वरिष्ठ पदाधिकारियों और प्रेरणाप्रद संस्थापकों को इस दिन की शुभकामना. बधाई. भारतीय जनता पार्टी का जन्म और गठन जिस सोच, विचार, उम्मीद और भरोसे के साथ किया गया और जिसमें देश के करोड़ों लोगों के भरोसे का निवेश हुआ है उसे देखते हुए भारतीय जनता पार्टी आज देश की मांग बन गई है, समय की जरुरत बन गई है. हम सब कार्यकर्ताओं के लिए यह गर्व की बात है कि हमारी भारतीय जनता पार्टी की रीति, नीति, कार्यक्रम से आज आमजन खुद को जुड़ा हुआ पा रहा है. ऐसा पार्टी के प्रति करोड़ों कार्यकर्ताओं की मेहनत, समर्पण और निष्ठा की वजह से हो पाया है. सचमुच आज हम सब कार्यकर्ताओं के लिए उत्सव का दिन है. हम यह उत्सव मनाएं और इस उत्सव में जन-जन को शामिल करें.

भारतीय जनता पार्टी एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है जो कार्यकर्ताओं से बना है. इस पार्टी में किसी के लिए भी कोई पद आरक्षित नहीं है. हर कार्यकर्ता अपना काम कर रहा है और आगे बढ़ रहा है. काम और दायित्व का निर्वहन कैसे किया जाता है यह इस पार्टी में ही रहकर सीखा जा सकता है. भारतीय जनता पार्टी ही एकमात्र वह राजनीतिक पार्टी है जो देश और समाज के निर्माण के मूल मन्त्र को ध्यान में रखकर अपना काम कर रही है. भारतीय संस्कृति और सभ्यता देश-दुनिया में कैसे फैले और मज़बूत हो इस पर भी पार्टी के नीति निर्माता लगातार काम करते हैं जिनके सन्देश को आम कार्यकर्ता समाज के बीच फैलाते हैं. इसीलिए यह कहा जाता है कि भारतीय जनता पार्टी देश और राज्यों में सत्ता में आने की ही राजनीति नहीं करती है, उसका काम मनुष्य का सर्वांगींण विकास करना है.

पिछले दशकों में भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ताओं ने जिस तरह की मेहनत की है और अपने कार्य को अंजाम दिया है उससे भारतीय जनता पार्टी उन राज्यों में सरकार बनाने में सफल रही है जहां कांग्रेस और क्षेत्रीय दल सत्ता में रहना अपना अधिकार समझते थे. यही कारण है कि बीते 2014 के आम चुनाव में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ केंद्र में सरकार बनाने में सफल रही और उसके बाद देश के सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश के हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में तीन चौथाई बहुमत से जीत हासिल कर भारतीय जनता पार्टी ने जन-जन की पार्टी होने का गौरव हासिल कर लिया. यही कारण है कि भाजपा आज देश के विमर्श के केंद्र में नहीं है बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी हमारी भारतीय जनता पार्टी की चर्चा हो रही है. हमारे सुदृढ़ चुनाव प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के काम करने के तरीके पर शोधकर्ता शोध करने में लगे हैं. यह भारतीय जनता पार्टी का क़माल है.


देश आज जिस प्रकार युवा हो चला है और युवा उर्जा से भरा हुआ है, उसी को देखते हुए हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के सामने न्यू इंडिया का विज़न रखा है. इस विज़न को ध्यान में रख कर ही भारतीय जनता पार्टी भी अपनी नीतियाँ बना रही है, कार्यक्रम तय कर रही है. भाजपा ने देश के लोगों का आह्वान किया है कि वे इस काम में अपनी भूमिका तय करें. वे इस पार्टी को और देश को आगे और किन बुलंदियों पर ले जाना चाहते हैं उसी को ध्यान में रख कर अपना आईडिया दें, विचार दें, कार्यक्रम बताएं. क्योंकि भाजपा आज सबकी है. सब भाजपा के हैं. यही बात भाजपा को और मज़बूत करती है. जन-जन से जोड़ती है. आखिर में हम इस बात पर आज गर्व करते हैं कि हम राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता है. आप सब को इस दिन की पुन: शुभकामनाएं. 

Wednesday, 23 November 2016

नोटबंदी पर गुमराह करने वाले लोगों को बता दीजिए देश कमजोर नहीं है...


प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के देश में नोटबंदी के फैंसले के बाद बैंकों के बाहर पैसे निकलवाने के लिए घंटो कतार में खड़े लोगों की अधीरता, बेसब्री को विपक्ष के लोग जिस प्रकार हवा दे रहे हैं, उसे लोगों को ही समझने की आज सबसे अधिक जरुरत है। जरुरत इसलिए कि उनकी यह स्थिति क्योंकर बनी? कौन है इसका जिम्मेदार? समय आ गया है ऐसे लोगों को, राजनैतिक दलों को, सरकारों को जानने का, समझने का, पहचानने का। जिन्होंने प्रधानमंत्री के एक फैंसले से पूरे भारत की अधीरता, बेसब्री और तात्कालिकता को सामने ला दिया। उजागर कर दिया। यह देश के लोगों की कमजोरी है। जिसे देश के लोगों को ही समझने की सबसे अधिक जरुरत है। आखिर ऐसी व्यवस्था कैसे विकसित हो गई, जिसमें बहुत से लोगों की जाने चली जाने की बात कही जा रही है। निश्चित रूप से यह सोचने, समझने, जानने का समय है कि कैसे एक राजनैतिक दल कांग्रेस जिसने देश पर छह दशक तक राज कर देश में जमाखोरी, कालाबाजारी, भ्रष्टाचार कर कालाधन जमा करने की प्रवृति को बढ़ावा देते हुए अपने काम से, व्यवहार से, नीतियों से, कार्यक्रमों से देश के लोगों को भ्रष्ट बना दिया। रिश्वतखोर बना दिया। जमाखोर बना दिया। कालाबाजारी करने वाला बना दिया। उससे लोगों चरित्र, मानसिकता, स्वभाव और काम करने व फैंसला लेने तक को प्रभावित कर दिया। कोई भी काम ईमानदारी से करना जैसे काम न होने की गारंटी बन गया। हम बेईमान और धूर्त होते चले गए। हर काम में शार्टकट अपनाना हमारे लिए जरुरी हो गया और इस सब में हम इतना आगे बढ़ गए कि हमें यह पता ही नहीं चला कि हम अंदर से कितने कमजोर हो गए। खासकर मानसिक स्तर पर। विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाले देश को इतना कमजोर होना चाहिए? वह देश जो आज वैश्विक स्तर के हर मंच पर मजबूती से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। अपने काम से। व्यवहार से। नीतियों से। कार्यक्रमो से। फैंसलों से। जिससे चहुंओर हमारी सराहना हो रही है। फिर हमारा पड़ोसी मुल्क चीन जहां बूढ़ा होता जा रहा है वहीं भारत जवान हो रहा है। देश के लिए यह स्थिति आगामी 30-35 वर्षों तक बनी रहेगी, जो हमारे लिए खुशी की बात है। फिर हम तेजी से काम करते हुए सबसे अधिक विकसित राष्ट्रों की श्रेणी में आ खड़े हुए हैं। दुनिया का हर देश आज हमारे साथ कदम से कदम मिलाकर चलना चाहता है। काम करना चाहता है। जब स्थिति यह है तो हम क्यों भ्रष्ट होने का धब्बा हमारे माथे पर लगाएं। कालाबाजारी करें। रिश्वतखोर बनें? क्यों? क्या हम हमारी युवा पीढ़ी को ऐसा बनाना चाहते हैं? ऐसा भारत देश देना चाहते हैं? जबकि युवा पीढ़ी किसी भी राष्ट्र की मेरुदंड होती है। क्या इसे हम कमजोर कर दें? आखिर बीते लोकसभा चुनाव में श्री नरेंद्र मोदी जी को प्रधानमंत्री के रूप में हमने इसीलिए चुना था न कि उनसे हमने देश से कालाधन समाप्त करने और विदेशों में जमा कालेधन को देश में लाने का वादा लिया था। ऐसे में वे इस पर निर्णायक फैंसला लेते हैं और स्थिति को ठीक करने के लिए कुछ दिन की मोहलत मांगते हैं तो फिर दिक्कत कहां है और क्यों है? इसे समझना होगा। क्या हम हमेशा शिकायत ही करते रहेंगे? समाधान की तरफ नहीं बढ़ेंगे? देश के प्रधानमंत्री ने नोटबंदी कर कालेधन, भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ एक कदम आगे बढ़ाया है, जबकि इस सबके खिलाफ 125 करोड़ कदम आगे बढ़ाने की जरुरत है। ऐसे में देश-दुनिया और खासकर उन लोगों को जो प्रधानमंत्री के इस कदम की आलोचना कर रहे हैं, उनके काम करने और निर्णय लेने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें शांत और धैर्य रखकर यह बता दीजिए कि यह बदलते और बदल गए भारत देश की ताकत है। जिसके बूते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश हित में, जनहित में एक के बाद एक फैंसले लेते जा रहे हैं। काम करते जा रहे हैं। इसीलिए वे कहते हैं कि आप चलें या न चलें---देश चल पड़ा है।

Monday, 31 October 2016

हम कामना करें म्हारा हरियाणा आगे बढ़े और बढ़ता ही जाए....


आज हरियाणा स्थापना के 50 साल पूरे हो रहे हैं। इन 50 सालों में हरियाणा ने कई उतार - चढ़ाव देखे हैं। आगे बढ़ने के तो कई मामलों में पीछे रह जाने के। जिनकी चर्चा हम आगे करेंगे। आज का यह दिन हरियाणवी होने का गर्व करने व हरियाणा को और आगे ले जाने का दिन है। ख़ुशी मनाने का दिन है। दिन इस बात का भी मनन करने का है कि हम हरियाणा को और बेहतर कैसे बना सकते हैं। उस स्थिति में जब कि हरियाणा ने वैश्विक स्तर पर लगभग प्रत्येक क्षेत्र में अव्वल रहने की अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। फिर चाहे वह क्षेत्र खेल का हो, शिक्षा का हो, विज्ञानं का हो, अंतरिक्ष का हो, उद्योग का हो। सभी में हरियाणा ने देश का परचम फहराया है। अपनी शुरुआत से ही हरियाणा मेहनतकश लोगों का प्रतिनिधित्व करता आया है। कृषि इस क्षेत्र की रीढ़ है तो कल कारखाने हरियाणा के विकास का चमकता हुआ चेहरा है। ऐसे में इस हरियाणा पर किसको गर्व नहीं होगा और कोई क्यों हरियाणा में नहीं रहना चाहेगा ? यहां के गबरू जवानों और पहलवानों की दुनिया भर में मिसाल दी जाती है। "देसां म्ह देस हरियाणा - जित  दूध -दही का खाणा" इस प्रदेश की पहचान है। देश की सीमा पर खड़ा लगभग हर दसवां जवान हरियाणा से है। हरियाणा का प्रमुख शहर गुरुग्राम आज अपने विकास और दुनियाभर की सभी प्रमुख आईटी कंपनियों का मुख्यालय होने के कारण लघु भारत का रूप ले चूका है। गुरुग्राम ही वह शहर है जहाँ दिल्ली के बाद मेट्रो ने सबसे पहले दस्तक दी है। यहाँ की लाइफस्टाइल और विकास की बन रही योजनाएं प्रदेश के अन्य सभी छोटे-बड़े शहरों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही है। हरियाणा कई वर्षों बाद आज इस बात पर गर्व कर सकता है कि उसे भारतीय जनता पार्टी की टिकाऊ सरकार मिली है। ऐसा प्रदेश की जनता का भारतीय जनता पार्टी की रीति-नीति में अपने भरोसे के निवेश के चलते हो पाया है। हरियाणा आज आयाराम गयाराम की राजनीति को अलविदा कह चूका है जो कभी इस प्रदेश की राजनीति की पहचान हो गई थी। यहाँ यह कहना भी जरुरी हो जाता है कि कृषि प्रधान प्रदेश होने और सिर्फ दूध और बासमती चावल ही पैदा नहीं करता बल्कि देश में बनने वाली हर दूसरी कार हरियाणा में बनती है। देश का हर तीसरा टू व्हीलर और हर दूसरी क्रेन हरियाणा में बनती है। गुरुग्राम की आईटी, फरीदाबाद की लाइट इंजीनियरिंग, पानीपत के हैंडलूम, कम्बल, अम्बाला की साइंस उपकरण इंडस्ट्री और करनाल की डेयरी इंडस्ट्री इस प्रदेश की प्रमुख पहचान बताती है। इससे आगे थोड़ा सा हम सोचे तो "देसां म्ह देस हरियाणा - जित दूध दही का खाणा" जैसी पुरानी कहावत को बदलकर हरियाणा आज "देसां म्ह देस हरियाणा - जहाँ कदम-कदम पर कारखाना" में तब्दील हो रहा है। जिसके चलते आज दुनिया भर के देश हरियाणा में करोड़ों-अरबों रूपये का निवेश करने आ रहे हैं। जिससे हरियाणा देश का सबसे विकसित प्रदेश बन गया है। यही कारण है कि कृषि, खेल, आईटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक निवेश में नई ऊंचाइयों को छूकर 50 साल में हरियाणा जवान हो गया है। खेल में क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय पहचान और एनसीआर में आईटी कंपनियों की विकास की रफ़्तार से प्रदेश ने नई उड़ान भरी है। कृषि डेयरी क्षेत्र की उपलब्धियां और राज्य में निवेशकों के रूझान ने नई ऊर्जा का संचार किया है। हरियाणा के पास आज गर्व करने के लिए सब कुछ है। जिनका नाम और उल्लेख करना शुरू करे तो लिखने को पन्ने कम पड़ जाएंगे। यह ऋषि मुनियों का प्रदेश है, पानीपत का युद्ध इसी प्रदेश में हुआ तो गीता का ज्ञान भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन को कुरुक्षेत्र में दिया। महर्षि ऋषि की तपोभूमि इसी प्रदेश के नारनौल क्षेत्र में स्थित ढोसी के पहाड़ पर है। लेकिन इन सब उपलब्धियों पर गर्व करने के बावज़ूद हम जब महिलाओं और बच्चियों की स्थिति की ओर देखते है तो हमें इस क्षेत्र में बहुत अधिक काम करने की जरुरत है। फिर चाहे मामला उनको जन्म देने का हो, शिक्षा का हो, स्वास्थ्य का हो या उनके जीवन यापन का। हमें सभी क्षेत्रों में अधिक से अधिक काम करने की जरुरत है। मेरा यह स्पष्ट मानना है कि कोई भी देश हो या प्रदेश बिना आधी आबादी को साथ लिए आगे नहीं बढ़ सकता। ऐसे में आज एक नवंबर हरियाणा का दिन है। दिवस है। जिसे मनाने के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सहित अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और भी बहुत अतिथि हरियाणा के गुरुग्राम में आ रहे हैं। इस अवसर पर सभी का स्वागत है, सत्कार है। 

Tuesday, 25 October 2016

जनता के भरोसे के साथ आगे बढ़ रही है हरियाणा सरकार...

हरियाणा की ढाई करोड़ जनता को साथ लेकर और साथ चलकर सफलतापूर्वक दो साल पूरे कर आज तीसरे साल में प्रवेश कर रही प्रदेश की भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री को बधाई। इस सरकार में जनता ने जिस प्रकार अपने भरोसे का निवेश किया है उसके लिए जनता का आभार। जनता इस बात के लिए निश्चिन्त रहे कि सरकार उसके इस भरोसे को टूटने नहीं देगी। "हरियाणा एक - हरियाणवी एक" का जो सूत्र और नारा मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दिया है वह हरियाणा प्रदेश की एकता, भाईचारा, सामाजिक सद्भाव, सौहार्द के साथ विकास के रास्ते पर एक होकर आगे बढ़ने का है जिसे प्रदेश की जनता ने स्वीकार किया है। यह हरियाणा की ताकत को दर्शाता है। इसमें कोई शक नहीं कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में प्रदेश की भाजपा सरकार आगे बढ़ रही है, लेकिन अभी सरकार को बहुत से काम करने है जिनका वादा जनता से किया हुआ है। आने वाले तीन सालों में सरकार अपने वादों को न सिर्फ पूरा करेगी बल्कि उन समस्याओं का भी समाधान करेगी जिसने हरियाणा को आज भी अपनी गिरफ्त में ले रखा है। हरियाणा आज इस बात पर गर्व कर सकता है कि उसके प्रदेश में आज पढ़ी-लिखी पंचायतों का गठन हो गया है और सरकार का प्रत्येक काम पारदर्शिता के साथ हो रहा है। जिसकी कभी भी, कोई भी तसदीक कर सकता है। यही  कारण है कि सरकार के दो साल के शासन में उस पर भ्रष्टाचार करने या काम में अनियमितता बरतने का आरोप लगा हो। यह सरकार की सफलता और विश्वसनीयता है। सरकार प्रदेश की समस्याओं का समाधान करने और विकास का चौतरफा माहौल बनाकर रोज़गार के नए-नए क्षेत्र विकसित  करने का जो काम कर रही है उससे विदेशी निवेशक आज हरियाणा में निवेश करने के लिए लाइन में खड़े हैं और निवेश कर रहे हैं। जिससे प्रदेश के युवाओं को आने वाले समय में नौकरी और रोज़गार की व्यवस्था बनेगी। इस बीच पिछले कई वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब प्रदेश को एक टिकाऊ सरकार मिली है। इस सरकार को लेकर विपक्ष भले ही कंफ्यूज हो, लेकिन जनता कंफ्यूज नहीं है। वह भाजपा के साथ है, सरकार के साथ है। विपक्ष को आज इसी बात का मलाल है, वह हताश है। यह समस्या विपक्ष की है, भाजपा की नहीं, सरकार की नहीं। प्रदेश में ऐसा भी पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री मनोहरलाल जी जनता से पूछ कर काम कर रहे हैं। इस संबंध में उनकी हर बात में एक ही सवाल होता है कि विकास के काम जनता की राय से किए जाए। मुख्यमंत्री की इस बात के लिए तारीफ करनी होगी कि आगामी एक नवम्बर को हरियाणा अपनी स्थापना के 50 साल पूरे करने पर स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। जिसका शुभारंभ करने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी खुद गुरुग्राम आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस बारे में तारीफ़ इस बात की कि उन्होंने इस समारोह को मनाने के लिए सभी राजनीतिक दलों के राजनेता, सांसद, विधायक, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक तक को आमन्त्रित किया है, एक किया है। क्योंकि यह समारोह हरियाणा का है। प्रदेश की महिलाएं आज इस बात पर गर्व कर सकती है कि उनके साथ हो रहे किसी भी शोषण, अन्याय और अत्याचार की शिकायत करने के लिए प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर महिला पुलिस थाने खोल दिए गए है और आने वाले दिनों में ब्लॉक स्तर पर खोले जाने की योजना बन रही है। ऐसे में यह सरकार जनता की है, मुख्यमंत्री जनता के है, जनता अपने मुख्यमंत्री और सरकार से प्रदेश के हित में कोई भी बात कह सकती है, कर सकती है। सत्तारूढ़ भाजपा का अग्रिम संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा का प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते मैं यह बात पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूँ कि आने वाले समय में जनता के काम करने में और तेजी आएगी। जिससे प्रदेश विकास के रास्ते पर आगे बढ़ता जाएगा। एक बार पुनः मुख्यमंत्री और सरकार को शुभकामनाएं। 

Saturday, 22 October 2016

किंगमेकर होता है कार्यकर्ता


गुरुग्राम के डीएलएफ फेज - II स्थित अपने कार्यालय पर भारतीय जनता युवा मोर्चा, हरियाणा के नवनियुक्त प्रदेश पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों को संबोधित करते हुए। 

कोई भी राजनीतिक दल हो, संगठन हो, पार्टी हो। उसको नेतृत्व देने और नेता बनाने का काम कार्यकर्ता करते हैं। इसलिए नेतृत्व, नेता और पदाधिकारी बदलते रहते हैं लेकिन कार्यकर्ता अपने काम की वजह से हमेशा बनें रहते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं का महत्व, उपयोगिता और अनिवार्यता कभी कम नहीं होती। इसलिए कार्यकर्ताओं को गर्व होना चाहिए कि वे कार्यकर्ता है। खासकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को तो यह गर्व की अनुभूति इस अर्थ में भी बड़ी और महत्वपूर्ण हो जाती है कि वे आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। जो अपनी मेहनत, लगन और निष्ठा से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के रूप में देश को और श्री अमित शाह जी के रूप में भारतीय जनता पार्टी को नेतृत्व दे रहे हैं। ऐसे  कार्यकर्ताओं को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं है। भारतीय जनता युवा मोर्चा इस पार्टी का अग्रिम संगठन है। हरियाणा में इसका नेतृत्व करने का दायित्व केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने मुझे सौंपा है। लेकिन मैं इस दायित्व का तभी सफलतापूर्वक क्रियान्वन कर पाऊंगा जब प्रत्येक कार्यकर्ता का समर्थन और सहयोग मुझे मिलेगा। मुझे ख़ुशी इस बात की है कि संगठन के कार्यकर्ताओं ने इस सब को देने और संगठन को आगे बढ़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है। 

बीते सप्ताह हरियाणा में मोर्चा के सभी प्रदेश पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा कर दी गई है। ऐसे सभी पदाधिकारी और जिलाध्यक्षों को काम करने की शक्ति और सहयोग कार्यकर्ताओं से मिलेगा ऐसी मैं उम्मीद करता हूँ। मैं इस बात को ऊपर कह चूका हूँ कि कार्यकर्ता किंगमेकर होता हैं। पदों पर काम करने वाले लोग बदलते रहते हैं। इसलिए कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरुरत नहीं है वे अपना काम करते रहें। बस इस बात को ध्यान में रखे कि भारतीय जनता पार्टी और उसका अग्रिम संगठन भारतीय जनता युवा मोर्चा वह संगठन है जो अपने कार्यकर्ताओं को कभी निराश नहीं करता। ऐसा विश्वास कार्यकर्ताओं को अपने भीतर रखना होगा। इसमें धैर्य बनाए रखना बहुत जरुरी है क्योंकि धैर्य ही आदमी की सबसे बड़ी ताकत होती है। जो जितना धैर्य रखेगा उतना ही जीवन में प्राप्त करेगा। इसलिए आपको कब, कहां और किस भूमिका में रहना और रखना है यह काम संगठन के ऊपर छोड़ दें।

संगठन के नवनियुक्त सभी जिलाध्यक्षों से मैं कहना चाहता हूँ कि वे जल्द से जल्द अपनी कार्यकारिणी बनाकर प्रदेश नेतृत्व को सूचित करें और अपना काम शुरू कर दें। सभी जिलाध्यक्ष अपने कार्य को कार्यकर्ताओं की सलाह मशविरा से जितना अधिक करेंगे उतना ही उनके कार्य को मान्यता मिलेगी। सफलता मिलेगी। काम की उपयोगिता बढ़ेगी। यहां मैं एक बात और कहना चाहता हूँ कि युवाओं के प्रत्येक काम में विज़न दिखाई  देना चाहिए। इसके लिए पदाधिकारियों को चाहिए कि वे पार्टी और संगठन के बड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को काम करते हुए देखें कि ये लोग कैसे काम करते हैं। जब हम इस नज़रिए से चीज़ों को देखेंगे तो हमारी हर चीज़ और काम आसान होती चली जाएगी। इसलिए अपना काम शुरू कर दीजिए जिसकी पार्टी, संगठन, देश, प्रदेश और लोगों को जरुरत है। 

Monday, 10 October 2016

इस विजय दशमी पर लें आतंकवाद को खत्म करने का संकल्प।

आज विजयदशमी है। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। बुराई को जड़ मूल से खत्म करने के संकल्प का दिन। बुराई कोई भी हो। कहीं भी हो। यह हमारी जिम्मेदारी है। बदलते और आगे बढ़ते देश के लिए अब ऐसा करना जरुरी हो गया है। देश के नेतृत्व की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति और सेना के पराक्रम की बदौलत हाल ही में हमने जिस प्रकार पीओके में आतंकी ठिकानों पर सफल सर्जिकल स्ट्राइक की है उससे हमारे देश का हौंसला बढ़ा है। इस स्ट्राइक ने हमें हर बुराई को खत्म करने की एक शक्ति दी है, सीख दी है। यूं तो समाज में आज भी कई प्रकार की बुराइयां व्याप्त है, लेकिन बढ़ते आतंकवाद ने जिस प्रकार पूरी मानव जाति को अपनी गिरफ्त में ले रखा है उसे जड़ मूल से खत्म करने की बात और संकल्प को लेकर हम इस विजय दशमी पर्व को मनाएं तो इससे बढ़कर हमारे लिए आज और कोई बात नहीं हो सकती। 

इस आतंकवाद को खत्म करने की शुरुआत देश ने कर दी है। जिससे देश के फैंसला लेने की क्षमता में बढ़ोतरी हुई है और इसका असर नीचे तक देखने को मिला है। जरुरत इस बात की है कि हम इस बुराई को खत्म करने के लिए केवल सरकार और सेना पर ही पूरी तरह निर्भर ना हो जाएं। इस काम में हमें अपनी प्रभावी भूमिका को भी सुनिश्चित करना होगा। हमें यह देखना होगा कि हमारे आस-पास जहां पर हम हैं वहां आतंक जैसी कोई कार्रवाई तो नहीं चल रही है या अस्तित्व में तो नहीं आ रही है। इस आतंक का कोई भी रूप हो सकता है। ऐसे में हमें जरा भी यह लगे कि यह मानव जाति और शांति व्यवस्था के लिए हानिकारक हो सकता है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को दें। इस काम में देश और समाज को एक होकर रहना होगा। 

आतंकवाद से कोई एक जाति, धर्म, समुदाय, वर्ग के लोग ही पीड़ित नहीं हैं। पूरी मानव जाति के लिए यह जिस प्रकार खतरा बनकर सामने आया है उसे देखते हुए हमें खुद को इसके मुकाबले मज़बूत करना होगा। सबसे पहले इसके लिए हमें मानसिक स्तर पर मज़बूती दिखानी होगी और अपने अंदर यह भरोसा पैदा करना होगा कि हां हम इससे लड़ ही नहीं सकते, बल्कि इसे खत्म भी कर सकते हैं। हाल ही में पीओके में आतंकियों के खिलाफ हुई सफल सर्जिकल स्ट्राइक इसका प्रमाण है। हम इसके लिए हमारी सेना का बार - बार हौंसला बढ़ाते हैं उसका अभिनंदन करते हैं। निश्चित रूप से हमारी सेना ने भी आतंकवाद को खत्म करने का बीड़ा उठा लिया है। हम सेना के साथ हैं। 

हमें यह संकल्प लेना होगा कि आज हम जिस सदी में और समय में जी रहे हैं उसमे आतंकवाद जैसी बुराई की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। यह सदी विकास की सदी है। आगे बढ़ने की सदी है। समस्याओं का समाधान करने की सदी है। अमन-चैन की सदी है। भारत आतंकवाद को खत्म करने के संकल्प के साथ जिस प्रकार आगे आया है उससे वैश्विक स्तर पर उसे मज़बूती मिली है, नेतृत्व करने की क्षमता सामने आई है। वैश्विक बिरादरी को अब यह बात समझनी होगी कि आतंकवाद - आतंकवाद होता है। यह अच्छा या बुरा नहीं होता। जिस प्रकार एक देश आतंक और आतंकवादियों की पनाहगाह बना हुआ है जिसे लेकर उसे वैश्विक बिरादरी में अलग थलग करने की कार्रवाई ने तेजी पकड़ी है, उसे देखते हुए अब वैश्विक बिरादरी के देशों को इस सम्बन्ध में अपने दोहरे मापदंडों को छोड़ना होगा। उन्हें तिलांजलि देनी होगी। विजय दशमी पर्व विजय का पर्व है। इस दिन हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने और उसे खत्म करने का संकल्प कर आगे बढ़ें तो हम निश्चित रूप से इसमें सफलता प्राप्त कर लेंगे। ऐसे में वह दिन दूर नहीं होगा जब भारत आतंकवाद मुक्त देश बनने वाला वैश्विक मंच पर पहला देश होगा। 

Saturday, 1 October 2016

फैंसला आपको करना है कि आप गाँधी जी के किस विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं ?




आज राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी की 147 वीं जयंती है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को हम बापू के नाम से भी जानते है और संबोधित भी करते हैं। गाँधी जी ने देश को आज़ाद कराने से लेकर आगे बढ़ने का विचार हमें दिया था। जो आज भी प्रासंगिक है। गाँधी जी का इस बारे में कोई एक विचार नहीं है। उन्होंने कई ऐसे विचार दिए जिनमें से किसी एक पर भी अमल कर हम काम करना शुरू कर दें तो वह हमें देश सेवा के लिए आगे ले जाता है। गाँधी जी ने हमें अहिंसा, शराब और किसी भी नशाखोरी से दूर रहना, स्वच्छता रखना जीवन में और अपने आसपास, स्वदेशी अपनाना, खादी पहनना, इत्यादि .... इत्यादि। इन सभी विचारों में से कोई एक विचार जिसके सबसे नज़दीक आप अपने आप को रखते है या पाते है बस उसी पर काम करना शुरू कर दें। यही देश की और समाज की सबसे बड़ी सेवा होगी। सही मायने में तो आज गाँधी जी के हर विचार पर तेजी से काम करने की जरुरत है। ऐसा हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बार-बार कहते हैं। वे यह बात यूँही नहीं कह रहे। वे गाँधी जी के हर विचार को देश के लिए एक विज़न के रूप में देखते हैं। आज जब पर्यटन हमारी बढ़ती इकॉनमी का प्रमुख क्षेत्र बनकर उभरा है तो हमें इसके लिए स्वच्छता के काम को हाथ में लेना होगा। ख़ुशी इस बात की है कि प्रधानमंत्री ने स्वच्छता के प्रति लोगों को जिस प्रकार जोड़ा है और नज़रिया बदलने में सफल हो रहे है उससे स्वच्छता के काम ने जनआंदोलन का रूप ले लिए है। यह सही है कि स्वच्छता का काम किसी समयसीमा में नहीं बांधा जा सकता। यह ताउम्र और लगातार काम की मांग करता है। देश के पढ़े-लिखे नौजवान जितना इस क्षेत्र में काम करेंगे उतना ही यह रोज़गार और स्वरोज़गार का रूप भी लेगा। स्वच्छता या सफाई के काम को किसी एक जाति या समुदाय का काम मानकर नहीं छोड़ सकते। अब इस सोच और नज़रिए का समय और जमाना गया। देश आगे बढ़ गया है। इन दिनों जिस तरह की एक सोच बनी है कि शौचालय का निर्माण करने से हम स्वच्छता और सफाई के उद्देश्य की पूर्ती कर लेंगे। यह गलत है। स्वच्छता से जुड़े जितने भी विषय और क्षेत्र है उन सब पर हमें एक विज़न मानकर काम करना होगा। जिसमें हर हाल में कूड़े का निस्तारण करना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हमारे देश में जितने भी छोटे-बड़े प्राकृतिक, ऐतिहासिक और पौराण्विक महत्व के पर्यटन स्थल है उन सब का भ्रमण कर वहां हम साफ़-सफाई की स्थिति का जायजा लेकर इस  काम को आगे बढ़ा सकते है। ऐसा कर हम हमारे शहरों को भी साफ़ करने का काम करेंगे। इसमें हम एक काम और अच्छा कर सकते है वह यह कि सफाई के काम को हम पढ़ाई के दौरान पार्टटाइम के रूप में भी कर सकते है। अमेरिका में कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अपनी पढाई और जीवनयापन का खर्चा खुद उठाते हैं। क्या हमारे देश के नौजवान ऐसा नहीं कर सकते ? यकीन मानिए जब हम इस सोच के साथ इस काम को करना शुरू करेंगे तो न सिर्फ हम अपनी बेरोज़गारी को भी खत्म करेंगे बल्कि देश के आर्थिक कोष में भी हम अपना योगदान देंगे, जिसकी आज सबसे अधिक जरुरत है। इससे भी आगे बढ़कर यह काम अगर हम कर गए तो यह बदलते और नए भारत का राष्ट्रीय चरित्र भी बन जाएगा, जो जनसामान्य के लिए प्रेरणा का काम करेगा। 

इसी प्रकार हम अपने जीवन में किसी भी प्रकार की हिंसा को स्थान न देते हुए गाँधी जी के अहिंसा के विचार को फैला सकते है, बढ़ा सकते है। जनसामान्य को बता सकते है कि गाँधी जी ने बिना हिंसा के देश के लोगों को आज़ादी के लिए एकत्रित कर अंग्रेजों को देश से खदेड़ने में जो सफलता प्राप्त की वैसा कर हम हमारे देश को समाज को हिंसा मुक्त नहीं कर सकते ? बिल्कुल हम ऐसा कर सकते है क्योंकि हिंसा हमारा स्वभाव नहीं है। सर्वधर्म सम्भाव के मार्ग पर चलने वाले लोग है हम। ऐसे ही हम शराब बंदी के क्षेत्र में काम कर सकते हैं। वहीँ स्वरोज़गार अपनाकर हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं। फैंसला आपको करना है कि आप अब गाँधी जी के किस विचार के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं ?


Thursday, 29 September 2016

सेना ने दिया आतंकवाद को मुंहतोड़ जवाब। बधाई।



पीओके में आतंकवादियों के खिलाफ सेना का सफल सर्जिकल ऑपरेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को बताता है। सेना के ज़ज़्बे को बधाई। प्रधानमंत्री को बधाई। इस सफल सर्जिकल ऑपरेशन ने बता दिया है कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरी तरह सुरक्षित है। इसमें कोई शक नहीं कि करीब 10 दिन पहले उड़ी में हुए भारतीय सैनिकों पर जानलेवा हमला, जिसमें सेना के 19 जवान शहीद हो गए थे। देश के लोग सरकार से इस बारे में दुश्मन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की न सिर्फ मांग कर रहे थे बल्कि सरकार से उम्मीद भी कर रहे थे कि सरकार को इस बारे में कुछ न कुछ कठोर कदम उठाने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में स्वयं आगे आकर कोझीकोड में अपने संबोधन में देश को आश्वस्त किया कि वे सैनिकों की इस शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे, जिन्होंने यह किया उन्हें उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बुधवार की रात को पीओके में सेना की ओर से आतंकियों के ठिकानों को नेस्तनाबूत कर देश को यह बता दिया कि उनके लिए देश का स्वाभिमान सबसे ऊपर है वे जनभावनाओं को समझते है और कोई इस मुगालते में हो कि देश कमज़ोर है या देश की सहनशक्ति अपार है। इस काम में सेना ने जिस ज़ज़्बे का प्रदर्शन किया है उसके लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा की हरियाणा इकाई की ओर से पूरी सेना को बधाई। इस सेना के सफल सर्जिकल ऑपरेशन ने हम युवाओं को देश के प्रति समर्पित होने और काम करने का नया उद्देश्य दिया है, हौंसला दिया है, शक्ति दी है। सोचने और समझने का नया नज़रिया दिया है। युवा इस नज़रिये के प्रति कृतज्ञ हैं। पीओके में आतंकवादियों के खिलाफ सेना के इस सफल सर्जिकल ऑपरेशन ने सरकार की जबरदस्त कूटनीति को भी हमारे सामने रखा है कि किस प्रकार दुश्मन को खत्म करने से पहले किन-किन चीज़ों पर काम किया जाता है। अच्छा होता कि इस कार्रवाई से पहले पाकिस्तान भारत की इस बात को सुन लेता, समझ लेता कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ हिंसक कृत्य है। मानवाधिकार का उल्लंघन है। दुर्भाग्यवश पाकिस्तान इस बात को नहीं समझा, जबकि भारत ने विश्व के कई मंचों से यह बात उठाई और समझाई। इस कार्रवाई के बाद भी पाकिस्तान नहीं समझ रहा है इस बात को। यही कारण है कि इस वक्त कोई भी देश पाकिस्तान के साथ नहीं खड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह स्पष्ट ही कर दिया है कि पीओके में भारतीय सेना की यह कार्रवाई आतंकियों के खिलाफ थी न कि पाक के खिलाफ। बावज़ूद इसके पाकिस्तान बौखला रहा है तो यह इस बात का सबूत है कि पाकिस्तान एक आतंकी देश है जहाँ आतंकवाद फलता-फूलता है। संरक्षण मिलता है। हम युवा एक बार फिर प्रधानमंत्री, सरकार और सेना को इस सफल कार्रवाई के लिए बधाई देते है। वास्तव में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि अब देश आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। 

Tuesday, 20 September 2016

कन्या भ्रूण हत्या - जो काम समाज को करना चाहिए वह सरकार को करना पड़ रहा है।


हरियाणा में कन्या भ्रूण की आए दिन हो रही हत्या को रोकने और उसे दुनिया में आने देने के लिए सरकार के "बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ" कार्य्रकम के माध्यम से लोगों से कन्या भ्रूण हत्या न करने और जन्म देकर पढ़ाने, पैरों पर खड़ा करने की अपील प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी से लेकर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल जी तक सब कर रहे हैं। सरकार का यह कार्यक्रम निश्चित रूप से प्रशंसीय है। पहले भी इस तरह के कई कार्यक्रम हुए हैं और हो रहे है, लेकिन बात इतने भर से होने वाली नहीं हैं। हमें समझना होगा कि ऐसी योजनाएं और कार्यक्रम अपने लक्ष्य को तभी प्राप्त कर सकते हैं जब समाज इसमें अपनी प्रभावी भूमिका का निर्वाह करेगा।

यह कितने शर्म और दुःख की बात है कि बच्चियों के रूप में देश की आधी आबादी को मां के गर्भ में खत्म कर देने की घृणित और घिनौनी कार्रवाई हमारे घरों में आज भी जारी है और हमें इसके लिए रत्ती भर भी किसी प्रकार का अपराधबोध तक नहीं होता बल्कि ऐसा करने की देखा-देखी की एक होड़ समाज के खासकर मध्यम वर्ग के परिवारों में ज्यादा दिखाई दे रही है। अचरज देखिये की जिस डॉक्टर को हमने भगवान् का दर्ज दे रखा है वही, इस अपराध में बराबर का सहभागी बना हुआ है। जब हालात यह हैं तो सुधार की उम्मीद किससे और कैसे की जाए ? क्या हर समस्या का समाधान सरकार ही है ? हद देखिये कि जो काम समाज को करना चाहिए उसे सरकार को करना पड़ रहा है। 

नहीं। सरकार इस समस्या का समाधान नहीं है। समस्या का समाधान खोजने से पहले समस्या को जानना जरुरी है। आखिर हम लोग आधी आबादी को बच्चियों के रूप में मां के गर्भ में ही खत्म कर देने पर आमादा क्यों हो रहे है या हो गए है ? इसका संबंध किससे है ? क्या किसी ने सोचने और समझने की कोशिश की है, और अगर की भी है तो उसने अब तक क्या किया ? दरअसल, जहाँ तक बात समझ में आती है इसका संबंध हमारी गरीबी से है, बेरोज़गारी से है, दहेज़ जैसी जानलेवा बीमारी से है, महंगी हो रही शिक्षा से है, सुरक्षा से है। जिसकी परिणीति शायद बच्चियों को मां के गर्भ में ही मार देने के रूप में देखने को मिली है, लेकिन यह समस्या का समाधान कतैई नहीं है और न हो सकता है, न इसका समर्थन किया जा सकता है, न जायज़ ठहराया जा सकता है।

चूँकि लड़कियों को हम शुरू से ही पराया धन मानते आ रहे हैं जिसके कारण भी उसे इस खूबसूरत दुनिया में आने ही नहीं देने की सोच हमने बना ली। सोच इसलिए कि अगर वह इस दुनिया में आएगी भी तो उसके स्वास्थय की, शिक्षा की, सुरक्षा की और एक अच्छा वर ढूंढने की जिम्मेदारी उठानी पड़ेगी। हमने इसे बेवजह की परेशानी मान ली और इससे छुटकारा पाने की सबसे किफायती तरकीब (उसे पेट में ही खत्म करदो) ढूंढ ली। जिसके चलते प्रदेश में हर रोज़ कहीं न कहीं बच्चियों को मां के गर्भ में ही खत्म कर देने की ख़बरें देखने, सुनने और पढ़ने को मिल रही हैं। पता लगने पर सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कारवाई अम्ल में ला रही हैं। जब यह खबर और सच्चाई हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पता चली तो हरियाणा में "बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ" शीर्षक से हुई रैली में लोगों से उन्हें बेटियां बचाने की भीख मांगनी पड़ी, जो हम सब के लिए शर्म की बात है।

ऐसे में सवाल उठता है कि जो काम समाज को करना चाहिए, वह सरकार को क्यों करना पड़ रहा है, जबकि यह जिम्मेदारी समाज की है। समाज को समझना कि आधी आबादी को साथ लिए बगैर न कोई समाज, न देश, न प्रदेश आगे बढ़ सकता है। न उन्नति कर सकता है और न लंबे समय तक जिंदा रह सकता है। किसी भी क्षेत्र में। लेकिन समाज भी क्या करे ? वह अब तक न गरीबी से बाहर आ पाया है, न अशिक्षा से, न असमानता से। आखिर क्या वजह है कि देश में सरकारें तो बदलती रही लेकिन समाज नहीं बदला, न सोच बदली, न व्यवस्था बदली ? जो हमारी ऐसी और अन्य सभी बीमारियों की जड़ है।

सवाल उठता है क्या हम इस स्थिति को यूं ही बना रहने दे या बेटियों को इस खूबसूरत दुनिया में लाने से पहले यह देखें कि हमारी सरकारें उनके लिए, उनके जीवनयापन के लिए क्या और कितना काम कर रही है ? योजनाएं ला रही है ? क्या बेटियों के प्रति हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं ? समाज में पेरेंट्स अपनी बच्चियों को क्या जवाब देंगे, जब बच्चियां बड़ी होकर उनसे सवाल करेंगी कि सरकार की योजनाओं की ध्यान में रखकर ही आपने हमें जन्म दिया ? क्या पेरेंट्स बच्चियों के ऐसे सवालों का जवाब दे पाएंगे ?

यह सही है कि पेरेंट्स की आज सबसे बड़ी चिंता बच्चियों की सुरक्षा को लेकर है, जिसमें सरकार अपना काम प्रभावी तरीके से कर रही है। लेकिन यहीं यह सवाल भी उठता है कि बच्चियों से ही घर-परिवार की मान-मर्यादा क्यों ? आबरू क्यों ? लड़कों से क्यों नहीं ? अच्छी बात यह हो रही है कि समाज में अब यह सवाल उठने लगा है, भले ही सवाल उठाने वाले आज गिनती में हैं, लेकिन कल यही गिनती असंख्य होगी। तब शायद समाज की आँखें खुले। ऐसे में हमारी बच्चियां मां की कोख में ही न मारी जाएँ और उन्हें इस खूबसूरत दुनिया में आने दिया जाए, जिससे समाज में पूरी तरह बिगड़ चुके सेक्स रेशो को सुधार कर सही धरातल पर लाया जा सकें। इसके लिए हमें सबसे पहले गरीबी पर फोकस करना होगा, बेरोज़गारी पर फोकस करना होगा। समाज में अब तक बनी आ रही लड़के-लड़की को लेकर हर प्रकार की असमानता और भेदभाव को दूर करना होगा। साथ ही, समाज में हो रहे और होने वाले प्रेम विवाह और अंतरजातीय विवाह को बढ़ावा देते हुए मान्यता देनी होगी। हर व्यक्ति और परिवार के लिए रोज़गार की व्यवस्था करनी होगी। करेंगे ना यह ?

Friday, 16 September 2016

ऐसे हैं हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जो हमारी जिंदगी में तोहफे के रूप में आए और हममें उम्मीदें जगा दी


मारे प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का आज 67वां जन्मदिन है। भारतीय जनता युवा मोर्चा हरियाणा के हम सभी युवा उन्हें अपने हृदय की गहराइयों से शुभकामना प्रेषित कर रहे हैं और ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि वे दीर्घायु हों। देश के करोड़ों लोगों की दुआएं उनके साथ हैं। सचमुच में नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री के रूप में हमारी जिंदगी में तोहफे के रूप में आए और हममें देश के लिए जीने और काम करने की उम्मीदें जगा दी। उन्होंने यह भी कहा हैं कि देश के लिए कोई दूसरा बदले, हम खुद क्यों न बदलें। उनका यह कथन हम युवाओं के लिए प्रेरणाप्रद बन गया है वहीँ, उन्होंने बदलाव की सही और वास्तविक परिभाषा से भी परिचय कराता है। 


नरेंद्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनकर अब से करीब दो साल पहले देश को निराशा के गर्त से निकालकर हमारे अंदर नए सिरे से सोचने, समझने, काम करने और आगे बढ़ने की जिस प्रकार उम्मीदें जगाई थी वह सभी हमारे और देश के बदलाव के कारकों में गिनी जाती हैं। जिससे हमारा हर साल, महीना और दिन बदलाव की नई परिभाषा लिख रहा है। जिसका आज पूरा वैश्विक समुदाय कायल हो गया है और आगे बढ़कर इस भारत देश का स्वागत कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि देश के 80 करोड़ युवा अब भारत का भाग्य बदलेंगे और लिखेंगे। नरेंद्र मोदी जी ने हम युवाओं को राजनीति करना भी सिखाया है और यह भी बताया है कि राजनीति में कैसे आगे बढ़ा जाता है। उन्होंने हम युवाओं को यह भी सन्देश दिया है कि सकारात्मक राजनीति से चीज़ें बदलती हैं और उनमें स्थाई बदलाव आता है, जो देश, प्रदेश और समाज की उन्नति के लिए जरूरी है। 

उन्होंने देश की समस्याओं के लिए राजनीति को जिस प्रकार सबसे बड़ी समस्या बताया है उसे हम युवाओं को समझने की सबसे अधिक जरूरत है। वह राजनीति जो देश का निर्माण करती है। समाज को नई रोशनी में लेकर आती है। समाधान के रास्ते भी राजनीति ही बताती है। उन्होंने पिछले ही महीने mygov.in कार्यक्रम में इस बात को बहुत स्पष्ट रूप से कहा कि कभी-कभी समस्याओं की जड़ में सरकारें भी होती हैं। हमें यह समझने की जरुरत है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में बदलाव लाने का काम सरकार की नीतियों, निर्णयों और डिलीवरी में निहित है। सही मायने में सरकार इस मोर्चे पर लगातार सफल होती जा रही है, जिसका नतीजा हमें सरकार के प्रत्येक कामकाज में दिखाई दे रहा है। उन्होंने ऐसा देश में नई कार्य संस्कृति का आगाज़ कर दिखाया है जो नतीजे देने वाली होती है, प्रधानमंत्री जी ने इस कार्य संस्कृति का इसी 15 अगस्त को लालकिले से अपने भाषण में देश के लोगों के बीच इसका जिक्र भी किया था। 

मैं भारतीय जनता युवा मोर्चा की ओर से प्रधानमंत्री जी का इस बात के लिए धन्यवाद् करूँगा कि वे अपने हर काम और हर बात को पब्लिक डोमेन में ला रहे हैं। वे आह्वान भी कर रहे हैं कि लोगों को सरकार के हर काम से जुड़ना चाहिए और अपनी राय व्यक्त करनी चाहिए। उनके जन्मदिन पर आज उनके 'नरेंद्र मोदी ऐप' से और अधिक जोड़ने का नए युवाओं का आह्वान किया गया है। इतने स्पष्ट, पारदर्शी तरीके से काम करने वाला निडर प्रधानमंत्री देश को आज तक नहीं मिला है। यह नरेंद्र मोदी जी की देश के प्रति काम करने की संकल्प और इच्छाशक्ति ही है जिन्होंने देश को आज वैश्विक पटल पर अग्रणी देशों की कतार में लाकर खड़ा कर दिया है। विश्व का आज कोई भी ऐसा देश नहीं, जो भारत की अनदेखी कर दे। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को यह बताने और समझाने में सफल हुए हैं कि नेता का विश्वसनीय होना कितना जरुरी है। जिस पर लोग भरोसा कर सकें। यह नरेंद्र मोदी जी का ही कमाल हैं कि कैसे एक नेता, जिसने कभी केंद्र की राजनीति नहीं की, एक प्रदेश गुजरात का मुख्यमंत्री रहा और अपनी मेहनत, लगन, काम करने की इच्छाशक्ति, स्पष्ट विज़न और निर्णायक होते हुए देश का प्रिय नेता बन गया। यह बात बिल्कुल सही है कि आदमी को अपनी ज़िन्दगी में, अपने काम में निर्णायक होना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हमें यह भी बताया कि जिन कामों की और या चीज़ों की और मुंह फेर कर चल देते हैं और एक वर्ग विशेष का ही काम समझते है वह हमारे लिए कितना महत्व रखती है मतलब स्वच्छता। सफाई। शौचालय। उन्होंने बिल्कुल सही कहा है कि स्वच्छता का काम हमारे स्वभाव से जुड़ा है। देश के विभिन्न प्रदेश आज जिस प्रकार कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में है उसका एक बड़ा कारण यही है। 

हम चाहे तो अपने स्तर पर इस समस्या को खत्म करने में योगदान दे सकते हैं। हमें यह योगदान देना भी चाहिए। अपनी बात के आखिर में मैं सभी युवाओं का आह्वान करता हूँ कि वे प्रधानमंत्री जी के देश के विकास और आगे बढ़ने को लेकर बनाए गए कार्यक्रम मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, स्टार्टअप इंडिया, स्टेण्डअप इंडिया, स्किल इंडिया, जन-धन योजना से सीधे जुड़ें और जन-जन तक इसकी महत्ता और उपयोगिता बताएं। इसे समझें और इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। एक बार फिर हमारे प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को उनके इस जन्मदिवस पर संगठन और प्रदेश के सभी युवाओं की ओर से उन्हें अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूँ। वे हम युवाओं के लिए हमेशा प्रेरणापुंज बने रहें। स्वस्थ रहें। दीर्घायु हों। 

Monday, 12 September 2016

बदलते भारत की ताकत ।


हरियाणा में पूर्ण बहुमत की भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद बीते दो साल में प्रदेश के युवाओं ने राजनीति को जिस तेजी से समझा है और उसमें अपनी जगह बनाई है, उससे एक बात साफ तौर पर कही जा सकती है वह यह कि बेवजह के मुद्दों पर लोगों को गुमराह कर वोट हथिया लेने वाली राजनीति आपके और हमारे बीच से खत्म हो रही है और उसकी जगह विकास की राजनीति ले रही है। इस राजनीति को हमने बीते लोकसभा और विधानसभा चुनाव में देखा है।

यह बदलाव की राजनीति है। जिसमें लोगों ने अपने भरोसे का निवेश किया है। भारतीय जनता पार्टी और सरकार के प्रति लोगों का यह भरोसा बना रहे। इस बात की जिम्मेदारी हम युवाओं की मतलब भारतीय जनता युवा मोर्चा की बनती है। ऐसा हम कैसे कर पाए तो इसका सीधा सा उत्तर है-हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से। जिन्होंने देश के लोगों खासकर युवाओं से एक ही बात कही, वह यह कि आप चलें या न चलें, देश चल पड़ा है-प्रदेश चल पड़ा है, और कमाल देखिए कि देश चल पड़ा। बदलाव के रास्ते पर। विकास के रास्ते पर। अपनी समस्याओं के समाधान के रास्ते पर। तकनीक के रास्ते पर। यह वह समय था जब प्रधानमंत्री ने देश को यूपीए के दस साल के शासन से उपजी गहरी निराशा के गर्त से देश को उबार लिया था। यही नहीं, देश को वैश्विक मंच पर शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में नए सिरे से स्थापित कर दिया। भारत का डिजीटल होना क्यों और कितना जरुरी है यह बता भी दिया और समझा भी दिया।

यह है बदलता भारत-बदलते भारत की ताकत। 

हम युवाओं के काम करने से बनी भारत की आर्थिक ताकत की गूंज आज पूरे विश्व के कोने-कोने में सुनाई दे रही है तो हरियाणा विश्वभर के निवेशकों को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने के लिए आकर्षित कर रहा है। जिससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार मिल सके। हर प्रकार काम मिल सके। यह भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों का कमाल है। जनहित में लिए जा रहे फैंसलों का कमाल है। पारदर्शी तरीके से काम कर रही सरकार की साफ-सुथरी सोच का कमाल है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की हरियाणा एक-हरियाणवी एक सोच का कमाल है। जिसने हरियाणा प्रदेश को एकता और भाईचारे के सूत्र में और मजबूती से बांधने का काम किया है। हरियाणा और हरियाणा के सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने के लिए। यह है हरियाणा का भाईचारा। जिसकी मिसाल पूरे देश में दी जाती है। 

यह सब कुछ हमने अपने सामने भाजपा के पक्ष में खड़े होकर अपने लिए गए फैंसलों से होते हुए देखा है। यकीनन हम ऐसा कर पाए हैं। जब, हमने भाजपा के प्रति अपने अंदर के विश्वास को पहचाना। युवाओं का, आमजन का यह विश्वास आगे भी बना रहे। इसके लिए तय मानिए, भाजपा और भाजयुमो प्रदेश के किसी भी युवक को या जन को निराश नहीं होने देगा।

भाजपा-भाजयुमो

जिसने सत्ता बदल दी। राजनीति बदल दी। राजनीति करने वाले बदल दिए। सोच बदल दी। सोचने का नजरिया बदल दिया। युवाओं में आगे बढऩे की ललक जगा दी। विकास के मायने समझा दिए। युवाओं के विमर्श को केंद्र में ला दिया।